युवाओं की टीम नगर बिछिया से लेकर गांव-गांव कर रही है जरूरतमंदो की मदद
भुआबिछिया
कोरोना महामारी के बीच सरकार का दावा है और लोगों के लिए रोज़मर्रा की चीज़ें उपलब्ध हैं लेकिन दिक्क़तें उन घरों पर आ रही है जहां पर दैनिक मजदूरी करने वालो हो या फिर बुर्जुग लोग हैं और उनके लिये इस वक़्त निकल पाना मुश्किल है। इस मुश्किल वक़्त में नगर बिछिया के कुछ नौजवान ऐसे लोगों के लिए मददगार बनकर सामने आए हैं, ये युवा बिना कोई परवाह किए लोगों की मदद कर रहे हैं. नगर बिछिया के साथ-साथ पूरे बिछिया विकास खण्ड में बहुत से ऐसे लोग हैं जो दैनिक मजदूरी, चाय का ठेला, पान ठेला, और अन्य छोटे छोटे काम धंदे के सारे अपना जीवन यापन रहे थे लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते कोरोना बचाओ हेतु पूरे देश मे 40 दिन का लोकडाउन कर दिया गया है। जिससे इन गरीब परिवारो गहरा असर पड़ा है कुछ समाजसेवी अपने अपने तरीके से इन परिवारो तक लगातार पहुँच रहे है और उन्हें आवश्कयता अनुसार भोजन, राशन, सब्जी, तेल, उपलब्ध करा रहे है।
वट्सप और फेसबुक ग्रुप के ज़रिए संपर्क कर रहे हैं लोग
मददगार युवक सूरज यादव, हनी उपाध्याय से बात करने पर बताया की बहुत से परिवार ऐसे है जो वट्सप, फेसबुक ग्रुप के जरिये भी हमसे सम्पर्क कर रहे है ओर हम चाहते भी है कि ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक पहुँचे ओर उनकी मदद करे। वही इन युवाओं के बुताबिक नगर में ऐसे बहुत से परिवार हैं जो रोज कमाते है और उसी पैसे से राशन खरीद कर अपना पेट भरते है। इस मुश्किल वक्त में इन परिवारों पर गहरा असर पड़ा है पर हर दिन सुबह-शाम इन परिवारो के लिए भोजन व राशन की व्यवस्था लगातार प्रशासन व अन्य कोई व्यक्ति व्यक्तिगत तौर पर कर रहे है। वही नगर के एक बुजुर्ग परिवार ने बताया कि एक दिन ऐसा संकट सामने आ खड़ा हुआ कि हमारे पास खाने के लिए न आटा था और न ही राशन, हम घर से बाहर निकल नही पाते है ऐसे वक्त में हमने मोबाइल फोन के मध्यम से किसी तरह दोनों मददगार युवकों से सम्पर्क किये ओर सारी बाते बताये थोडी ही देर बाद यानी आधे घंटे के अंदर ही ये दोनों युवा आटा,राशन लेकर हमारे सामने भगवान बनकर हमारे मदद के लिए खड़े हो गए और हमे राशन, सब्जी, तेज, जैसी जरूरत की हर चीजें उपलब्ध करा दिए। वही इस बुर्जुग परिवार का कहना है कि हर सक्षम व्यक्ति हमारे जैसे जरूरत मंदो के मदद के लिए आगे आये और मदद करे तो इस देश मे कितना भी बड़ा संकट आ जाये कोई व्यक्ति भी भूखा नही रह सकता। वही सूरज ओर हनी का कहना है कि, "हम मुश्किल के इस समय में शासन प्रशासन के हिस्सा बनकर जो थोड़ी-बहुत मदद कर सकते हैं, वो हम कर रहे हैं." बाकी शासन प्रशासन तो कर ही रही है।
कुछ संस्थाएं भी आगे आकर जरूरत मंदो की कर रहे है मदद
"कोशिश"वेलफेयर सोसाइटी टीम( शोभित रावत, सुबोध अग्रवाल, देवाशीष अग्रवाल, पंकज गोस्वामी,) इन सभी ने लगातार लोगो के मदद के लिए काम कर रहे है प्रतिदिन जरूरतमन्द लोगों की ज़रूरत अनुसार जरूरत के सामानो का पैकेट बना कर ग़रीबों को उपलब्ध करा रहे हैं, ताकि इस समय अगर उन्हें काम नहीं मिलता है, तो भी उनका घर चलता रहे। कोरोना वायरस को लेकर किये गए लॉकडाउन के बाद ख़ास तौर पर यह देखा जा रहा है कि लोग दूसरों की मदद के लिये बड़ी तादाद में आगे आ रहे हैं वो न सिर्फ़ अपना समय दे रहे हैं बल्कि पैसों और खाने-पीने की चीज़ों से भी मदद कर रहे हैं।
