रेवांचल टाईम्स - चाहे केंद्र सरकार हो, या राज्य सरकार जिला प्रशासन हो , या सामाजिक संघठन।
सब का एक ही लक्ष्य रहा है की कोई भूखा ना रहे मगर ,
जिला मुख्यालय से लगी ग्राम पंचायत बम्होडी अंतर्गत परतापुर कालोनी निवासी कल्लू लाल भांगरे अपने हक का अनाज मांगने कभी पंचायत तो कभी उचित मूल्य दुकान तो कभी सचिवों के चक्कर काट रहा है ।
इनके परिवार का गरीबी रेखा का राशन कार्ड जिसका बी पी एल सर्वे सूची 2006 क्रमांक 105 एवम प्रकरण क्रमांक कार्यालय तहसील सिवनी आदेश क्रमांक 3529 दिनांक 24/11/2020 था जो लगभग छः माह पहले बना है एल । कल्लू लाल 74 वर्ष के होने के कारण मजदूरी नहीं कर सकते, और पत्नी सुखबाती 69 की होने से मजदूरी नहीं कर सकती एक बेटा 47 का है मगर शारीरिक रूप से कमजोर होने के कारण वह भी ज्यादा मेहनत का काम नही कर सकता और इस कारण ही उनका गरीबी रेखा का कार्ड भी बना मगर कार्ड बनने के बाद भी वह आज तक अनाज के लिए दर दर भटक रहा है।
कोरोना के चलते जब लोगों के पास काम नही था तब तो इनकी परिस्थिति और खराब हो गई थी इन्हें अपने पहचान वालों से माग कर काम चलाना पड़ा, उस विकट समय में भी हितग्राहियों द्वारा पंचायत से बार बार निवेदन किया गया की कुछ मदद कर दे, मगर पंचायत ने नही सुनी, रेवांचल परिवार की ओर से भी दो बार रोजगार सहायक को उनकी परिस्थिति से अवगत कराया गया मगर उनको किसी प्रकार की कोई सहायता नही की गई।
जबकि शासन ने जिनके पास पात्रता पर्ची नही है उन्हे अस्थाई पर्ची देकर राशन देने की बात कही है, अब पीड़ित ने कलेक्टर से इंसाफ मिलने की उम्मीद लगाई है।
आशुतोष सनोडिया
रोजगार सहायक बम्होडी
हमने पोटल पर नाम चढ़ा दिया है वहा से पर्ची आने में समय लगता है। अस्थाई भी एक दो दिन में निकल जाएगी तो राशन दिलवा देगे।
विनोद दुबे के साथ रेवांचल टाईम्स की रिपोर्ट


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