रेवांचल टाइम्स :- जिले में अबैध कारोबार बड़ी तेजी से फल फूल रहा है वही नैनपुर नगर में शराब ठेकेदार को शराब दुकान से ही शराब बेचने का ठेका सरकार द्वारा दिया गया है और यह नियम भी है, की शराब केवल उसी दुकान से बेची जाएगी जिसे सरकार के नियम अनुसार शराब बेचने के लिए निर्धारित किया गया है। और जिसका लाइसेंस सरकार द्वारा दिया गया है।
लेकिन नैनपुर नगर में शराब ठेकेदार के हौसले इतने बुलंद हैं की उसके द्वारा नगर के लगभग प्रत्येक वार्ड में फुटकर दुकानें खुलवा कर मोटी कमाई के चलते जगह-जगह गली मोहल्लों में शराब बिकवाई जा रही है।
इसके बारे में रेवांचल टाइम्स के पत्रकार शालू अली द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत की गई है लेकिन शिकायत प्रेषित होने के बाद आपकारी विभाग के अधिकारी द्वारा केवल खानापूर्ति मात्र की जाती है और रेट मारने के दो से 3 दिन बाद ही पुनः फुटकर दुकानें संचालित हो जाती है और फिर शुरू होता है नगर के लगभग प्रत्येक वार्ड में शराब का खुला व्यापार जिसमें शराब ठेकेदार को ना तो वार्ड के खराब होते हुए महौल की चिंता है ना ही पुलिस प्रशासन का डर क्योंकि इसकी एक वजह यह भी है कि बाहर से आए हुए इस ठेकेदार ने पैसों के बलबूते पर नगर में अपना सिक्का जमा लिया है और ठेकेदार के कई चाटुकार नगर में बन गए हैं जो ठेकेदार के हौसलों को बुलंद करने में कोई कसर नहीं छोड़ते। हद तो तब हो गई जब शराब ठेकेदार को कोरोना वॉरियर्स के सम्मान से नगर पालिका परिषद ने सम्मानित कर दिया। एक ऐसे शराब माफिया को सम्मानित किया गया जिसने लॉकडाउन में पूरे नगर में शराब का अवैध व्यापार धड़ल्ले से चलाया है और नगर का माहौल एवं युवा पीढ़ी को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
शराब पर कार्रवाई ना होने के पीछे बड़ी वजह शायद हर बार यही आती है, कि नगर के अधिकारियों की सांठगांठ के एवं शह जो चलते ही उचित कार्रवाई नहीं हो रही है। नगर में दर्जनों जगह अघोषित शराब भट्टियों का परमीशन आबकारी विभाग से नहीं मिला है, लेकिन इन जगहों को परमीशन लोकल पुलिस ने दी है। सच्चाई यह है नगर में खुलेआम बिक्री हो रही है, साथ ही ऐसी जगहों पर शराब पहुंच जाती है जहां विकास नहीं पहुंचा है।
युवा नशे में डूब रहा है। इन शराब तस्करों की गाडिय़ां ठेकों से खुलेआम भरती है और इन अंदरूनी क्षेत्रों में पहुंचती है। एवं जहां बड़ी गाड़ियां नहीं पहुंच पाती वहां ठेकेदार के दो खिलाड़ी मोटरसाइकिल में नगर के फुटकर ठियों में सप्लाई देते हैं जब भी जिम्मेदारों से बात करो तो एक ही बात सामने आती है, समय-समय पर कार्रवाई की जाती है।
पुलिस और आबकारी विभाग दोनों ही अवैध रूप से शराब बेचने वालों पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं। दोनों विभागों ने हमेशा से ही कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति की है अभी तक किसी भी प्रकार का ठोस कदम या कड़ी कार्यवाही शराब ठेकेदार के ऊपर नहीं की गई है।आरोपितों को गिरफ्तार तो किया लेकिन शराब ठेकेदार के गिरेबान तक आज दिन तक पुलिस एवं आबकारी विभाग नहीं पहुंच सका है। नैनपुर और आसपास के गांव एवं कस्बों में शराब भेजी जा रही है खपाई जा रही है। इसके प्रमाण मिलने के बाद एवं सब कुछ देखने के बाद भी पुलिस प्रशासन अंधा कानून बना हुआ और भी किसी तरह की कार्रवाई अब तक नहीं की गई।

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