रेवांचल टाईम्स - मंडला, नैनपुर को जिला बनाने की जनमाँग का सैलाब कल सड़को में मशाल जुलुश के रूप में दिखाई दिया। अनवरत 45 दिनों से यह आंदोलन अब अपने पूरे शबाब पर है। कल देर शाम निकाले गये मशाल जुलुश में नगर के विभिन्न समुदायों के साथ व्यापारी और अन्य संगठनों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। जिसमे महिलाओ की भी भारी भीड़ रही। आंदोलन मंच के सामने मुख्य मार्ग से इस जुलुश का शुभारंभ हुआ। जो मुख्य मार्च से होकर बुधवारी बाजार, बांसुरी वादन चौंक, रेलवे फाटक, से विश्राम भवन चौराहा, चकोर तट होकर उमरिया सुभाष पथ से सभा मंच के सामने आकर समाप्त हुआ। इस दौरान सभी प्रदर्शनकारी चौराहे में मशाल लेकर नारे बाजी करते रहे। जिससे कुछ समय के लिए सड़क के दोनों ओर जाम लग गया। जिला नही तो वोट नही के साथ हांथो में मशाल लेकर सभी प्रदर्शनकारी अपनी भावनाओं की आवाज बुलंद करते दिखाई दिये। इस जुलुश की अगुआई नगर पालिका पार्षदों के साथ नपा अध्यक्ष उपाध्यक्ष और नगर के हर समुदाय के प्रतिनिधि कर रहे थे। इसके पहले लगातार चल रहे क्रमिक अनशन में कल पूज्य सिंधी समाज के साथ आम आदमी पार्टी मण्डला से आये प्रतिनिधियों ने धरना दिया। धरना प्रदर्शन के दौरान लगातार बढ़ती संख्या ने संघर्ष समिति के हौसलों को बढ़ा दिया है। 17 सितंबर को आत्मदाह की घोषणा से मामला अब गंभीर हो गया है। जाहिर है कि समिति संयोजक विमलेश सोनी के साथ सेवानिवृत पुलिस नगर निरीक्षक सुश्री सुमिता यादव ने आत्मदाह जैसे घातक कदम का एलान किया है। समिति के सदस्यों का कहना है कि मांग पूरी नही होने तक अनवरत आंदोलन जारी रहेगा।


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