दैनिक रेवांचल टाइम्स - मंडला ।शासकीय स्नातक महाविद्यालय नैनपुर में प्राचार्य डॉ आई के यादव के निर्देशन एवं डॉ ज्योति सिंह के मार्गदर्शन व राहुल विश्वकर्मा के संयोजन में विश्व पेपर बैग दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रम का आयोजन हुआ। छात्र छात्राओं को पेपर के बैग बनाने हेतु प्रेरित किया गया साथ ही आसपास के किराना दुकान, होटल, अन्य व्यावसायिक केंद्रों में जाकर पेपर से बने हुए थैलियों को देकर उन्हें प्लास्टिक से बने कैरी बैग का उपयोग करने से मना करते हुए पेपर के बैग का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। डॉ आर एस धुर्वे के द्वारा छात्र छात्राओं को बताया कि विश्व में प्रति वर्ष 400 मिलियन टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न होता है। औसतन, प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग सिर्फ 25 मिनट के लिए किया जाता है। एक प्लास्टिक को गलने में कम से कम 100 से 500 साल लगते हैं। इसलिए प्लास्टिक बैग के बजाय पेपर बैग के उपयोग के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 12 जुलाई के दिन पेपर बैग डे मनाया जाता है। इस कार्यक्रम में विशेष रुप से डॉ जे एस उर्वेती, डॉ राजेश मासतकर, डॉ कुलभूषण रजक, डॉ प्रियंका चक्रवर्ती, डॉ दीप्ति तोमर, प्रो रविन चौहान, डॉ संजीव सिंह, डॉ शुभम अहिरवार, डॉ सीमा सिंह, अमित सेन, मान सिंह मरावी, विनोद ठाकुर, विमला वलके, सुधा कुमरे, अमित यादव, रिया अवधवाल, प्रकाश ठाकुर, तारा चौरसिया, किरण धोसेल, छात्र प्रवीण ठाकुर का विशेष सहयोग रहा।
दैनिक रेवांचल टाइम्स - मंडला ।शासकीय स्नातक महाविद्यालय नैनपुर में प्राचार्य डॉ आई के यादव के निर्देशन एवं डॉ ज्योति सिंह के मार्गदर्शन व राहुल विश्वकर्मा के संयोजन में विश्व पेपर बैग दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रम का आयोजन हुआ। छात्र छात्राओं को पेपर के बैग बनाने हेतु प्रेरित किया गया साथ ही आसपास के किराना दुकान, होटल, अन्य व्यावसायिक केंद्रों में जाकर पेपर से बने हुए थैलियों को देकर उन्हें प्लास्टिक से बने कैरी बैग का उपयोग करने से मना करते हुए पेपर के बैग का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। डॉ आर एस धुर्वे के द्वारा छात्र छात्राओं को बताया कि विश्व में प्रति वर्ष 400 मिलियन टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न होता है। औसतन, प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग सिर्फ 25 मिनट के लिए किया जाता है। एक प्लास्टिक को गलने में कम से कम 100 से 500 साल लगते हैं। इसलिए प्लास्टिक बैग के बजाय पेपर बैग के उपयोग के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 12 जुलाई के दिन पेपर बैग डे मनाया जाता है। इस कार्यक्रम में विशेष रुप से डॉ जे एस उर्वेती, डॉ राजेश मासतकर, डॉ कुलभूषण रजक, डॉ प्रियंका चक्रवर्ती, डॉ दीप्ति तोमर, प्रो रविन चौहान, डॉ संजीव सिंह, डॉ शुभम अहिरवार, डॉ सीमा सिंह, अमित सेन, मान सिंह मरावी, विनोद ठाकुर, विमला वलके, सुधा कुमरे, अमित यादव, रिया अवधवाल, प्रकाश ठाकुर, तारा चौरसिया, किरण धोसेल, छात्र प्रवीण ठाकुर का विशेष सहयोग रहा।

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