रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में शहर से लेकर गांव तक भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी चरम सीमा पर हैं। लगातार जिले भर में भ्रष्टाचार व रिश्वत खोरी का मामला मीडिया और शिकायतों के माध्यम से उजागर होते आ रहे हैं। इसके बाद भी ऐसे रिश्वतखोरों के विरुद्ध कोई ठोस कार्यवाही समय सीमा पर नहीं होने से और भी अधिकारी कर्मचारी रिश्वत लेने और भ्रष्टाचार करने से नहीं चूक रहें हैं। रिश्वतखोरी के मामले और भ्रष्टाचार के मामले आदिवासी जिला मंडला में सुनने और साक्षात देखने को मिल रहें हैं। ऐसे भ्रष्टाचारी और रिश्वतखोरों के विरुद्ध जब तक कोई कठोर कानून नहीं बनाया जाता तब तक गरीब तबके के लोग इन भ्रष्टाचारी और रिश्वतखोरों के चपेट में आते रहेंगे, और सरकारी कामकाज और सरकारी योजनाओं का लाभ देने ग्रामीणों हर सरकारी कर्मचारी अधिकारी खुलेआम रिश्वत की माँग करना फैशन में आ चुका और इस फैशन को प्रदेश सरकार और न केन्द्र सरकार रोक पा रही है दिन व दिन सरकारी कार्यालयों में आसीन बाबू और अधिकारी बिना रिश्वत के कोई काम नही कर है और आज कल रिश्वत पुरुष अधिकारियों की अपेक्षा महिला अधिकारी भी रिश्वत मांगने में पीछे नही आये दिन लोकायुक्त और आर्थिक अपराध अन्वेषण व्यूरो जाँच एजेंसियों ने इन भ्रष्ट अधिकारियों और कार्यवाही कर रही है बावजूद इसके खुलेआम रिश्वत ली जा रही है। जिला प्रशासन भी इन भ्रस्टो के विरुद्ध कुछ नहीं कर पाएगा।
वही जानकारी के अनुसार प्रदेश में भ्रष्टाचार के अनेक लंबित मामले पड़े हैं जिसमे कार्यवाही लेट लतीफी के चलते इन भ्रस्टो के हौसले बुलंद नजर आ रहे है। बता दें कि जिले भर में भ्रष्टाचार के मामले 9 ब्लॉकों से लेकर जिला मुख्यालय तक रद्दी टोकरी की शान बढ़ा रहे हैं।
मंडला जिले मे राजस्व विभाग पर लोकायुक्त की कई कार्यवाही मे कर्मचारी और अधिकारी रंगे हाथों पकडे जाने के बाद भी इनके हौसले इतने बुलंद है की खुलेआम भूमि स्वमी से मांग लिए दस हजार की रिश्वत और जब रिश्वत नहीं मिली तो भूमि स्वामी को परेशान करने के लिए फर्जी सीमांकन रिपोर्ट बनाकर पटवारी और आर आई के द्वारा कर दिया न्यायलय मे पेश मामला मंडला जिले के अंजनिया उप तहसील क्षेत्र के आर.आई. अमित चौरसिया और पटवारी शिवम तेकाम और इनके साथ में जगनाथर ग्राम के कोटवार धर्म दास और साथ में 23/08 /2023 को मा.सिविल कोर्ट बिछिया के आदेशानुसार जमीन का मौका जांच करने के लिए ग्राम जगनाथर आए। और भूमि स्वामी महादेव झारिया से आर.आई. और पटवारी ने दस हजार रुपये रिश्वत यह कहकर मांगे कि अगर 10 हजार रुपये दे सकते हो तो आपके पक्ष में रिपोर्ट बना कर कोर्ट में जमा कर देगें।
नहीं तो तुम्हारे विपक्ष में रिपोर्ट बना देगें।
महादेव झारिया के द्वारा यह कहा गया कि वो जमीन मेरी है और इस जमीन का सीमांकन 5 बार हो चुका है। जिसकी रिपोर्ट मेरे पास है, और आप जमीन का सीमांकन कर जांच कर लो, कहकर पैसे देने से मना करने के बाद । जमीन का बिना सीमांकन किए। फर्जी रिपोर्ट बना कर न्यायलय में जमा किया जाता है जो की पटवारी और आर आई के द्वारा न्यायलय को गुमराह किया गया!
और ग्राम पंचायत मे जाकर आर आई और पटवारी जहाँ ग्राम सभा
चल रही थी बहाँ बोला जाता है की हम लोगों ने सीमांकन कर लिया है आप पंचनामा मे सील दसख्त कर दीजिये और सरपंच सचिव ने फर्जी सीमांकन के पंचनामा पर सील दसख्त कर दिए!जिसको आर आई अमित चौरसिया के द्वारा न्यायलय मे रिपोर्ट जमा कर दिया गया जब हमने ग्रामीणों से पूछा तो उनका कहना है की हमने कोई सीमाकांन नहीं होते देखा ही नहीं पटवारी ने कहा की दसख्त कर दो तो हमने कर दिया!


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