दैनिक रेवांचल टाइम्स - मंडला आदिवासी बाहुल्य जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था लचर हो चुकी है और ग्रामीण अंचलों में जो चिकित्सा व्यवस्था जो चल रही वह केवल नाम की सरकारी के नाम केवल चेकप किया जा रहा पर दवाई बाहर से खरीदी जा रही है। वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीजाडांडी में मरीजों कि भारी दुर्गति हो रही है ! आसपास के छेत्र से आने मरीजों को उपचार नही मिल रहा ! इसी अस्पताल में लूट खसौट का खेल सरेआम चल रहा !प्राप्त जानकारी के अनुसार ब्लाक मेडिकल ऑफिसर की कार्यप्रणली के चलते व्यवस्था छिन्न भिन्न के सांथ चकना चूर हो गई है !यहां पर आने वाले मरीजों को निराशा ही हाँथ लगती समान्य बीमारी सर्दी बुखार का इलाज जैसे तैसे हो जाता लेकिन अन्य बीमारी के लिए न उपचार मिलता न ही दवाये सीधा जबलपुर रेफर किया जाना बताया जाना बताया जाता रहा है।
ऑफिसर के राज में कर्मचारियों की बल्ले बल्ले
वही वर्तमान ब्लाक मेडिकल ऑफिसर राज में सरकार से पगार पाने कर्मचारियों की बल्ले बल्ले है! हंसी उड़ाकर कहते है इस अस्पताल की तो फिल्म बन जाये विश्वास पात्र सूत्र बताते है ऑफिसर की मेहरबानी से एनएचएम अकाउंटेंट और ऑफिस के कुछ कर्मचारी सिर्फ महीने में 5-6 दिन ईद का चाँद बनकर आते पूरे महीने की पगार लेते है।
प्रसव कराने की जा खुलेआम पैसे मांग
सूत्र बताने के साथ गाँव में ढिढोंरा पिट रहा इस अस्पताल में प्रसव के लिए आई महिला एवं उनके परिजनों से पैसा की मांग की जाती मना करने पर जबलपुर रेफर की धमकी दी जाती जो जाँच का विषय है।

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