मण्डला - मध्यप्रदेश काँग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी के निर्देशन में बनी कोरोना त्रासदी के अगेंस्ट काँग्रेस की परामर्श समिति के सदस्य डॉ अशोक मर्सकोले का डिंडोरी दौरा रहा, मण्डला जहाँ लगातार ग्रीन जोन में है, पड़ोसी जिला डिंडोरी में एक कोरोना केस पॉजिटिव का मिला, उक्त संबंध में क्षेत्रीय विधायक और पूर्व मंत्री माननीय ओमकार मरकाम जी, विधायक भूपेंद्र मरावी जी, जिला काँग्रेस अध्यक्ष डिंडोरी विरेन्द्र बिहारी शुक्ला जी के साथ कलेक्टर डिंडोरी बी कार्तिकेय और मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी डिंडोरी डॉ आर के मेहरा से मुलाकात कर चर्चा किया, जिसमें कोरोना के विरुद्ध युद्ध में कार्यरत स्वास्थ्य महकमा, पुलिस,राजस्व सफ़ाई कर्मी औरअन्य विभागों के अधिकारी कर्मचारी की सुरक्षा व्यवस्था, पीपीई किट, सेनिटाइजर, हैंडवाश, ग्लव्स, मास्क कैप, की पर्याप्त उपलब्धता कराना, अभी भी बहुत आवश्यक है क्योंकि कोरोना की लड़ाई लम्बी चलेगी।
मजदूरों को लाना उनको क्वारंटाइन रखना वहाँ पर्याप्त व्यवस्था बनाना,सुरक्षित परिवहन,भोजन पानी, सेनिटाइजर साबुन पानी की और जहाँ उनको क्वारंटाइन रखा वहां की senitization व्यवस्था कैसी होती हैं,,
एक चिकित्सक होने के नाते कुछ विशेष सुझाव दिए,
1)जिले के बॉर्डर पर मेडिकल परीक्षण उनकी कांटेक्ट और प्रॉपर ट्रैवलिंग हिस्ट्री और निगरानी सख्त 24 घंटे हो,,
2) मजदूर जहाँ से भी आये किसी भी हाल में दूसरे ग्रुप को मिक्स न होने दी जावे, उस ग्रुप के किन्ही भी 2-3 लोगों को कंपलसरी टेस्टिंग हो जिनको की हल्की सर्दी खासी जैसे symptom हो,जिससे पूरे ग्रुप से डाउट क्लियर हो सके, रिपोर्ट आने पर या 14 दिन बाद ही क्वारंटाइन सेंटर से छोड़ा जावे, रिपोर्ट आने पर ही होम क्वारंटाइन रखा जावे।
3)क्वारंटाइन सेंटर को पहले सेनिटाइजर से साफ़ किया जावे फिर दूसरे ग्रुप को रखा जावे ।
4)स्वास्थ्य महकमे या पोस्ट पर तैनात ड्यूटी वाले कर्मचारी के पास वॉशेबल ppE किट जिसमें कैप मास्क शू कैप ग्लव्सके साथ सेनिटाइजर हैंडवास् अवश्य हो, आने वाले को अवश्य रूप से हैंडवास् की उपलब्धता हो,
5) कोरोना का मामला इतनी जल्दी खत्म नहीं होगा, अतः बैकअप की तैयारी हर हाल में रखनी होगी।
6) शहर को कंट्रोल की बजाय बॉर्डर पर स्क्रीनिंग ज्यादा हो एक एक व्यक्ति और गाड़ियों पर नजर हो।
7) गांव को अपने एंट्री पॉइंट्स पर बेरिकेटस लगाना चाहिए वहाँ आने जाने वालों पर निगरानी हो।
8) जागरूकता अभियान और सजगता ज्यादा कारगार साबित होगी, लॉकडाउन के साथ,
मार्केट व्यवस्था zigzag पैटर्न पर हो ,एक तरफ का क्षेत्र को खुला रखें दूसरी तरफ़ से बंद हो, आइसोलेशन अवश्य हो।
कुछ इन प्रकार की चर्चाएं कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी से हुई,
सजगतापूर्वक बैकअप प्लान हो, लोगों को सजग और सुरक्षित रहने का संदेश दिया जावे, संसाधन उपलब्ध
मजदूरों को लाना उनको क्वारंटाइन रखना वहाँ पर्याप्त व्यवस्था बनाना,सुरक्षित परिवहन,भोजन पानी, सेनिटाइजर साबुन पानी की और जहाँ उनको क्वारंटाइन रखा वहां की senitization व्यवस्था कैसी होती हैं,,
एक चिकित्सक होने के नाते कुछ विशेष सुझाव दिए,
1)जिले के बॉर्डर पर मेडिकल परीक्षण उनकी कांटेक्ट और प्रॉपर ट्रैवलिंग हिस्ट्री और निगरानी सख्त 24 घंटे हो,,
2) मजदूर जहाँ से भी आये किसी भी हाल में दूसरे ग्रुप को मिक्स न होने दी जावे, उस ग्रुप के किन्ही भी 2-3 लोगों को कंपलसरी टेस्टिंग हो जिनको की हल्की सर्दी खासी जैसे symptom हो,जिससे पूरे ग्रुप से डाउट क्लियर हो सके, रिपोर्ट आने पर या 14 दिन बाद ही क्वारंटाइन सेंटर से छोड़ा जावे, रिपोर्ट आने पर ही होम क्वारंटाइन रखा जावे।
3)क्वारंटाइन सेंटर को पहले सेनिटाइजर से साफ़ किया जावे फिर दूसरे ग्रुप को रखा जावे ।
4)स्वास्थ्य महकमे या पोस्ट पर तैनात ड्यूटी वाले कर्मचारी के पास वॉशेबल ppE किट जिसमें कैप मास्क शू कैप ग्लव्सके साथ सेनिटाइजर हैंडवास् अवश्य हो, आने वाले को अवश्य रूप से हैंडवास् की उपलब्धता हो,
5) कोरोना का मामला इतनी जल्दी खत्म नहीं होगा, अतः बैकअप की तैयारी हर हाल में रखनी होगी।
6) शहर को कंट्रोल की बजाय बॉर्डर पर स्क्रीनिंग ज्यादा हो एक एक व्यक्ति और गाड़ियों पर नजर हो।
7) गांव को अपने एंट्री पॉइंट्स पर बेरिकेटस लगाना चाहिए वहाँ आने जाने वालों पर निगरानी हो।
8) जागरूकता अभियान और सजगता ज्यादा कारगार साबित होगी, लॉकडाउन के साथ,
मार्केट व्यवस्था zigzag पैटर्न पर हो ,एक तरफ का क्षेत्र को खुला रखें दूसरी तरफ़ से बंद हो, आइसोलेशन अवश्य हो।
कुछ इन प्रकार की चर्चाएं कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी से हुई,
सजगतापूर्वक बैकअप प्लान हो, लोगों को सजग और सुरक्षित रहने का संदेश दिया जावे, संसाधन उपलब्ध

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