*रेवांचल टाइम्स * - विकासखंड मुख्यालय अंतर्गत ग्राम माधवगढ़ में विगत दिनों सर्पदंश से एक नौजवान अल्पायु में ही काल के गाल में समा गया। वन्ही परिवार सहित अपने पीछे पत्नी व दो छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गया। जिनके सामने जीवन यापन का एक बड़ा संकट खड़ा हो चला है इन्हीं गंभीर हालातों को समझते हुए क्षेत्र के युवाओं द्वारा पहल करते हुए सँहाव के लिए कदम बढ़ाया।सहयोग करने वाले टीम के सदस्यों ने बताया गया कि सोसल मीडिया में सहयोग हेतू अपील पर क्षेत्र के युवाओं द्वारा धन संग्रहण कर ₹7246 रुपये सामाजिक व्यवस्था अनुसार दशगात्र आदि कार्यक्रम संपन्न कराने उक्त परिवार को राशि देकर सहयोग किया गया।वन्ही सँहाव परिवार टीम का कहना है।
पारम्परिक व पारस्परिक सँहाव कालांतर से चला आ रहा समाज की अमूल्य प्रथा और मूल संस्कृति है यह सामाजिक बुनियाद है।
पर आज आधुनिकता की इस अंधी दौड़ में सीमित विषमतापूर्ण व विलम्बकारी सरकारी योजनाओं की होड़ में आज लोग अपनी मूल स्वभाव व सहकार को भूल रहे हैं एक परिवार में आपसी सामंजस्य सहयोग की भावना समाप्त हो रही है, गांवों का सामाजिक ताना बाना और पारम्परिक रूढ़ि व प्रथाओं के अस्तित्व पर खतरा है, ऐसे में पुरखों के बनाये सामाजिक व पारम्परिक व्यवस्था को बचाना आज न सिर्फ एक बड़ी चुनोती है बल्कि इसे बचाना सबकी सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
पारम्परिक सँहाव परिवार के माध्यम से न सिर्फ हम भावी पीढ़ी को मूल संस्कृति व व्यवस्था के प्रति जागरूक कर पाएंगे साथ ही
स्वाभिमान सम्मान अधिकारपूर्ण और शोषणमुक्त जिंदगी जीने के लिए मार्ग बना पायेंगे।
देश स्वतंत्रता के बाद से 70 वर्षों से लगातार जिले में समाज के लोग ही प्रतिनिधित्व कर रहे हैं समाज के वजूद की स्थिति किसी से छुपी नहीं है किसी ने भी सामाजिक वजूद और जागृति के लिए काम नहीं किया है। पारम्परिक सँहाव सिर्फ समाज बचाने की पहल नहीं बल्कि वजूद बनाने की एक जिद भी है ।
नहीं मिला अंत्येष्टि सहयोग राशि
शासन द्वारा चलाए जा रहे अंत्येष्टि सहायता योजना भी नहीं आ रहा लोगों का काम समय पर लोगों को उक्त योजना का सहायता मिल ही नहीं पा रहा है प्रशासनिक अमले से जानकारी लेने पर मिली जानकारी अनुसार विगत 6 से 8 माह तक के अंत्येष्टि राशि भुगतान लंबित है।
युवाओं द्वारा शासन प्रशासन को आईना दिखाने का किया काम
असहाय परिवार को धन संग्रह कर युवाओं द्वारा समय पर सहयोग करके एक तरह से शासन प्रशासन को आईना दिखाने का काम भी किया गया सरकारों द्वारा विभिन्न योजनाएं जनकल्याण के लिए बनाए तो जाते हैं परंतु जमीनी हकीकत बिल्कुल उसके विपरीत दिखाई देता है समय पर सहयोग ना मिलने पर कई कई असहाय परिवार अंत्येष्टि पश्चात सामाजिक क्रिया कर्म नहीं कर पाते हैं महीनों यस सालों तक रोके रखना पड़ता है।
असहाय परिवार के सहयोग में बढे युवाओं के हाथ संग्रहण राशि को उक्त परिवार में पहुंचकर युवाओं ने सुपुर्द किया इस दौरान उपस्थित रहे इंजी. भूपेंद्र वरकड़े उपाध्यक्ष जनपद पंचायत,कलीराम मर्रापा ब्लाक उपाध्यक्ष प्रधान संघ, मंगरू सिंह गोठरिया शिक्षक, चेतराम वरकड़े, शिव तेकाम, विपत मरावी,दयाल सरयाम, धन्नी परस्ते,रामसिंह वरकड़े,रूपसिंह पन्द्राम,सेवाराम पन्द्रों,हरदयाल मरकाम,पहल भवेदी,राजकुमार धुर्वे आदी युवा रहे।
इनका कहना है
सभी शासकीय योजनाओं का आमजन को लाभ दिलाने कर्मचारी अधिकारी रिश्वत की मंशा रखते हैं। जग जाहिर है जिले में हर कर्मचारी अधिकारी इसी मंशा से पदस्थापना करवाता है। व्यवस्था में सुधार हो जिससे लोगों की परेशानी खत्म हो सके।
रेवांचल टाइम्स से बेनी लाल सिंगरोरे की रिपोर्ट


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