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निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

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Thursday, February 24, 2022

लोकायुक्त के खिलाफ पत्रकार पहुँचा हाईकोर्ट, प्रदेश के आरोपित सैकड़ों भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति न देने का मामला... प्रदेश के मुख्य सचिव सहित प्रमुख सचिवों को पक्षकार बनाने उच्च न्यायालय की स्वीकृति...

 



रेवांचल टाईम्स - मप्र हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर रेवांचल टाईम्स के संपादक पत्रकार मुकेश श्रीवास ने यह आरोप लगाया गया है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार में जुड़े अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ शासन की ओर से अब तक अभियोजन की स्वीकृति नहीं दी गई और न ही चालान पेश किया गया है। जस्टिस शील नागू व जस्टिस मनिंदर सिंह भट्टी की युगलपीठ के समक्ष पूर्व आदेश के परिपालन में आवेदक मूकेश श्रीवास की ओर से एक अंतरिम आवेदन पेश कर मप्र शासन के मुख्य सचिव, गृह विभाग व सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव को भी पक्षकार बनाने की अनुमति चाही गई, जिसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई 2 मार्च को निर्धारित की है। उल्लेखनीय है कि यह जनहित याचिकाकर्ता पत्रकार मुकेश श्रीवास निवासी सिविल लाइन मंडला की ओरसे दायर किया गया है। जिसमें कहा गया है कि वर्ष 2012 से भ्रष्ट आचरण में लिप्त अधिकारी व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होने के बावजूद भी अब तक उनके खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति नहीं दी गई है। आवेदक का कहना है कि करीब पांच सौ से अधिक अधिकारी व कर्मी सेवानिवृत्त हो चुके है तो इतने ही अधिकारी व कर्मचारी कार्यरत् है। जिनमें कई आईएएस व आईपीएस अधिकारी भी शामिल है। आवेदक का कहना है कि संबंधित विभागों की ओर से विधि एवं विधायी विभाग के समक्ष आवेदन कर लोक अभियोजन की स्वीकृति चाही गई, लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद भी स्वीकृति प्रदान नहीं की गई, जिससे प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और उस पर अकुंश लगाना असंभव है। मामले की प्रारंभिक सुनवाई पर न्यायालय को बताया गया था कि मामले में सिर्फ विधि एवं विधायी विभाग को पक्षकार बनाया गया है, जिस पर न्यायालय ने मुख्य सचिव सहित अन्य विभाग के प्रमुख सचिवों को पक्षकार बनाने के निर्देश दिये थे। मामले में मंगलवार को हुई सुनवाई दौरान आवेदक की ओर से उक्त अनावेदकों को पक्षकार बनाने संबंधी आवेदन पेश किया गया, जिसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 2 मार्च को निर्धारित की है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता गोपाल सिंह बघेल पैरवी कर रहे है।

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