रेवांचल टाइम्स - मंडला आदिवासी बाहुल्य जिले मंडला में आज मंडला सहित आस पास की जनपद और उनकी ग्राम पंचायतों के अधिकांश ग्रामो में आज भी लोगो को मिलने वाली मुलभूत सुविधाएं से वंचित नजर आ रहे है सड़क, पानी बिजली ये ग्रामीणों की आज की मूल सुविधाएं है पर हर बार चुनाव के पहले इन भोलेभाले लोगो को मंच से बड़े बड़े सपने दिखा कर जीत हासिल कर चंपत हो जाते है।
मंडला नगर सहित कुछ ग्रामीण अंचल आज भी उनको मिलने वाली सुविधाएं से वंचित है। वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड नारायणगंज मुख्यालय अंतर्गत ग्राम पंचायत सिकोसी की पोषक ग्राम बोरिया स्थित ग्वारी टोला में आवागमन में भारी परेशानी कई वर्षों से बनी हुई है। आये दिन शिकायत पत्र लेकर ग्रामीण पहुंचते है और जनपद पंचायत कार्यालय में अनेकों बार मौखिक, लिखित रूप से शिकायत पत्र सौंपे हुए है साथ ही जनपद से लेकर जिला प्रशासन में होने वाली जनसुनवाई में भी कलेक्टर को शिकायत पत्र दिया जा चुका है। और सांसद विधायक तक को अनेको बार अपनी समस्याओं से अवगत कराया गया पर उन्हें केवल अस्वासन मिला काम नही हुआ विधायक मंत्री आते रहे जाते रहे पर ग्रामीणों की समस्याएं जस की तस है अब ग्रामीणों की सभी से अपने लिए माँग की जा रही सुविधाएं से आस टूट रही है जिसको लेकर ग्रामीणों का कहना है की लगातार हमारे द्वारा हर स्तर पर पुलिया और सड़क निर्माण की मांग को लेकर आवेदन निवेदन वर्षों से कर रहे है, पर समस्या जस की तश है अब हमारी समस्याओं से किसी को सरोकार नहीं है। ज्ञात हो कि नेशनल हाईवे से महज एक किलोमीटर की दूरी में मोहल्ले की बसाहट है। के हाल है तो पता नही दूर दराज जंगली ग्रामो की स्थिति तो बताना मुश्किल ही है। वही हमारे मोहल्ले में लगभग ढाई सौ रहवासियों की संख्या है और ग्राम टिकरिया से होकर जाने वाली नेशनल हाईवे से लगा हुआ है, यहां से ग्वारी टोला के बीच एक नाला है जहां पुलिया ना होने के कारण आवागमन में यहां के रहवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में यहां के बच्चे कई दिनों तक पढ़ने स्कूल नहीं जा पाते। जिससे उनका भविष्य भी अंधकार के साथ साथ असुरक्षित है। और जैसे तैसे बच्चे नाला पर कर स्कूल जाते है तो बारिश न हो जाये बाढ़ न आ जाये इस बात की चिंता को लेकर परिजन और बच्चे हमेशा चिंतित रहते हैं। वहीं सड़क और पुलिया के अभाव में यहां के ग्रामीणों को बाजार हाट से लेकर अनेक परेशानियों का सामना लगातार करना पड़ रहा है इन्हीं परेशानियों से तंग आकर स्थानीय लोगो ने आगामी विधानसभा चुनाव में सभी ग्रामवासी मतदान का पूर्ण रूप से बहिष्कार करने का फैसला लिए और अब उनका नारा रहेगा कि काम नही तो बोट नही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सड़क पुलिया का कार्य नहीं होता है तक तक ग्राम से एक भी वोटर वोट नहीं देगा साथ ही ग्रामीणों ने कहा कि एक माह के अंदर हमारी समस्याओं का निराकरण नहीं होता है तो हम उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
इस दौरान उपस्थित रहे
अविनाश शर्मा जनपद उपाध्यक्ष , श्याम सिंह मरावी,अमर सिंह मरावी पंच,रोहित मरावी,सुनील उईके,रतन वरकड़े,दुर्गेश उईके, हनमत सिंह,राजेश कुमार,सहित बड़े संख्या में ग्रामीण रहे उपस्थित।
इनका कहना है
यहां के ग्रामीणों को वर्षों से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिया और सड़क निर्माण के लिए लगातार हम संघर्षरत हैं। परंतु ऊपर सत्ता में बैठे सरकार व वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण निर्माण हेतु राशि उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
इंजी. भूपेंद्र वरकड़े
सदस्य जिला पंचायत
ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायत पत्र प्राप्त हो रहे हैं जिन्हें हमारे द्वारा जिले स्तर पर भी भेजा जा चुका है। हाल में नदी में पानी होने के कारण निर्माण कार्य कराना संभव नहीं है बारिश के पश्चात कार्य कराया जाएगा।
आसाराम भारतीय
अध्यक्ष जनपद पंचायत


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