रेवांचल टाईम्स - मंडला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ० श्री नाथ सिंह ने जनसमुदाय को एडवाइजरी जारी की है कि कोविड 19 कोरोना महामारी के अलावा वर्तमान समय में बरसात के समय में जलजनित बीमारी होने की संभावना होती है। बरसात में अक्सर पस्त, उल्टी, बुखार, आब पेट दंद, पेचिस, पीलिया, टायफाइड डायरिया जैसी बीमारियां होती है। बीमारी से बचने के लिए सावधान रहें। बीमार ना हो इसके उपाय करें एवं स्वस्थ्य रहें । बीमारी से कैसे बचें :-दस्त, उल्टी, बुखार, आय.पेट दंद, पेचिस, पीलिया, टायफाइड, डायरिया जैसी
संक्रामक बीमारी से बचने के लिए ताजा भोजन करें शुद्ध पानी पिए (उबला पानी आने का पानी, फिल्टर का पानी हेंडपंप का पानी पिए) कुओं, नदी, नाला का पानी ना पिये पानी क्लोरिनेशन करके पियें। सी गली सब्जी फल बासा खाना ना खायें एवं बरसात के दिनों मांस का सेवन ना करें। व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाये खाने की चीजों को छूने से पहले साबुन से अच्छी तरह हाथ धोए संक्रमित चीजों को के बाद या शीच के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोए स्वच्छ शौचालय का उपयोग करें। उपचार: डा. केपरामर्श से उल्टी दस्त के लिए टेबलेट फ्युराजेोलाडिन मेट्रोजन डायकलोमिन मेट्रोक्लोरापामाइड, जिंक ओआरएस का घोल, खीरा, दही, सिकजी, चावल का पानी तथा तरल पदार्थों का अधिक मात्रा में सेवन करें ।
सुझाव:-दस्त से संबंधित संक्रामक बीमारी होने पर नजदीकी अस्पताल जायें, ग्राम स्तर में आशा कार्यकर्ता डिपो होल्कर के माध्यम से जीवन रक्षक दवाइयां प्राप्त करें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जनसमुदाय को एडवाइजरी जारी की है कि बरसात के दिनों में वेक्टर जनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारियां होती है। गंदा पानी, नाली, गडढों में एकत्रित पानी से मच्छर के लारया से अंडे पनपते है।
मलेरिया :- मादा एनाफिलिस मच्छर के काटने से मलेरिया होता है । डेंगू :- डेंगू के लारखा साफ पानी में पैदा होता है। जैसे कूलर टूटे हुए टायर, टंकी में एडीज मच्छर के लावा पनपते है। एडीज मच्छर के काटने से डेंगू होता है।
चिकिनगुनियां:-इसका वाइरस सीधे हवडी पर अटेक करता है जिससे असहनीय दर्द होता है। डेंगू, मलेरिया, चिकिनगुनिया फायलेरिया से कैसे बचें घर के आसपास की सफाई रखें पानी इक्कठा ना होने दें गड़ों को भरा जाये टायर का समान ढक कर रखें इनमें पानी इक्कठा नही होने दें। कूलर वा टंकी का पानी को एक सप्ताह में खाली करें नीम का धुआ करें शाम के समय खिड़की दरवाजा बंद रखें रात्री में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें पूरी अस्तीन के कपड़े पहने मच्छर भगाने वाले साधन जैसे- क्रीम क्वाइल रिपेलेट इत्यादि का उपयोग करें सुधार जाने पर तत्काल स्वास्थ्य केन्द्र में जांच कराये ।
सुझाव:- बुखार आने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जा कर खून की जांच कराये एवं ग्रामीण क्षेत्र में आशा कार्यकर्ता के पास जा कर खून की जांच करायें एवं दवाइयां प्राप्त करें । उपरोक्त समाचार सभी समाचार पत्रों में प्रसारित करने का कष्ट करें।

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