BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
कोरोना का कहर देशी फ्रिज पर भी, हजारों हो रहे बर्बाद - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

Wednesday, April 22, 2020

कोरोना का कहर देशी फ्रिज पर भी, हजारों हो रहे बर्बाद

देशी फ्रिज पर भी कोरोना का कहर, कुम्हार परिवारों को पेट पालना हुआ मुश्किल
  


गर्मी का मौसम प्रारंभ हो चुका है धीरे-धीरे वातावरण का मिजाज गर्म हो रहा है सूरज की तेज तपन से लोगों के कंठ सूखने लगे हैं सूखे कंठ को तर करने के लिए मिट्टी के मटके और सुराही का पानी पीना की सबसे ठीक माना गया है। वर्तमान में जब गर्मी का मौसम है तो कुम्हारों की याद आना स्वाभाविक है क्योंकि मिट्टी के मटके देसी फ्रीज इन कुम्हारों के द्वारा ही बनाए जाते हैं।।

*बॉक्स में (लॉकडाउन) के बीच 'रेवांचल टाइम्स के रिपोर्टर राजा विश्वकर्मा ने नैनपुर पिण्डरई नगर व अन्य गांव के कुम्हारों की व्यथा जानी। तब लोगो ने बताया कि यह लोग दोपहर की तपती धूप में काम करते हैं। वहां उन्होंने बताया कि मिट्टी के बर्तन तैयार है, बस अब तालाबंदी खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं। पर पुन: लॉकडाऊन की तिथि आगे बढ़ा दी गई इससे तो इस साल व्यापार होना संभव नजर नहीं आ रहा है।


इसके अलावा उन्हें जो अपनी व्यथा बताई वह काफी भयावह व प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करने वाली है तभी तो मिट्टी के बर्तन बनाने वाले इन कुम्हार परिवारों को पेट पालने के लिए लोहे के चने चबाने पड़ रहे हैं।गर्मी के इस मौसम में पिण्डरई नगर परिक्षेत्र के लगभग दर्जनों कुम्हार व्यवसायी मिट्टी के मटके सुराही इत्यादि बनाने का काम करते हैं। साथ ही अन्य जगहों पर जा कर मटके बेच आते है हर वर्ष की भांति गर्मी के सीजन के पूर्व ही मटका, सुराही बनाकर रख लिए जाते हैं उनके द्वारा अपने-अपने घरों के सामने मटका, सुराही को सजाकर तो रखे हैं परंतु कोरोना वायरस के कारण देश में टोटल लॉकडाउन के कारण मटका सुराही की बिक्री पर विराम लग गया है। ऐसे में इन लोगों के सामने बड़ी विकराल समस्या उत्पन्न हो गई है। यह व्यवसायी परेशान नजर आ रहे हैं। पालन पोषण की समस्या विकराल होती जा रही हैं। 

No comments:

Post a Comment