रेवांचल टाईम्स: आज के समय में मोटापा एक आम समस्या हो गई है। लोग पतला होने के लिए जिम जाते हैं, एक्सरसाइज करते हैं और डाइटिंग भी करते हैं। इसके बावजूद कुछ लोग वेट लॉस नहीं कर पाते। इसके पीछे बहुत से कारण हो सकते हैं। अगर आप भी पतला होना चाहते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ेगा। अगर आप इन बातों का ध्यान न रखते हुए कुछ गलतियां करेंगे तो आपको वेट लॉस करने में काफी दिक्कतें आएंगी। जानते हैं उन 5 गलतियों के बारे में जो व्यक्ति को डाइटिंग और एक्सरसाइज के बाद भी पतला नहीं होने देतीं। फिटनेस एक्सपर्अ और न्यूट्रिशनिस्ट अजरा खान ने हाल ही में सोशल मीडिया पर उन बड़ी वजहों के बारे में बताया, जिनके कारण वेट लॉस या बेली फैट कम करने में दिक्कतें आने लगती हैं।
1. वीकेंड पर न करें चीटिंग
कई बार लोग पूरे हफ्ते डाइटिंग करते हैं लेकिन वीकेंड पर चीट कर कुछ भी खा लेते हैं। अजरा खान का कहना है कि पूरे हफ्ते जब हमें अपने फेवरेट फूड्स से दूर रहना पड़ता है तो वीकेंड पर कुछ लोग भावनात्मक रूप से कमजोर होकर खाने के साथ चीटिंग कर लेते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। इससे वेट लॉस में दिक्कतें आ सकती हैं।
2. गलत रास्ता
न्यूट्रिशनिस्ट अजरा खान कहती हैं कि अगर आप बार-बार ये सोचते हैं कि इस वजन के साथ आप पर कपड़े फिट नजर आते हैं या फिर आपको बहुत ज्यादा मेहनत करनी जरूरत है या फिर आपको फेवरेट फूड्स से दूरी बनानी पड़ेगी, तो यह गलत रास्ता हो सकता है.
3. एडवांस में करें प्लानिंग
जल्दी वजन घटाने के लिए आपको एडवांस में प्लानिंग करनी चाहिए। ऐसा करने से आप बाहर से खाना मंगवाने से बच जाएंगे। रोजाना बाहर से खाना मंगवाना फिटनेस गोल के लिए खतरनाक हो सकता है। चाहे आप हेल्दी फूड ही क्यों न मंगवा रहे हों। एडवांस प्लानिंग करेंगे तो आप घर में ही अपने हेल्दी फूड की व्यवस्था कर सकते हैं।
4. नियमित रूप से करें फिजिकल एक्टिविटी
अगर आप वजन घटाने के लिए फिजिकल एक्टिविटी कर रहे हैंं तो उसे रोजना करें। ऐसा न करने पर वजन घटाने में परेशानी आ सकती है। चाहे आप आप छोटी-मोटी फिजिकल एक्टिविटी करें, लेकिन उसे नियमित रूप से करना शुरू करें। एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आप हल्की वॉकिंग भी करते हैं तो रोजाना 5 किलोमीटर चलने का लक्ष्य रखें।
5. हॉर्मोन में असंतुलन
अगर आपके हॉर्मोन असंतुलित हैं, तो ज्यादा वर्कआउट करने से इंफ्लामेशन की दिक्कत आ सकती है और वेट लॉस करना मुश्किल हो सकता है। असंतुलित हॉर्मोन का पता लगाने के लिए थायरॉइड, पीसीओएस या एस्ट्रोजन टेस्ट करवाया जा सकता है।
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