आजकल स्मार्ट गैजेट्स का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। ये गैजेट्स हमारे कामों को आसान बना देते हैं लेकिन इनके साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। बता दें कि आजकल लगभग सभी लोग मोबाइल या स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई रिसर्च में इस बात का खुलासा हो चुका है कि स्मार्टफोन का इस्तेमाल हमारे शारीरिक और मानसिक सेहत पर बुरा असर डालता है। वहीं रिसर्च में इस बात का भी खुलासा हो चुका है कि मोबाइल से निकलने वाली नीली रोशनी (रेडिएशन) हमारी स्किन को कई तरह के गंभीर नुकसान पहुंचा रही है।
खतरनाक है मोबाइल की रोशनी
मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की स्क्रीन से निकलने वाले ब्लू लाइट्स से हमारी स्किन पर बुरा असर डालती है। मोबाइल से निकलने वाली रोशनी लोगों में उम्र से पहले बुढ़ापा, घर में रहते हुए भी टैनिंग, डार्क स्पॉट, पिगमेंटेशन जैसी समस्याएं पैदा करती हैं। त्वचा विशेषज्ञों का तो यहां तक कहना है कि स्मार्टफोन से निकलने वाली नीली रोशनी त्वचा के लिए उतनी की नुकसानदायक हैं, जितनी सूरज की किरणें। एक्सपर्ट्स के अनुसार, पांच दिन डिजिटल उपकरणों के सामने काम करने से त्वचा को उतनी ही पराबैंगनी किरणें मिलती हैं, जितनी 25 मिनट सूरज में बैठने से। साथ ही उनका कहना है कि त्वचा पर टैन (कालापन) होने में सिर्फ सात मिनट की सूरज की किरणें ही काफी हैं, ऐसे में इतनी देर स्मार्टफोन के सामने बैठना काफी नुकसानदायक हो सकता है।
स्किन टोन पर असर
मोबाइल की नीली रोशनी की किरणें हमारी स्किन टोन को काफी प्रभावित करती हैं। ये स्किन पोर्स के जरिए गहराई तक जाती है, जिसकी वजह से त्वचा पर खुजली, ड्राइनेस और टैनिंग की प्रॉब्लम शुरू होती है। ज्यादा फोन के इस्तेमाल से स्किन को डल और डार्क भी हो सकती है।
स्किन हो जाएगी डैमेज, उम्र से पहले दिखने लगेंगे बूढ़े
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणें स्किन को डैमेज करती हैं। मोबाइल की लाइट के साथ निकलने वाले रेडिएशन की वजह से स्किन टैनिंग और टिश्यू डैमेज की प्रॉब्लम हो सकती है। जो समय से पहले बढ़ी उम्र के लक्षण दिखाती है।
पिम्पल्स और पिग्मेंटेशन
हमारी त्वचा हमारे आस-पास के वातावरण से काफी जल्दी प्रभावित होती हैं। मोबाइल रेडिएशन की वजह से चेहरे पर पिंपल्स ब्रेकआउट की समस्या भी देखने को मिल सकती है। मोबाइल की नीली रोशनी के कारण चेहरे पर पिग्मेंटेशन की समस्या भी शुरू हो जाती है, जिसे आसानी से ठीक कर पाना मुश्किल होता है। पिग्मेंटेशन के कारण चेहरे पर काले और भूरे धब्बे नज़र आने लगते हैं।
बचने के लिए करें ये काम
मोबाइल फोन की नीली रोशनी के नुकसान से बचने के लिए कुछ उपाय हम आपको बात रहे हैं।
-अधिक पानी का सेवन करें।
-चेहरे की साफ-सफाई का ध्यान रखें।
-कुछ कुछ देर में चेहरे पर पानी की छींटे मारें।
-एसपीएफ वाले मॉइस्चराइजर का घर पर भी इस्तेमाल करें।
-सोते समय मोबाइल दूर रखें।
-नाइट मोड का इस्तेमाल करें।
-ब्राइटनेस कम ही रखें।
-नेचुरल लाइट में मोबाइल देखें।
-अंधेरे में मोबाइल का इस्तेमाल अधिक देर तक ना करें।

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