हिंदू धर्म में शुभ-मांगलिक कार्य करने के लिए मुहूर्त निकाले जाते हैं. ताकि उस काम का शुभ फल मिले. ग्रह-नक्षत्रों की स्थितियों के अनुसार सही समय पर किए गए काम ज्यादा से ज्यादा फल देते हैं. वहीं अशुभ समय में काम करने से काम बिगड़ने या सफल ना होने की आशंका रहती है. हिंदू धर्म में शुभ-मांगलिक कामों को करने के लिए कुछ महीनों और तिथियों को शुभ-अशुभ बताया गया है. इसके अनुसार खरमास में कोई भी शुभ-मांगलिक कार्य जैसे- शादी, मुंडन, गृहप्रवेश आदि संस्कार नहीं किए जाते हैं. खरमास को मलमास भी कहते हैं. जल्द ही खरमास या मलमास शुरू होने जा रहा है. इस महीने के 30 दिनों में कई कार्य वर्जित रहेंगे.
कब लगता है खरमास?
हिंदू धर्म में शुभ-मांगलिक कार्य करने के लिए मुहूर्त निकाले जाते हैं. ताकि उस काम का शुभ फल मिले. ग्रह-नक्षत्रों की स्थितियों के अनुसार सही समय पर किए गए काम ज्यादा से ज्यादा फल देते हैं. वहीं अशुभ समय में काम करने से काम बिगड़ने या सफल ना होने की आशंका रहती है. हिंदू धर्म में शुभ-मांगलिक कामों को करने के लिए कुछ महीनों और तिथियों को शुभ-अशुभ बताया गया है. इसके अनुसार खरमास में कोई भी शुभ-मांगलिक कार्य जैसे- शादी, मुंडन, गृहप्रवेश आदि संस्कार नहीं किए जाते हैं. खरमास को मलमास भी कहते हैं. जल्द ही खरमास या मलमास शुरू होने जा रहा है. इस महीने के 30 दिनों में कई कार्य वर्जित रहेंगे.
कब लगता है खरमास?
खरमास कब से है?
सूर्य का धनु राशि में प्रवेश या धनु संक्रांति 16 दिसंबर 2023 को है. इस दिन से ही खरमास शुरू होगा और 15 जनवरी 2024 को खरमास समाप्त होगा. इस तरह खरमास एक महीने तक चलेगा. साल 2024 में मकर संक्रांति होने के बाद ही फिर से शुभ-मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी.
खरमास में वर्जित होते हैं ये काम
खरमास शुरू होते ही सगाई, शादी, मुंडन, गृहप्रवेश, नए कार्य की शुरुआत, निवेश, घर-गाड़ी खरीदने आदि पर रोक लग जाती है. लिहाजा ये कार्य खरमास शुरू होने से पहले ही निपटा लें या फिर खरमास खत्म होने तक इंतजार करें. क्योंकि खरमास में किए गए काम सफलता नहीं देते हैं.

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