BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
पितृ पक्ष की ये 3 तिथियां हैं सबसे खास, नहीं किया श्राद्ध तो पितर हो सकते हैं नाराज - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

Tuesday, September 12, 2023

पितृ पक्ष की ये 3 तिथियां हैं सबसे खास, नहीं किया श्राद्ध तो पितर हो सकते हैं नाराज



पितृ पक्ष (paternal side) में श्राद्ध और तर्पण करने से पितर (ancestors) प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद (Blessings) प्रदान करते हैं. उनकी कृपा से जीवन (Life) में आने वाली कई प्रकार की रुकावटें दूर होती हैं. इस बार पितृ पक्ष की शुरुआत 29 सितंबर से होने जा रही है और समापन 14 अक्टूबर को होने जा रहा है।

इस बार पितृ पक्ष 29 सितंबर से शुरू होने जा रहा है. पितृ पक्ष पितरों के आशीर्वाद प्राप्ति का पखवाड़ा होता है. इसमें 16 दिन होते हैं. हर साल भाद्रपद पूर्णिमा से पितृ पक्ष प्रारंभ होता है और आश्विन अमावस्या पर पितृ पक्ष का समापन होता है. पितृ पक्ष में 3 तिथियों का विशेष महत्व है. उसमें आप अपने पितरों की तृप्ति के लिए कई कार्य करते हैं, जिससे वे खुश होकर आपको आशीर्वाद देते हैं. यदि आप पितृ पक्ष में इन तिथियों पर पितरों के लिए कुछ नहीं करते हैं तो उनका आशीर्वाद नहीं मिलता।

पितृ पक्ष की 3 महत्वपूर्ण तिथियां कौन सी हैं?

वैसे तो पितृ पक्ष की सभी तिथियां महत्व वाली हैं क्योंकि हर तिथि पर किसी न किसी के पितर का देहांत हुआ होता है और वे उनके लिए श्राद्ध, तर्पण आदि करते हैं. लेकिन पितृ पक्ष में भरणी श्राद्ध, नवमी श्राद्ध और सर्व पितृ अमावस्या या अमावस्या श्राद्ध की तिथियां महत्वपूर्ण हैं।

1. भरणी श्राद्ध

इस साल 2 अक्टूबर को चतुर्थी श्राद्ध के साथ ही भरणी श्राद्ध भी किया जाएगा. हिंदू पंचांग के अनुसार, 2 अक्टूबर को भरणी नक्षत्र शाम 6 बजकर 24 मिनट तक ही रहेगा।

किसी भी परिजन की मृत्यु के एक साल बाद भरणी श्राद्ध करना जरूरी है. अविवाहित मरने वाले लोगों का श्राद्ध पंचमी तिथि में करते हैं और उस दिन भरणी नक्षत्र हो तो और भी अच्छा होता है. इसके अतिरिक्त जो अपने जीवनकाल में तीर्थ यात्रा नहीं करता है, उसके लिए गया, पुष्कर आदि में भरणी श्राद्ध करना होता है, ताकि उसे मोक्ष प्राप्त हो सके।

2. नवमी श्राद्ध

पितृ पक्ष के नवमी श्राद्ध को मातृ श्राद्ध या मातृ नवमी के नाम से जाना जाता है. इस साल 7 अक्टूबर को नवमी श्राद्ध है. इस तिथि पर परिवार की माता पितरों जैसे कि मां, दादी, नानी पक्ष का श्राद्ध करते हैं. यह दिन माता पितरों को समर्पित होता है. यदि आप इस दिन उनके लिए तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध आदि नहीं करते हैं तो वे नाराज हो जाएंगी. इससे आपको पितृ दोष लग सकता है।

3. सर्व पितृ अमावस्या या अमावस्या श्राद्ध

आश्विन अमावस्या को सर्व पितृ अमावस्या या अमावस्या श्राद्ध होता है. इस वर्ष 14 अक्टूबर को सर्व पितृ अमावस्या है. सर्व पितृ अमावस्या के दिन उन पितरों के लिए श्राद्ध करते हैं, जिनके निधन की ​ति​थि मालूम नहीं होती है या आप को अपने पितर ज्ञात नहीं हैं. ऐसे में आप सर्व पितृ अमावस्या के ​दिन अपने सभी ज्ञात और अज्ञात पितरों के लिए श्राद्ध, पिंडदान, तर्पण आदि करते हैं।



पितृ पक्ष में श्राद्ध की तिथियां
29 सितंबर 2023, शुक्रवार: पूर्णिमा श्राद्ध
30 सितंबर 2023, शनिवार: द्वितीया श्राद्ध
01 अक्टूबर 2023, रविवार: तृतीया श्राद्ध
02 अक्टूबर 2023, सोमवार: चतुर्थी श्राद्ध
03 अक्टूबर 2023, मंगलवार: पंचमी श्राद्ध
04 अक्टूबर 2023, बुधवार: षष्ठी श्राद्ध
05 अक्टूबर 2023, गुरुवार: सप्तमी श्राद्ध
06 अक्टूबर 2023, शुक्रवार: अष्टमी श्राद्ध
07 अक्टूबर 2023, शनिवार: नवमी श्राद्ध
08 अक्टूबर 2023, रविवार: दशमी श्राद्ध
09 अक्टूबर 2023, सोमवार: एकादशी श्राद्ध
11 अक्टूबर 2023, बुधवार: द्वादशी श्राद्ध
12 अक्टूबर 2023, गुरुवार: त्रयोदशी श्राद्ध
13 अक्टूबर 2023, शुक्रवार: चतुर्दशी श्राद्ध
14 अक्टूबर 2023, शनिवार: सर्व पितृ अमावस्या

No comments:

Post a Comment