आज यानि 31 जुलाई को सावन अधिकमास का चौथा सोमवार का व्रत है. कहते हैं कि यदि सावन के महीने में भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन किया जाए या रुद्राभिषेक किया जाए तो भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं. भोलेनाथ को प्रसन्न करना सबसे सरल है और सावन का महीना उनकी अराधना के लिए बेहद ही खास माना गया है. (Sawan Adhikmas 2023) यह साल बेहद खास है क्योंकि अधिकमास की वजह से इस बार दो सावन पड़ रहे हैं. सावन माह की शुरुआत 4 जुलाई से हुई थी और इसका समापन 31 अगस्त को होगा. पंचांग के अनुसार 19 साल बाद सावन के महीने में अधिकमास लगा है. आइए जानते हैं सावन सोमवार की पूजा का शुभ मुहूर्त.
सावन सोमवार व्रत शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार आज सावन का चौथा सोमवार है और इस दिन बेहद ही शुभ योग बन रहे हैं. कहते हैं कि यदि शुभ योग में कोई पूजा की जाए तो उसका शुभ फल प्राप्त होता है. आज सुबह 3 बजकर 2 मिनट पर विष्कम्भ योग शुरू हुआ है जो कि रात 11 बजकर 5 मिनट पर समाप्त होगा.
सावन सोमवार पूजा विधि
सावन के महीने में सोमवार के दिन भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखा जाता है. इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर स्वच्छ वस्त्र पहनें. फिर मंदिर को स्वच्छ करें और सभी देवी-देवताओं का गंगाजल से अभिषेक करें. इसके बाद भगवान शिव के मंदिर जाएं और वहां शिवलिंग का विधि-विधान के साथ जलाभिषेक करें. जलाभिषेक करते समय जल में थोड़ा सा गंगाजल व दूध अवश्य मिलाएं. इसके साथ ही शहद, दही, भांग, बेलपत्र, धतूरा और फल अर्पित करें. ध्यान रखें कि शिवलिंग पर चंदन का ही तिलक लगाना चाहिए और माता पार्वती को सिंदूर का तिलक करें. सुहागिन महिलाओं को शिवलिंग व माता पार्वती को कलावे से बांधना चाहिए. कहते हैं कि इससे दांपत्य जीवन में खुशहाली आती है. इसके बाद धूप व दीप जलाएं और व्रत कथा पढ़ें. साथ ही शिव चालीसा का पाठ व आरती जरूर करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. रेवांचल टाइम्स इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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