BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
पीडब्ल्यूडी आखिर कब अपनी गहरी नींद से जागेगी, जिम्मेदार आखिर सच्चाई का जवाब देने से क्यों बच रहे हैं - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

Friday, August 11, 2023

पीडब्ल्यूडी आखिर कब अपनी गहरी नींद से जागेगी, जिम्मेदार आखिर सच्चाई का जवाब देने से क्यों बच रहे हैं









रेवांचल टाईम्स - मण्डला जिले के आदिवासी बाहुल्य छेत्रो में लोक निर्माण विभाग के द्वारा चारों तरफ़ सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है, परन्तु जिम्मेदारों के द्वारा जानबूझकर यह लापरवाही अपनी तिजोरियां भरने को लेकर बरती जा रही है नतीजा की घटिया निर्माण जो सड़क बनते ही सड़के जर्जर जर्जर हो रही है। इसके पहले भी लोक निर्माण विभाग की लापरवाहियों एवं करतूतों को जिला प्रशासन और शासन- प्रशासन के सामने मीडिया के माध्यम से रखा गया परन्तु आमजनता के सामने बड़े-बड़े वादे करने वाले, अपने-आपको जनहितैषी, विकास कार्यों के मुखिया बताने वाले अपनी हिस्सेदारी बटोरने के चलते भ्रष्टाचारीयों के अंगूठे के नीचे दबे हुए नजर आ रहे हैं। 

       सम्पूर्ण मण्डला जिला आदिवासी बाहुल्य जिला है और जिसका सही फायदा विभाग की कमान संभालने वाले बाहर से आये हुए जिम्मेदार उठा रहे हैं, जिन्होंने पहले भी अन्य जिलों को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाकर आ चुके हैं और किये गए भ्रष्टाचार की जाँच आज भी जारी है इसके बाद भी आज भी खुलेआम धड़ल्ले सरकारी धन को लूटने में कोई कसर नही की जा रही है दोनों हाथों से सरकारी योजनाओं में किये जा रहे घटिया निर्माण में ठेकेदारो काम के पहले ही कमीशन वसूली की जा रही है अन्य जिले में किये गए भ्रष्टाचार अब उसी तर्ज में भ्रष्टाचार की कतार में मण्डला जिले को टारगेट बनाया गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे जिले के निर्माण कार्यों को लेकर कार्यपालन यंत्री शारदा सिंह से जवाब मांगने हेतु आवेदन दिया गया जिसकी एक-एक प्रतियां जिला कलेक्टर एवं पत्रकार संगठनों को भी दिया गया परन्तु भ्रष्टाचारीयों द्वारा अपनी सच्चाई छुपाने को लेकर महीनों बीत जाने के बावजूद भी आज दिनांक तक सवाल एवं आवेदन का जवाब नहीं दिया गया जो इस बात की पुष्टि करता है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा जानबूझकर लापरवाही पद का दुरुपयोग करते हुए खुला भ्रष्टाचार किया गया है। इसके बाद भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और स्थानीय जिला प्रशासन जान कर भी अनजान बना हुआ है कही इनके द्वारा किये भ्रष्टाचार से प्राप्त धन सभी को नही दिया जा रहा है आज लोक निर्माण विभाग का घटिया सड़क निर्माण कार्य जनचर्चा का विषय बना है वही दूसरी तरफ मंडला में नवागत कलेक्टर महोदया से लोगो को बहुत सी उम्मीद है कि कलेक्टर महोदया इन जेसो भ्रष्ट अधिकारियों पर अपना शिकंजा कसेगी और जिले वासियो को भ्रष्ट और भ्रष्टाचार से मुक्ति दिला सकती है। 

