रेवांचल टाइम्स - मंडला राजस्थान में गहलोत सरकार द्वारा बजट में 2004 के बाद नियुक्त सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाल करने की घोषणा करने के साथ ही सभी राज्यों के कर्मचारियों ने अपनी राज्य सरकारों पर पुरानी पेंशन बहाली के लिए दबाव बढ़ा दिया है। मध्यप्रदेश में भी ट्रायबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन सहित अन्य कर्मचारी संगठनों ने शिवराज सरकार से पुरानी पेंशन बहाली की मांग तेज कर दी है। इसी क्रम में ट्राईबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी प्रांताध्यक्ष डीके सिंगौर के मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश के सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों, सांसदों, राजनेताओं से मिलकर मध्यप्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन में मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखवा रहे हैं।
राज्यसभा सांसद और विधायकों ने ओ पी एस के समर्थन में लिखा पत्र -- अपनी एनपीएस विरोधी और ओ पी एस बहाल कराने की मुहिम को जारी रखते हुए ट्राईबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष डीके सिंगौर तथा मंडला जिलाध्यक्ष दिलीप मरावी व मीना साहू के नेतृत्व में एसोसिएशन के पदाधिकारी विगत दिनों जिले की सक्रिय और संवेदनशील जनप्रतिनिधि राज्यसभा सांसद संपतिया उइके से मुलाकात कर उन्हें राजस्थान सरकार का हवाला देते हुए मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाली के लिए समर्थन मांगा। राज्यसभा सांसद महोदया ने ट्राईबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन की इस मांग का समर्थन करते हुए तत्काल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर 2004 के बाद के सभी कर्मचारियों को राजस्थान सरकार की तरह पुरानी पेंशन बहाल करने का अनुरोध किया। इसके लिए एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उन्हें धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया।
इसी क्रम में ट्राईबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने निवास विधायक डॉ अशोक मर्सकोले एवं विधायक नारायण सिंह पट्टा से मिलकर पुरानी पेंशन बहाली के लिए मुख्यमंत्री के नाम लिखे गए पत्र एवं टीवी न्यूज़, सोशल मीडिया में एनपीएस का जबरदस्त विरोध करने विधान सभा मे प्रश्न लगाने तथा राज्य के सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाल करने का समर्थन करने पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया।
एसोसिएशन की इस मुहिम से अधिकारी कर्मचारी एवं अन्य संगठन हुए जागरूक -- वैसे तो प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली के नाम से अनेक संगठन वर्षों से काम कर रहे हैं, उसके बाद भी प्रदेश के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अन्य संगठनों को कम समय में एनपीएस के विरोध में जगाने का जो काम ट्राईबल वेलफेयर एसोसिएशन ने किया उल्लेखनीय रहा है। ट्राईबल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रांताध्यक्ष अध्यक्ष डीके सिंगौर एवं प्रांतीय पदाधिकारियों के नेतृत्व में प्रदेश के सभी जिलों एवं ब्लाक में पेंशन अधिकार यात्रा निकाल कर ब्लॉक स्तरीय धरना, प्रदर्शन, रैली, ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों को एनपीएस की खामियों से अवगत कराया गया। वहीं स्टीकर चिपकाओ अभियान के माध्यम से लोगों को एनपीएस विरोधी मुहिम से जोड़ा गया। एसोसिएशन द्वारा वार्षिक कैलेंडर छपवा कर जिले के कलेक्टर, एडीएम, एसडीएम, ट्रेजरी ऑफिसर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला चिकित्सा अधिकारी, कमिश्नर, तहसीलदार, थानेदार सहित जिले एवं ब्लाक के सभी बड़े अधिकारियों, कर्मचारियों को कैलेंडर भेंटकर बताया गया कि जब आपके खाते में कटौती के कुल 10000000 रुपए (एक करोड़ रुपए) जमा होंगे, तब जाकर आप को सेवानिवृत्ति के बाद ₹20000 (बीस हजार) की पेंशन बनेगी, वह भी पूरे जीवन भर के लिए फिक्स रहेगी, उसमें ₹1 की बढ़ोतरी नहीं होगी। एसोसिएशन के वार्षिक कैलेंडर में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के नाम, फोटो सहित पूरी जानकारी उदाहरण देकर बताया और समझाया गया जिसे सुनकर, देखकर सभी अधिकारी कर्मचारी भौचके रह जाते हैं। ट्राईबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन द्वारा ट्विटर, व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम आदि सोशल मीडिया के माध्यम से जारी इस मुहिम से शिक्षा विभाग के कर्मचारी, अधिकारी और संगठन भी अछूते नहीं रहे। जिसके परिणामस्वरूप जो पुराने कर्मचारी संगठन कभी सिर्फ वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाओं के लिए आंदोलन करते थे, वे भी अब एनपीएस विरोधी इस मुहिम में शामिल होकर पुरानी पेंशन के लिए धरना प्रदर्शन करने लगे। जिला प्रवक्ता अभित गुप्ता के अनुसार प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाल होने तक ट्रायबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन द्वारा अवकाश के दिनों में ब्लाक स्तर पर एक दिवसीय धरना, प्रदर्शन, रैली का आयोजन कर कर्मचारियों, अधिकारियों एवं युवाओं को एनपीएस विरोधी मुहिम से जोड़ने का काम जारी रहेगा।
राजधानी भोपाल में बड़े आंदोलन की तैयारी --
राजस्थान सरकार की घोषणा के बाद उत्साहित प्रदेश के कर्मचारी संगठन प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बड़े आन्दोलन की रणनीति बना रहे हैं। एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता संजीव सोनी ने बताया कि इसके लिए प्रदेश के सभी कर्मचारी संगठनों ने भोपाल में 6 मार्च को आफलाइन बैठक आयोजित कर आन्दोलन की रणनीति बनाने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली के लिए राजधानी भोपाल में एक वृहद आन्दोलन कर सरकार को चेतावनी दी जा सके।
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