भुआबिछिया
कोरोना महामारी के बीच सरकार का दावा है और लोगों के लिए रोज़मर्रा की चीज़ें उपलब्ध हैं लेकिन दिक्क़तें उन घरों पर आ रही है जहां पर दैनिक मजदूरी करने वालो हो या फिर बुर्जुग लोग हैं और उनके लिये इस वक़्त निकल पाना मुश्किल है। इस मुश्किल वक़्त में नगर बिछिया के कुछ नौजवान ऐसे लोगों के लिए मददगार बनकर सामने आए हैं, ये युवा बिना कोई परवाह किए लोगों की मदद कर रहे हैं. नगर बिछिया के साथ-साथ पूरे बिछिया विकास खण्ड में बहुत से ऐसे लोग हैं जो दैनिक मजदूरी, चाय का ठेला, पान ठेला, और अन्य छोटे छोटे काम धंदे के सारे अपना जीवन यापन रहे थे लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते कोरोना बचाओ हेतु पूरे देश मे 40 दिन का लोकडाउन कर दिया गया है। जिससे इन गरीब परिवारो गहरा असर पड़ा है कुछ समाजसेवी अपने अपने तरीके से इन परिवारो तक लगातार पहुँच रहे है और उन्हें आवश्कयता अनुसार भोजन, राशन, सब्जी, तेल, उपलब्ध करा रहे है।
वट्सप और फेसबुक ग्रुप के ज़रिए संपर्क कर रहे हैं लोग
मददगार युवक सूरज यादव, हनी उपाध्याय से बात करने पर बताया की बहुत से परिवार ऐसे है जो वट्सप, फेसबुक ग्रुप के जरिये भी हमसे सम्पर्क कर रहे है ओर हम चाहते भी है कि ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक पहुँचे ओर उनकी मदद करे। वही इन युवाओं के बुताबिक नगर में ऐसे बहुत से परिवार हैं जो रोज कमाते है और उसी पैसे से राशन खरीद कर अपना पेट भरते है। इस मुश्किल वक्त में इन परिवारों पर गहरा असर पड़ा है पर हर दिन सुबह-शाम इन परिवारो के लिए भोजन व राशन की व्यवस्था लगातार प्रशासन व अन्य कोई व्यक्ति व्यक्तिगत तौर पर कर रहे है। वही नगर के एक बुजुर्ग परिवार ने बताया कि एक दिन ऐसा संकट सामने आ खड़ा हुआ कि हमारे पास खाने के लिए न आटा था और न ही राशन, हम घर से बाहर निकल नही पाते है ऐसे वक्त में हमने मोबाइल फोन के मध्यम से किसी तरह दोनों मददगार युवकों से सम्पर्क किये ओर सारी बाते बताये थोडी ही देर बाद यानी आधे घंटे के अंदर ही ये दोनों युवा आटा,राशन लेकर हमारे सामने भगवान बनकर हमारे मदद के लिए खड़े हो गए और हमे राशन, सब्जी, तेज, जैसी जरूरत की हर चीजें उपलब्ध करा दिए। वही इस बुर्जुग परिवार का कहना है कि हर सक्षम व्यक्ति हमारे जैसे जरूरत मंदो के मदद के लिए आगे आये और मदद करे तो इस देश मे कितना भी बड़ा संकट आ जाये कोई व्यक्ति भी भूखा नही रह सकता। वही सूरज ओर हनी का कहना है कि, "हम मुश्किल के इस समय में शासन प्रशासन के हिस्सा बनकर जो थोड़ी-बहुत मदद कर सकते हैं, वो हम कर रहे हैं." बाकी शासन प्रशासन तो कर ही रही है।
कुछ संस्थाएं भी आगे आकर जरूरत मंदो की कर रहे है मदद
"कोशिश"वेलफेयर सोसाइटी टीम( शोभित रावत, सुबोध अग्रवाल, देवाशीष अग्रवाल, पंकज गोस्वामी,) इन सभी ने लगातार लोगो के मदद के लिए काम कर रहे है प्रतिदिन जरूरतमन्द लोगों की ज़रूरत अनुसार जरूरत के सामानो का पैकेट बना कर ग़रीबों को उपलब्ध करा रहे हैं, ताकि इस समय अगर उन्हें काम नहीं मिलता है, तो भी उनका घर चलता रहे। कोरोना वायरस को लेकर किये गए लॉकडाउन के बाद ख़ास तौर पर यह देखा जा रहा है कि लोग दूसरों की मदद के लिये बड़ी तादाद में आगे आ रहे हैं वो न सिर्फ़ अपना समय दे रहे हैं बल्कि पैसों और खाने-पीने की चीज़ों से भी मदद कर रहे हैं।


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