मंडला - देश में व्याप्त नोवल कोरोना वायरस के बचाव को लेकर चल रहे लॉकडाउन से प्रभावित जनजीवन के लिए यथा संभव मदद पहुंचाने मध्यप्रदेश की निवास विधानसभा के विधायक जो अपनी अनोखी और एक्टिव कार्यशैली के लिए जाने पहचाने जाते हैं, द्वारा लगातार एहतियाती प्रयास किये जा रहे हैं एक बार फिर विधायक मर्सकोले ने दलगत से हटकर जनहित के काम को सर्वोपरि रखकर जनता का सेवक होने का परिचय दिया है जिसकी चर्चा संचार क्रांति फ़ेसबुक, पेज, दूर संचार, whtsp के माध्यम से अन्य जिलों के साथ अन्य प्रदेशॊ मे भी हो रही है। कोरोना संकट को लेकर सबसे लॉकडाउन से ज्यादा प्रभाव गरीब मध्यम वर्ग को अनाज और अन्य आवश्यक सामग्री की उपलब्धता पर नज़र रख,स्वास्थ्य विभाग की सुरक्षा के साथ सर्विसेज पर नज़र, पुलिस और सफ़ाई कर्मियों की मेहनत के साथ अन्य विभागों का अमला जो दिन रात काम करने में लगा है ,जनता को उनकी आवश्यक जरूरत की चीजें उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर, पुलिस कप्तान, मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी और इन सबका सपोर्टिंग स्टाफ़, से सतत संपर्क बनाए हुए हैं, क्वारंटाइन हुए लोगों को तथा शहर में उपलब्ध भोजन सामग्री की व्यवस्था, पंचायतो नगर परिषद या नगरपालिका की व्यवस्था पर लगातार नज़र रख अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।सबसे बड़ी समस्या और चुनोती बाहर फॅसे मजदूरों को व्यवस्था देने उनको वापस लाने की है जिसपर लगातारबात कर रहे हैं, एक बात पर जिसमें कोटा से छात्रों को सरकारी सुविधाओं से वापस लाये हैं, वैसे ही मजदूरों को लाया जाय कि आवाज़ बुलंद किया । प्रदेश और अन्य प्रदेशॊ मे काम करने जाने वाले मजदूरो की स्थिति ऐसी है कि ना ही उनके पास वापस आने की व्यवस्था है, न ही भोजन पानी की उपलब्धता है, एसी परिस्थिति में देवदूत की भूमिका निभाने वाले जननायक विधायक जो कि प्रॉफेसनल विशेषज्ञ चिकित्सक भी जिनको चिकित्सीय सेवा का लंबा अनुभव भी है डॉक्टर और विधायक दोनों पदों के कार्य और उसकी जिम्मेदारी निभाते हुए लगातार क्षेत्र में उनकी सक्रियता से देखा जा सकता है। विद्यायक डॉ अशोक मर्सकोले द्वारा अपने प्रदेश हो या अन्य प्रदेशो मे फ़से मजदूर हों सभी को अपने गन्तव्य स्थान वापस लाने की माँग देश के ग्रह मन्त्री, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री,आदिम जाति कल्याण मंत्री और कलेक्टर मण्डला को पत्राचार करके की है, जिसे प्रदेश के मुख्यमंत्री ने गम्भीरता से लेते हुये सभी प्रदेश एवं अन्य प्रदेशॊ मे फ़से मजदूरो को वापस लाने की घोषणा की, है विदित हो कि इस सराहनीय पहल को लेकर भी विधायक मर्सकोले की चर्चा हर तरफ़ है महामारी के संकट मे यह भी देखा जा रहा है कि कोरोना संकट के दौरान सक्रियता के दृष्टिकोण से विधायक मर्सकोले ऐसे पहले जनप्रतिनिधि हैं जो कोरोना योद्धा के रोल में भी नजर आ रहे हैं इसका उदाहरण नित्य प्रतिदिन जिला मुख्यालय में बने विधायक कार्यालय में उस समय देखने को मिलता जब जिले के हर क्षेत्र का व्यक्ति वहा अपनी समस्या का निदान कराने पहुचता है सर्वविदित है कि सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष की विधायकी के दौरान विधायक डॉ अशोक मर्सकोले सड़क से सदन तक अपने अलग ही अन्दाज के साथ काम करने को लेकर जाने जाते हैं!
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