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उज्जैन के नीलगंगा थाना प्रभारी यशवंत पाल भी कोरोना से हारे - revanchal times new

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निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

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Tuesday, April 21, 2020

उज्जैन के नीलगंगा थाना प्रभारी यशवंत पाल भी कोरोना से हारे

इंदौर/उज्जैन. उज्जैन के नीलगंगा थाना टीआई यशवंत पाल (59) की कोरोना से इंदौर में इलाज के दौरान मौत हो गई है। 27 मार्च को उनके थाना क्षेत्र की अंबर कॉलोनी में संतोष वर्मा नामक युवक की मौत हुई थी। उसके बाद कंटेंटमेंट एरिया के आसपास की व्यवस्था टीआई खुद देख रहे थे। यहीं पर वे संक्रमित हुए और उनकी हालत बिगड़ती चली गई। लंबे इलाज के बाद इंदौर के अरविंदो अस्पताल में मंगलवार सुबह साढ़े 5 बजकर 10 मिनट पर उनकी मौत हो गई। मूलत: बुरहानपुर के रहने वाले पाल के परिवार में पत्नी और दाे बेटियां हैं। पत्नी मीना पाल तहसीलदार हैं। पाल का परिवार इंदौर के ही विजय नगर क्षेत्र में रहता है।
टीआई में 6 अप्रैल को हुई थी संक्रमण की पुष्टि
6 अप्रैल को दो मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। संक्रमितों में नीलगंगा टीआई यशवंत पाल और एक दिन पहले जान गंवाने वाली भार्गव मार्ग निवासी 65 वर्षीय महिला थी। अंबर कॉलोनी के क्वारैंटाइन एरिया के थाना प्रभारी पाल के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उनके संपर्क में रहने वाले 12 पुलिसकर्मियों को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए माधवनगर अस्पताल भिजवाया गया था। बताया जा रहा है कि पाल की बेगमबाग धरना स्थल पर काफी दिन तक ड्यूटी रही। एक महीने से उन्हें सर्दी और बुखार की हरारत बनी हुई थी। संभवत: इसी वजह से संक्रमण के शिकार हो गए।
अब तक परिवार की जांच रिपोर्ट नहीं आई
एडिशनल एसपी उज्जैन रूपेश कुमार द्विवेदी ने कहा कि पाल हमारे बीच नहीं रहे। वहीं, अरविंदाे हाॅपिस्टल के डाॅ. विनाेद भंडारी ने कहा कि टीआई पाल का पिछले 12 दिनों से यहां इलाज चल रहा था। जब से उन्हें यहां लाया गया था। उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी। उनकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। टीआई पॉल के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद उनकी पत्नी मीना और दोनों बेटियां फाल्गुनी और ईशा को एक होटल में क्वॉरैंटाइन किया गया है। करीब 15 दिन से वे क्वारैंटाइन हैं, लेकिन अब तक उनकी जांच रिपोर्ट नहीं आई है।
टीआई इतने लोगों के संपर्क में रहे, परिवार भी आकर मिला
  • लॉकडाउन के पहले तक धरना जारी था, जिसमें नीलगंगा टीआई ने ड्यूटी दी।
  • टीआई के साथ गाड़ी में ड्राइवर समेत चार पुलिसकर्मी साथ रहते थे।
  • 27 मार्च को अंबर कॉलोनी में संतोष वर्मा की कोरोना से मौत के बाद अगले दिन पूरे एरिया को सील कराया।
  • थाने के पीछे ही मल्टी में घर है, जहां दस से बारह परिवार रहते हैं।
  • परिवार इंदौर में रहता, टीआई मिलने नहीं गए, लेकिन परिवार मिलने आया।
  • 31 मार्च को नीलगंगा क्षेत्र में युवक की हत्या के बाद घटनास्थल की जांच की।
जूनी इंदौर टीआई की दो दिन पहले हुई काेरोना से मौत
ड्यूटी के दौरान संक्रमण का शिकार हुए जूनी इंदौर टीआई देवेंद्र कुमार चंद्रवंशी की शनिवार-रविवार दरमियानी रात अरबिंदो हॉस्पिटल में मौत हो गई थी। रात 11.30 उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई, 2.50 बजे तक डॉक्टरों ने रिकवर करने की कोशिश की, लेकिन 3 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। करोना के बाद उन्हें फेफड़ों में निमोनिया संक्रमण हो गया था, जो मौत का मुख्य कारण रहा। वे 19 दिन से अस्पताल में इस गंभीर बीमारी से लड़ रहे थे। रविवार दोपहर 12.30 बजे रामबाग मुक्तिधाम पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए परिवार को 50 लाख रु. मुआवजा और पत्नी को नौकरी देने की घोषणा की है। आईजी विवेक शर्मा ने कहा कि अब किसी पुलिसकर्मी में काेरोना के लक्षण मिले तो 24 घंटे के भीतर उसकी अनिवार्य जांच की जाएगी।

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