दैनिक रेवांचल टाइम्स सिवनी - उपसंचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन शक्तिकरण विभाग के निर्देश अनुसार स्थानीय डीपी चतुर्वेदी विज्ञान, वाणिज्य, कला एवं शिक्षा महाविद्यालय सिवनी नशा मुक्ति अभियान अंतर्गत नशामुक्ति संबंधी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में विभाग द्वारा दिए गए विषयों पर प्रतियोगिता आयोजित की गई जैसे - नशामुक्ति पर व्याख्यान एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम, निबंध प्रतियोगिता एवं विद्यार्थियों द्वारा ‘‘पाती अपनों के नाम‘‘ कायक्रम, चित्रकला प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता, वॉल पेंटिंग एवं रंगोली प्रतियोगिता, पुरूस्कार एवं प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं सहायक प्राध्यापकों ने नशा मुक्ति पर अपने-अपने वक्तव्य प्रस्तुत किए। एवं निम्न छात्रों ने प्रतियोगिता में भाग लिया जिसमें - निबंध प्रतियोगिता में मुरसलीन अंसारी (प्रथम), दानिश मोहम्मद खान (द्वितीय), अलका अहिरवार (तृतीय)। पाती अपनों के नाम - केशव प्रजापति (प्रथम), मोहम्मद मोनिश अंसारी (द्वितीय), आशा पंचेश्वर (तृतीय)। रंगोली प्रतियोगिता दीपा अहाके बीएड प्रथम वर्ष (प्रथम), प्रियांशु परते जीएनएम प्रथम वर्ष (द्वितीय), कृति सोनी बीएड प्रथम वर्ष (तृतीय)। वॉल पेंटिंग श्रद्धा वरकड़े डीएलएड प्रथम वर्ष (प्रथम), मुस्कान शुक्ला डीएलएड प्रथम वर्ष (द्वितीय), सोनम वरकड़े डीएलएड प्रथम वर्ष (तृतीय)। चित्रकला प्रतियोगिता अलका अहिरवार बीएड प्रथम वर्ष (प्रथम), श्रेयांशी बघेल बीएससी द्वितीय वर्ष (द्वितीय), अनुरंजन सिरसाम डीएलएड प्रथम वर्ष (तृतीय) रहे। वाद-विवाद प्रतियोगिता में आदित्य राज हटीले बीएससी द्वितीय वर्ष (प्रथम), सुरेन्द्र इनवाती बीएड प्रथम वर्ष (द्वितीय), अमन पन्द्रे बीएड प्रथम वर्ष (तृतीय) रहे।
कार्यक्रम में संस्था के चेयरमेन डॉ. केके चतुर्वेदी ने नशा मुक्ति के संबंध में छात्रों को विस्तार से बताया। संस्था की प्राचार्य डॉ. अमिता चतुर्वेदी ने नशे के सामाजिक दुष्परिणाम के बारे में बताया। प्रो. एमएल टेम्भरे ने नशे का ऐतिहासिक पक्ष को बताया। प्रो. सुमित सनोडिया ने नशे का स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव में बताया। प्रो. संगीता जैन ने युवाओं को नशे से दूर रहने संबंधी जानकारी दी। प्रो. एनके चौरसिया ने नशा बालक के सर्वांगीण विकास में बाधक है एवं मंच संचालन डॉ. अनीता सिंह चौहान ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एनएसएस प्रभारी प्रो. टेकचंद सनोडिया, प्रो. सरमन गौर, का योगदन रहा। कायक्रम के अंत में डॉ. केके चतुर्वेदी द्वारा नशामुक्ति अभियान पर छात्रों को नशा से दूर रहने के लिए शपथ दिलाई गई।

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