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निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

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Wednesday, April 7, 2021

क्रेशर संचालकों की मनमानी, जिम्मेदार विभाग के मिलीभगत से नियम विरुद्ध चल रहे है दर्जनों क्रेशर




● लगातार 30 से 40 फीट ब्लास्टिंग से खत्म हो रहा है पानी का स्रोत


● दर्जनों एकड़ भूमि हो चुका है बंजर


● बढ़ते प्रदूषण से बढ़ रहा है अनेक प्रकार के बीमारियों का खतरा


● क्रेशर परिषर में नही लगाए पेड़


रेवांचल टाइम्स । मंडला जिले में दर्जनों क्रेशर ऐसे है जो लगातार प्रशासन की अनदेखी के कारण नियम विरुद्ध संचालित हो रहे है। जिला प्रशासन को सब कुछ पता होने के बाद भी मनमानी कर रहे क्रेशर संचालकों पर कोई कार्यवाही नही की जा रही है। कुछ ऐसा ही मामला बिछिया जनपद के अंतर्गत ग्राम पंचायत हर्राभाट कोको से सामने आया है जहाँ पर स्थानीय लोगों ने बताया की क्रेशर संचालकों की मनमानी इतना बढ़ गया है की नियम विरुद्ध लगातार रात दिन क्रेशर चालू रहते है प्रदूषण बोर्ड का बार-बार हवाला दिया जाता है पर क्रेशर मालिको ने प्रदूषण बोर्ड के नियमों धज्जियाँ उड़ा रहे है साथ ही क्रेशर के 4 से 5 किलोमीटर तक चारों तरफ डस्ट की धुंआ ही धुंआ छाया रहता है ग्रामीण परेशान है बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।


आसपास की कृषि भूमि बंजर तपदील


वही स्थानीय लोगो ने बताया है की जब से क्रेशर संचालित है तब से लेकर अब तक आसपास की दर्जनों एकड़ कृषि भूमि बंजर में तपदील हो गईं है यह भूमि फसल उगाने लायक नही बची। क्योंकि डस्ट इतना उड़ता है की परत दर परत जमता रहता है जिससे खेतो की नमी और उर्वरक क्षमता खत्म हो जाती है। क्रेशर के आसपास कोई फसल लगाया ही नही जा सकता है जबकि क्रेशर के आसपास खेती योग्य भूमि है खेत भी बने हुए है और फसल भी लगाई जाती है पर अंत मे किसान को इन खेतो से सिर्फ भूसा ही मिलता है साथ ही ये दोनो क्रेशर हलोंन नदी के बिल्कुल नजदीक है लगातार नदी को भी दूषित कर रहे है।

         वही आपको बता दे कि आज से 7 से 8 साल पहले क्रेशरो के आसपास छोटे-छोटे जंगल भी हुआ करता था लेकिन आज कि स्थिति ऐसी है कि आपको एक पेड़ भी देखने को नही मिलेंगे जंगल का पतन तब से होता आ रहा है जब से ये क्रेशर संचालित है। क्रेशर संचालक जिला प्रशासन के सह पर नियमो की धज्जियाँ उड़ा रहे है। जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए है।


पत्थर के लालच में 30 से 40 फ़ीट ब्लास्टिंग कर समतल भूमि बना दिये खाई 


आपको बता दे कि पत्थर निकालने के लालच में क्रेशर मालिकों ने स्थानीय लोगो के लिए अनेक प्रकार समस्या उत्पन्न कर चुके है सूत्रों की मुताबिक ग्राम पंचायत हर्राभाट में ब्लास्टिंग के कारण दूर-दूर तक पानी का स्रोत भी खत्म होता जा रहा है पंचायत के कुछ सार्वजनिक कुआँ है जो पूरी तरह सूख चुके है स्थानीय लोगो ने ये भी बताया कि हर्राभाट और ग्राम पंचायत सिंघोरी में लगातार ब्लास्टिंग के कंपन कारण कई घरों के दीवार पर भी हल्की फुल्की दरारे पढ़ गई है। क्रेशर मालिक अपनी मोटी कमाई और मनमानी के चलते हजारों लोगो के जीवन को संकट में डाल दिये है जानकारों के माने तो अगर इसी तरह लगातार ब्लास्टिंग हुई तो इस क्षेत्र में पानी का बेहद गहरा संकट पड़ जाएगा। स्थानीय लोगो ने बताया कि क्रेशर के आसपास 4 से 5 किलोमीटर दूर तक जगह-जगह पर पत्थर निकालने के चक्कर मे खोद कर समतल भूमि को खाई में तपदील कर दिए है जिससे अनेक प्रकार की समस्या पैदा हो गई है इन खाईयो में कई बार गाय बैस भी गिर चुके है ऐसे बड़े बड़े हादसा होने की संभावनाऐ बनी रहती है ये भी देख गया है कि नदी के दोनों तरफ जहां पेड़ हुआ करते है अब वो पेड़ भी नही रहे। और नदी के दोनो तरफ के पहाड़ो को काट-काट कर पूरा पत्थर निकाल लिया गया है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग के द्वारा किस प्रकार की कार्यवाही की जाती है।

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