रेवांचल टाईम्स - कर्मचारियों की पदोन्नति को बहाल करने के लिए सरकार ने प्रावधानों के साथ पदोन्नति लागू करने जा रही है प्रस्तावित नियम जो ज्ञात हुए हैं यह पूरी तरह एक वर्ग विशेष के हित को ध्यान में रखकर एक पक्षी है जिसे स्पष्ट होता है कि उक्त नियम एक वर्ग को खुश करने के लिए बनाए गए हैं
।
सरकार द्वारा पुनः उच्च न्यायालय जबलपुर के 30 अप्रैल 2016 को पारित आदेश की अनदेखी कर यह नए नियम बनाए गए है साथ ही अन्य वर्गों के संगठनों से सुझाव आमंत्रित नहीं किए गए हैं इससे स्पष्ट होता है कि एक बार फिर सरकार सामान्य वर्गों की अनदेखी कर मनमानी करना चाह रही है।
सामान्य पिछड़ा अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संगठन सपाक्स द्वारा प्रांतीय कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री के नाम पर संदेश में विरोध दर्ज कराया गया है यदि यह नियम लागू करने में सरकार जल्दबाजी कर मनमानी करती है तो सपाक्स न्यायालय की शरण में जाने में मजबूर होगा।
ज्ञापन सौंपने वाले में जिला नोडल अधिकारी एन एस बेस एवं प्रदुम चतुर्वेदी जिला सचिव अजय शर्मा, विपनेश जैन ,चुनेंद्र बिसेन, ए के अवस्थी, महेंद्र पंड्या, विजय शुक्ला, नरेंद्र मिश्रा, ताराचंद मिश्रा, विनोद मिश्रा, मनोज तिवारी, घनश्याम डहरवाल, गजेंद्र बघेल, सुरेंद्र दुबे, रामकृष्ण दुबे, विनोद त्रिवेदी एवं अन्य पदाधिकारी प्रमुख रहे।

No comments:
Post a Comment