

रेवांचल टाईम्स - मंडला जिले में अवैध तरह से कई तरह के कार्य मंडला जिले में शासन प्रशासन में बैठें जिम्मेदारो की सांठ गांठ से चल रहे हैं जिसके चलते लोगों में नाराजगी चल रही है। सभी तरह के अवैध कारोबार को बंद करने के लिए कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यूं तो संपूर्ण मंडला जिले में स्टोन क्रेशर नियम कानूनों को ताक में रखकर चल रहे हैं। सभी निर्धारित नियमों का पालन स्टोन क्रेशर संचालकों द्वारा नहीं किया जा रहा है। साथ ही कई स्टोन क्रेशर तो बिना परमिशन के चलने की खबर मिल रही है। इस आशय की जानकारी देते हुए मंडला जिले की तहसील नैनपुर के अधिकांश नागरिकों ने बताया कि ग्राम परसवाड़ा, देवरी, खुर्सीपार, बंजाराटोला, गजना, सर्रा चैराहा, चिचैली, चरगांव, पाठासिहोरा, सहित अनेक ग्रामों में स्टोन क्रेशर अवैध तरह से चल रहे हैं। और संचालकों द्वारा पठार क्षेत्रों में संचालित स्टोन क्रेशरों के माध्यम से पूरी जमीन को खोखला कर दिया गया है। क्रेशर स्थल पर पर्याप्त वृक्षारोपण व डस्ट अरेस्टर नहीं लगाया गया है। जिसकी वजह से आसपास की उपजाऊ भूमि बंजर हो रही है नदी नालों का भी अस्तिव खतरे में नजर आ रहा है। और लोगों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। परसवाड़ा और गजना के पास साहू स्टोन क्रेशर रात भर संचालित रहता है जिसकी वजह से आसपास के लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है और लोग बीमार हो रहे हैं। यहां पर और लगभग सभी स्टोन क्रेशरों में अवैध तरीके से ब्लास्टिंग करने की खबर भी चर्चा पर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार कोई पटले जी भी है जो कि उनके द्वारा अवैध तरीके से स्टोन क्रेशर संचालित किया जा रहा है उनके क्रेशर की अनुमति समाप्त हो चुकी है इसके बाद भी लगातार क्रेशर संचलित करते हुए जगह जगह बिना अनुमति की भूमि खोद कर पत्थर निकाला जा रहा है जिसके कारण स्थानीय लोग परेशान है और पहले भी अनेको शिकायत की जा चुकी है पर जिला खनिज विभाग की मेहरबानी से आक तक कार्यवाही नही हो सकी है। वही यहां पर जितने भी स्टोन क्रेशर संचालित हैं वे सभी खनिज विभाग और शासन प्रशासन की सांठ गांठ से अवैध तरीके से कई वर्षाें से संचालित किये जा रहे हैं। जनापेक्षा है सभी स्टोन क्रेशरों की गंभीरता से जाँच कड़ते हुए और लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अबैध तरीके से संचालित हो रहे क्रेशरों को जल्द से जल्द कार्यवाही करते हुए बंद कराया जावे और उच्च स्तरीय जांच पड़ताल की जावे जिससे जिला प्रशासन की छवि जनता में बनी रहे।
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