रेवांचल- कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा घातक साबित हो रही है। यह वायरस जिस अंदाज में आम आदमी को अपनी गिरफ्त में ले रहा है,जिसके कारण डॉक्टर,स्वास्थ्य कर्मी भी इससे ग्रसित है। देखा गया कि लोगों ने होली त्यौहार में आपस में मेलजोल तो बढ़ाया,लेकिन कोरोना के भय को नजरदांज करने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है। अगर व्यक्ति सावधानी रखता तो यह स्थिति निर्मित नही होती। उक्ताशय की बात जिंदल अस्पताल के डॉ.सुनील अग्रवाल ने कही।
महंगी दवाओं से बचें-
इस दौरान सहायक डॉ.गुरूनंद सिंह सिद्धू ने कहा कि लोग आज भी इस बात को समझ लेते है कि अगर व्यक्ति सर्तकतापूर्वक अपनी नित्य क्रियाऐं करता है और सोशल डिस्टेंसिंग,शारीरिक डिस्टेंसिंग का पालन करता है तो उसे इस रोग से बचाया जा सकता है। लोग महंगी दवाओं की अपेक्षा अपने घरेलू इलाज के प्रति भी गंभीर रहते है तो उन्हें बचाया जा सकता है।
कोरोना के इलाज दो प्रकार से-
ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ.विनित सेठ ने बताया कि कोरोना के लिए दो प्रकार के इलाज है,जिनमें स्टूराईट के माध्यम से व्यक्ति की प्रतिरोधात्मक क्षमता बढ़ाई जा सकती है। वहीं दूसरी ओर एनटीकोवलेट के माध्यम से शरीर में खून का थक्का जमने की क्रिया को रोका जा सकता है। यही इस रोग के मुख्य इलाज है। लोग टेबलेट आइवरमेक्टिन,टेबलेट एजिथ्रोमायसिन डोक्सी, क्रोसिन, लिम्सी, जिंकोनिया, कैलसिरोल सचेट और अन्य महंगी दवाओं के चक्कर में भटक रहे है। जबकि कोई जरूरी नही की इन दवाओं से आप पूर्ण रूप से मुक्त हो सकें।
स्वास्थ्य कर्मी ने बताये अनुभव-
अस्पताल के टैक्निशियन यशवंत उपाध्याय,गितेन्द्र पटले ने बताया कि इन दिनों लोग घबराकर हमारे पास आते है,और विभिन्न जांच कराते है। लेकिन हकीकत यह है कि इलाज से ज्यादा इन्हें धैर्य की जरूरत है। और यह रोग से निराकरण के लिए लोगों को अपना आत्मविश्वास मजबूत करना पड़ेगा। अंजली विश्वकर्मा ने बताया कि हम लोग सभी मरीजों के लिए यही कामना करते है कि लोग भयमुक्त होकर इलाज करायें। और घबरायें नही। क्योंकि किसी भी बीमारी का उपचार तभी संभव है जब हम भयमुक्त होंगे। और लोगों को भी प्रेरित कर सकेंगे। प्रिंयका धुर्वे ने कहा कि हमारा पूरा स्टॉफ सेवा में लगा हुआ है। और किसी भी मरीज को परेशानी ना हो जिसको लेकर हमेशा हमारा प्रयास है। निधि विश्वकर्मा ने कहा कि अब तो मरीजों की संख्या कम हो रही है,और लोग साहस के साथ घरेलू नुस्खों पर विश्वास करेंगे तो जल्द ठीक होंगे। ललिता गौतम ने कहा कि घर पर भी मास्क लगायें तथा सामान्य जीवन की तरह देर रात्रि तक ना जागें,सुबह उठकर व्यायाम करें। माया अग्रवाल ने कहा कि योग और संयम के साथ इलाज से चंद दिनों में ही आप भयमुक्त होकर अपना इलाज अच्छे से करा सकते है। और रोगमुक्त हो सकते है।
विनोद दुबे के साथ रेवांचल टाईम्स की रिपोर्ट


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