चौंक गए सत्ताधारी विधायक
विधायकों के लेटर पैड और दस्तखत के फर्जी होने का खुलासा सिफारिशी पत्रों में असभ्य भाषा के इस्तेमाल के चलते हुआ. विधायक अजय विश्नोई के लेटर पेड पर लिखा गया यह पत्र जब अधिकारी के पास पहुंचा तो उसने विश्नोई को इसकी जानकारी दी. इसी तरह विधायक अशोक रोहाणी के नाम से लिखा पत्र उनके पिता स्वर्गीय ईश्वरदास रोहाणी (तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष) के लेटर पैड पर था. खुद के लेटर पैड और फर्जी दस्तखत से सिफारिश पत्र लिखने की खबर मिलते ही जबलपुर के दोनों ही सत्ताधारी विधायक चौंक उठे और उन्होंने इस तरह की जालसाजी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. दोनों विधायकों ने जबलपुर के एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा को जांच करके कार्रवाई के लिए कहा है.
पहले भी हो चुका है ऐसा
कहा जा रहा है कि यह पहला मौका नहीं है जब सत्ताधारी विधायकों के लेटर पैड का इस्तेमाल कर सरकारी महकमों में सिफारिश पत्र भेजे गए थे. इसके पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आए लेकिन विधायकों के द्वारा शिकायत दर्ज न कराने के चलते न तो जांच पूरी हो पाई और न ही दोषी बेनकाब हो पाए हैं. अब एक बार फिर इस तरह का मामला सामने आने के बाद प्रशासन में जहां हड़कंप मचा हुआ है तो वहीं यह सवाल भी उठ खड़ा हुआ है कि इस तरह के सिफारिशी पत्रों पर अब तक सरकारी महकमों में कितने ट्रांसफर हो चुके हैं? बहरहाल इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा ने भी अपनी तरफ से जांच भरोसा दिलाया है.
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