रेवांचल टाइम्स... डिंडोरी जिले के अमरपुर जनपद मैं अधिकारियों की मिलीभगत से शासन की राशि दुरुपयोग करते हुए की गई लाखों की खरीदी बिना निविदा प्रकाशित किए अमरपुर जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायतों द्वारा ललित ट्रेडर्स! आजाद चौक बालाघाट से आगामी वित्तीय वर्ष हेतु स्टेशनरी क्रय की गई जिस सामग्री को पैक कर ग्राम पंचायत भाखा में स्टोर कर दिया गया जहां से सचिवों द्वारा अपनी ग्राम पंचायत में स्टेशनरी पहुंचा दी गई है जबकि बिल में पैकिंग एवं भाड़ा 161 रुपए जोड़ा गया है बिल के अनुसार सभी सामग्री की दरें सामान्य से बहुत अधिक है जिस पर स्थानीय स्टेशनरी व्यापारियों द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अमरपुर को आवेदन देकर जांच करने की मांग की गई है पर मजे की बात तो यह है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी इस मामले से कोई अनजान नहीं है वे खुद इस मामले को अच्छे से जानते हैं और सिर्फ जांच के नाम पर खानापूर्ति कर दी जाएगी आवेदन में प्रमुख रूप से बगैर निविदा प्रकाशित किए और अधिक दर सामग्री खरीदी जो शासकीय नियमों का उल्लंघन किया जाना स्थानीय व्यापारियों को महत्व ना मिलना ऐसी स्थिति में आत्मनिर्भर योजना भी सिर्फ दिखावा बन गया है जबकि स्थानीय व्यापारी भी अपनी दुकान का पंजीयन आयकर विभाग में करा चुके हैं इस संबंध में सचिवों का कहना है कि हम बालाघाट के व्यापारी को नहीं जानते है खरीदी आदेश जनपद पंचायत के माध्यम से ही हुआ है कारण कि जनपद की बैठक में हम सभी सचिवों से सामूहिक आदेश में हस्ताक्षर करवाए गए हैं और प्रशासनिक दबाव में ही खरीदी की गई है जिस का बिल.13066 रुपए का बिल सभी ग्राम पंचायतों को दिया गया है इस प्रकार की खरीदी से स्थानीय व्यापारी के साथ साथ जिला स्तर के व्यापारी भी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं कि जनपद के अधिकारियों की सांठगांठ से ही जिले के बाहर से व्यापारी आकर व्यापार कर रहा है वह भी अधिक दामों में सामग्री बेच रहा है स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पूरे साल ग्राम पंचायतों को उधारी में स्टेशनरी का समान पूर्ति करते हैं इसके बावजूद भी बाहर जिले से स्टेशनरी की सामग्री क्रय की जाती है यह तो अपने आप में एक अहम सवाल हैं.. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस पूरे मामले में पंचायत स्पेक्टर, विनय पटेल की कहानी रची गई है इस पक्ष में जब पंचायत स्पेक्टर विनय पटेल से बात करने की कोशिश की गई तो वे मीडिया को देखकर बौखला गए और इधर-उधर भागते रहे उन्होंने इस मामले में मुख्य कार्यपालन अधिकारी से वर्जन लेने को कहा इधर सभी 42 पंचायतों के सचिवों मैं से चार,पाच पंचायत सचिवों ने पंचायत स्पेक्टर विनय पटेल पर बिल बांटने का आरोप लगाया है और खरीदी उन्ही के मार्गदर्शन से किया गया है इस प्रकार पंचायत में जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कमीशन खोरी के चलते पंचायतों में लूट मचाए हैं मजे की बात तो यह है कि। दूसरे जिले का व्यापारी और हमारे जिले के पंचायत स्पेक्टर रातो रात लाखों की खरीदी कर बाहर जिले फर्म को लाखों रुपए की स्टेशनरी खरीदी कर पंचायतों को चूना लगा कर सीधा अपना जेब गर्म करने में लगे हैं।... सूत्र कहते हैं रातों-रात कर दी गई लाखों की खरीदी
रेवांचल टाइम्स से प्रमोद पड़वार की खास रिपोर्ट सच के साथ


No comments:
Post a Comment