मण्डला नैनपुर: जब भी किसी पर अत्याचार होता है, किसी तरह की मुसीबत आती है, तो वह पुलिस स्टेशन की ओर दौड़ता है। यह मानव व्यवहार है कि पांच मिनट पहले जिस पुलिस को भला बुरा कह रहे है, अगले ही पल वे रक्षक नजर आते हैं। सच तो यह है कि भारतीय व्यवस्था की जान हैं, पुलिस विभाग।
जब भी कठिन समय आया, पुलिस विभाग ने अपनी नींद और चैन खोकर हमारी रक्षा की। इन दिनों मध्यप्रदेश में लाखो पुलिस कर्मचारी और अधिकारी लोगों के लिए देवदूत का काम कर रहे हैं। न इनके दिन का ठिकाना है, न रात का पता... नहाना, धोना, खाना-पीना तक मुहाल है। यहां तक कि ये अपने बच्चों को गोद में भी नहीं उठा पा रहे हैं।
वायरस के चलते ये अपने परिवारों से भी दूरी बनाए हुए हैं। इनके पास अभी है तो सिर्फ काम... काम और बस काम... काम भी इतना है कि काम के घंटे की बात करना बेमानी हो जाता है। अस्पताल पहुंचाना हो तो पुलिस... खाना खिलाना हो तो पुलिस... कहीं कोई फंस गया है तो पुलिस, हर काम के लिए पुलिस ही बुलाई जा रही है। जब हमारे परिवार के लोग हमें घरों से निकलने नहीं दे रहे हैं, ऐसे में वे अपने दिन-रात घरों से बाहर बिता रहे हैं... इन लाखो देव दूतों को मध्यप्रदेश की जनता का सलाम....
देश में चल रहे भयानक महामारी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए हम तैयार हैं। हमारे जवान हर हाल में लोगों की सुरक्षा कर रहे हैं। हम लोगों को जीवन उपयोगी सामान दूध, सब्जी, अनाज आदि उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। मण्डला जिले के पुलिस के जवान विपरीत परिस्थित में बेहतर काम कर रहे हैं। लोगों से अनुरोध कर रहे हैं कि वह कानून का पालन करते हुए अपने घरों में रहें।
नैनपुर से राजा विश्वकर्मा की रिपोर्ट



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