पहली बारिश में मिट्टी की तरह बह रही है सड़कें

    वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बारिश के पहले जिले में बनी सड़के पहली बारिश भी नही झेल सकी और विभाग और ठेकेदार की साठगांठ में किये गए घटिया सड़क पानी के साथ साथ बह गई आनन फानन में रात के अंधेरे में ही विभाग और उन भ्रस्टो के साथ संलिप्त ठेकेदार ने उन्हें ढाक मूंद दिया गया, वही लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों के अधिकांश मार्गों पर निर्माण कार्य को लेकर सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का अंबार लगा हुआ जिसे अपनी रैंकिंग बढ़ाने एवं भ्रष्टाचार को छुपाने को लेकर पीडब्ल्यूडी द्वारा गलत जानकारी देकर शिकायत कर्ता को बहला फुसला कर कही लालच देकर और शासन-प्रशासन को फर्जी निराकरण प्रस्तुत कर प्रदेश के मुख्यमंत्री की सीएम हेल्पलाइन योजना को भी खुलेआम चुनौती दी जा रही है। मनेरी-निवास मार्ग, नांदिया-बहंगा मार्ग, मण्डला-पुरबा मार्ग, सिंगारपुर मार्ग, जन्तीपुर मार्ग, चुटका मार्ग जैसे दर्जनों मार्ग है जिनकी आधारशिला लोक निर्माण विभाग द्वारा रखी गई है और नतीजा अधिकांश सड़कों की दुर्दशा यह है कि लगभग सभी सड़कें पहली बारिश में ही बहते नजर आ रही है, जहां निर्माण कार्यों के पहले बड़े-बड़े बोर्डों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की गारंटी लिखी जाती है, परन्तु विभाग की लापरवाही का नतीजा यह है कि गारंटी केवल मात्र लिखने के काम आता है। जब मामले को लेकर सड़कों की गुणवत्ता हेतु कार्यपालन यंत्री शारदा सिंह से बात की गई तो लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री शारदा सिंह का कहना यह है कि गुणवत्ता क्या होता है आप गुणवत्ता का मतलब समझाइये, अब सवाल यह उठता है कि एक लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री को गुणवत्ता के बारे में कैसे समझाया जावे। लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित उक्त सड़कों का हाल-बेहाल हो चुका है। उक्त सड़कों का निर्माण कार्य कुछ दिनों पहले ही पीडब्ल्यूडी द्वारा डामरीकरण कर सड़क का निर्माण कार्य कराया गया था लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते पहली बारिश में ही सड़क की स्थिति जर्जर जर्जर दिखाई दे रही है और साथ ही साथ ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य को लेकर विभाग और ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं और आये दिन सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई जा रही है वहीं विभागीय अधिकारी काम अधूरा होने की बात कह रहे हैं और बारिश के बाद काम पूरा करने की बात कर रहे हैं। जिले के सभी विकासखण्डों अंतर्गत पीडब्ल्यूडी विभाग का निर्माण कार्य चल रहा परन्तु इन चल रहे निर्माण कार्यों में भी विभाग द्वारा बरती जा रही लापरवाही खुलकर सामने दिखाई दे रही है। जहां ग्रामीणों ने बताया कि लोक निर्माण विभाग की ओर से लगभग कुछ समय पहले सड़क निर्माण का काम करवाया गया था और कुछ दिनों पहले ही सड़क में डामरीकरण करवाया गया था परन्तु उसमें भी बड़ी-बड़ी दरारें आ गई विभागीय अधिकारियों एवं ठेकेदार द्वारा हिस्सेदारी बटोरने और घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग करने के चलते तथा जिम्मेदारों की मनमानी रवैया अपनाकर यह लापरवाही बरतने के चलते सड़कों की यह दुर्दशा हो रही है।वही इस मामले में जब लोक निर्माण विभाग के अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी सड़क का निर्माण कार्य अधूरा है बारिश के बाद पूरा निर्माण कार्य किया जाएगा‌, परन्तु जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते आज तक उसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। मीडिया द्वारा जब विभाग की लापरवाहियों एवं करतूतों का पर्दाफाश किया जाता है तो जिम्मेदारों द्वारा अपनी करतूतों पर पर्दा डालने हेतु तत्कालीन व्यवस्था हेतु सड़क चालू कर दी जाती है, परन्तु सड़क का काम पूरा नहीं कराया जाता, नतीजा बारिश होते हैं सड़क मार्ग कीचड़ में तब्दील हो जाती है जो आये दिन विवाद का कारण बन रहा है। और लापरवाहियों तथा भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे देकर शासन-प्रशासन की योजनाओं तथा प्रदेश के मुखिया के वादों को झूठा साबित करते हुए विभाग द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर फर्जी निराकरण प्रस्तुत कर सीएम हेल्पलाइन बंद करने हेतु शिकायकर्ता पर मानसिक रूप से दबाव बनाया जाता है परन्तु जिम्मेदारों द्वारा शिकायत का निराकरण एवं अपनी करतूतों का सुधार नहीं किया जा रहा है इस बात की शिकायत ग्रामीणों द्वारा जिला कलेक्टर एवं जनसुनवाई में तक रखी गई है।

इनका कहना है.....

     पीडब्ल्यूडी द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री को चुनौती देकर फर्जी निराकरण प्रस्तुत कर अपनी दबंगता का परिचय दिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रमाण पत्र देकर अपनी ग़लती स्वीकार किया जा रहा है। फिर भी दोषियों ओर कोई कार्यवाही नही की जा रही हैं।

                                   संतोष सोनी

                      ग्रामीण(ग्राम पंचायत मनेरी)

No comments:

Post a Comment