रेवांचल टाईम्स - रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलन्द नजर आ राहै कि शासकीय भूमि तो शासकीय भूमि वन भूमि में भी अपना निशाना बना रहे है नदी के अंदर इनकी मशीन सरेआम चल रही है। इनके सामने खनिज विभाग नतमस्तक तो है ही अब धीरे धीरे जिला प्रशासन को ठेंगा दिखाते हुए। माफ़ियाराज चला रहे है इन माफियाओं को पता है कि हमारे आका ने हमे कार्यवाही से जरुर ही बचा लेंगे सत्ता पक्ष ने ही इन माफ़ियाराज को खुली छूट दे रखी जहाँ लगे खोद ले सब कुछ अपना है आज जिस तरह से जिले की नदी नालों के साथ खिलबाड़ हो रहा अब वो दिन दूर नही जब पानी और जलीय जीवो को देख के लिए दूर जाना पड़ेगा।
आज छुट्टी के दिन भी रेत माफियाओ के द्वारा कान्हा नेशनल पार्क जाने वाली रोड के पास ग्राम इंद्री के पास कन्हान नदी में पोखलेन लगा कर अबैध रेत उत्खनन किया जा रहा है जानकारी के अनुसार मशीन रेत माफ़िया और अपने आप को जनप्रतिनिधि के करीबी कहे जाने वाले बताए जा रहे है। आज रविवार का दिन है और रेत माफिया डंके की चोट में मशीन लगा कर रेत का अबैध उत्तखन्न करते हुए नजर आ रहे है वही जानकारी के अनुसार नदी के अंदर किसानों के द्वारा सिचाई करने के लिए लगाई गई बोरिग को भी नुकसान पहुँचया जा रहा है जहाँ पर आज रविवार के साथ कोरोना चल रहा वही इन रेत माफियाओ को खुली छूट मिल गई है।
स्थानीय लोगो ने जब विरोध किया तो उन्हें धमकाया भी जा रहा है। इन दिनों रेत माफ़ियाराज जोरो पर
अपने ये कहावत तो सुनी ही होगी कि सईया भये कोतवाल तो डर काहे का आज जिले में जितने भी अबैध कारोबार हो रहे है सब कारोबारीयो को खुली छूट सत्ता पक्ष में बैठे जिम्मेदारो का खुला संरक्षण है प्रदेश के मुख्यमंत्री कितनी भी सख्त कानून बना दे पर अमल करने वाले उनके प्रशानिक अमला और जनप्रतिनिधियों को अमल करना हॉग तब जाके कुछ हो पायेगा एक रेत माफिया दूसरे रेत माफ़िया को तो संरक्षण देगा ही न ओर संरक्षण के पीछे अपना निजी स्वार्थ जो है चोरी करे कोई और जेब भरे किसी और की।
इनका कहना है
हमारे गाँव के किनारे कन्हान नदी है जो कान्हा नेशनल पार्क के कारण वह वफर जोन में आती कभी भी वहाँ गाँव वाले जाते है तो जंगल विभाग वाले कार्यवाही कर देते है पर आज खुलेआम मशीन लगा कर नदी से रेत निकाल रहे है और गाँव वाले कुछ लोग विरोध कर रहे है उन्हें धमकाया जारहा है आज छुट्टी भी हम किसे बताए समझ नही आ रहा है रेत निकालते समय बोरिग को भी नुकसान पहुँचा दिए है।
स्थानीय किसान ग्राम इंद्री
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