रेवांचल टाइम्स :- आज देश में बेरोजगारी की भयंकर स्थिति हमारे सामने है। देश में हर 2 घंटे में 3 नौजवान आत्महत्या करते हैं । मध्यप्रदेश में भी आत्महत्या के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं । NSSO की एक रिपोर्ट बताती है कि 2017-2018 में देश की बेरोजगारी की दर पिछले 45 सालों में सबसे ज्यादा रही है । अप्रैल 2020 के अंत में अनुमान लगाया गया था कि करीब 14 करोड़ लोग अपना रोजगार खो चुके हैं। मई 2021 में 1.5 करोड़ रोजगार लोगों के हाथ से चला गया । वहीं पर हमारे प्रदेश में बेरोजगारी दर सबसे ज्यादा आंकी गई हैं मध्यप्रदेश में पिछले 4 साल से कोई भी वैकेंसी नहीं लाई गई हैं कई भर्तियों में छात्रों ने फार्म भर दिए पर परीक्षाएं नहीं हुई हैं और वही पर हमने देखा कि जहां परीक्षाएं हो गई हैं उनका रिजल्ट अभी तक घोषित नहीं किया गया है । मध्यप्रदेश के युवा ओवरऐज होते जा रहे हैं मध्यप्रदेश का बेरोजगार नौजवान भयंकर बेरोजगारी की मार झेल रहा है और सरकार मात्र घोषणाएं करके अपना काम चला रही है मध्यप्रदेश के शासकीय विभागों में लाखों पद खाली पड़े हुए हैं सरकार उनको भरने की जगह उन विभागों को ही खत्म कर रही है सरकार की निजीकरण की निति से सरकारी विभागों को बंद किया जा 2300 हा है जिससे कि देश में और हमारे मध्यप्रदेश में रोजगार कि संभावना खत्म होती जा रही है उदाहरण के लिए क्लोजर मर्जर के नाम पर 8 हजार स्कूलों को बंद कर दिया गया बी.एस.एन.एल में लगभग 1.5 लाख कर्मचारियों को जबरन वी.आर.एस दे दिया गया रेलवे ने अभी हाल ही में 14450 पद खत्म कर दिए ऐसी स्थिति में बेरोजगार नौजवानों के पास आंदोलन के सिवा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचता है यदि सरकार तुरंत मांगों की तरफ ध्यान नहीं देती है, मध्यप्रदेश में रोजगार को लेकर ठोस कदम नहीं उठाये जाते हैं तो प्रदेश युवा आंदोलन के लिए विवश होगा और इसकी जिम्मेदारी पूर्णत : सरकार की होगी । अत : महोदय से निवेदन हैं कि मध्यप्रदेश के बेरोजगार नौजवानों की तकलीफ को ध्यान में रखते हुए आप निम्नलिखित मांगों पर उचित कदम उठायेंगे, 8374 प्रमुख मांगें रोजगार के अधिकार को मौलिक अधिकार दृष्टि का दर्जा दिया जाए ।
रेवांचल टाइम्स बालाघाट से खेमराज सिंह बनाफरे

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