रेवांचल टाइम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के अंतर्गत आने वाले जनपद पंचायत में मुलभूत सुविधाओं की समस्याओं का अंबार है न कोई सुनने वाला न ही कोई देखने वाला हाल ही में होली के बाद से सूर्य देवता के तेवर बढ़ने लगे हैं |आसपास के गांवों सहित मवई मुख्यालय में भी पेयजल संकट गहराने लगा है ।प्राकृतिक जल स्रोत सूखने लगे हैं ।पांच - छःदिन पूर्व ही वार्ड नंबर 2 का हैंडपंप बिगड़ गया 'जिसे शिकायत के बाद सुधार तो हो गया ' लेकिन वाल और वासर की खराबी के चलते वह भी सफल ना हो सका |
इसी तरह 20 वर्ष पूर्व की नल जल योजना की कल्पना भी सिर्फ कल्पना ही रह गई ।तन को तृप्त करने पानी तो ना मिल सका 'लेकिन कल्पनाओं में पानी अवश्य फेर रहा है 'इतना क्या कम है ?
तन की प्यास बुझे ना बुझे बहुत से मनचलों और नशेड़ियो की उन्मत्ता की प्यास अवश्य बुझ रही है ।इसकी सीढ़ियों में बैठकर जाम छलका तेऔर मादकता की प्यास बुझाते हैं |दूसरानेटवर्क की समस्या से परेशान लोग पानी की टंकी पर चढ़कर नेटवर्क मिलाते 'और अपनों से मन की बात करते । इतना ही उपयोग रह गया है |जनता को जनार्दन और स्वयं को सेवक बताकर खूब छला है जिम्मेदारों ने ।कभी इस ओर आंख उठा कर तो देखिए जनाब निकट भविष्य आपकी प्रतीक्षा कर रहा है ।
आज तक जाने कितनी बार समाचार पत्र पत्रिकाओं में इसकी तस्वीर और खबर प्रकाशित हो चुकी है लेकिन इसका कोई फर्क ही नहीं पड़ता |क्या इन समस्याओं से कोई वाकिफ नहीं है 'या फिर लेना-देना ही नहीं ?
इनका कहना है -
-मवई की नल जल योजना स्वीकृत हो चुकी है पानी का कोई अच्छा स्रोत बताएं ।बोर करा कर सप्लाई चालू की जाएगी | -एस .डी .ओ .लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग I
(2) -पंचायत की ओर से सारी प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है 'टेंडर हो चुका है 10 किलोमीटर की पाइप लाइन के विस्तार में पानी की सुविधा जल्दी ही उपलब्ध कराई जाएगी | -सरपंच ग्राम पंचायत मवई ।
रेवांचल टाइम्स -मवई से मदन चक्रवर्ती की खबर ।


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