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निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

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Monday, December 25, 2023

विकास के प्रति उदासीनता बनी चुनाव में हार का कारण मंडला-जबलपुर मार्ग दस वर्ष में नहीं करा सके पूरा, बाकी विकास पर भी नहीं दिया ध्यान



रेवांचल टाईम्स - मंडला विधानसभा चुनाव में भाजपा, कांग्रेस के कई दिग्गज नेता चुनाव हार गये हैं । जिसमें म.प्र. के निवास विधानसभा से केन्द्रीय राज्य मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते को भी हार का सामना करना पड़ा है । विकास के प्रति उदासीनता से नागरिकों के आक्रोश के ही कारण फग्गनसिंह कुलस्ते को पराजय मिलने की जनचर्चा बनी हुई है। यह सभी को ज्ञात है कि फग्गनसिंह कुलस्ते को जनता लगातार अपना प्रतिनिधित्व सौंप रही है इसके बावजूद भी काफी लम्बा समय बीत जाने के बाद भी इन्होनें म.प्र. के आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए कोई खास प्रयास नहीं किये और यही वजह हार का कारण बनी । वही सम्पूर्ण मंडला लोकसभा क्षेत्र में इनके खिलाफ जनता में आक्रोश व्याप्त है । जिसका परिणाम विधानसभा चुनाव में देखने को मिला है । वही दूसरी तरफ कुछ महिने बाद लोकसभा चुनाव होना है, और अधिकांश लोगों का मानना है कि यदि इन्हें भाजपा से लोकसभा प्रत्याशी घोषित किया जाता है तो फिर इस चुनाव में भी फग्गनसिंह कुलस्ते को करारी हार का सामना करना पड़ सकता है। जिले के  अधिकांश जागरुक लोग जानना चाह रहे हैं कि भाजपा इस बार लोकसभा चुनाव में नये चेहरे को प्रत्याशी के रूप में सामने लायेगी या फिर फग्गनसिंह कुलस्ते को ही अपना प्रत्याशी बनायेगी ? अधिकांश नागरिकों का कहना है कि इन्हें पुनः मौका नहीं दिया जाना चाहिए बल्कि इनके जगह दूसरे प्रत्याशी को चुनाव में उतारना चाहिए । फग्गनसिंह कुलस्ते मंडला जिले में विकास की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में विशेष ध्यान नहीं दिए और न ही दे रहे है । संसदीय क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, उद्योग जैसे महत्वपूर्ण कार्यो को बेहतर करने के लिए इन्होनें कोई अच्छा कार्य नहीं किया । और सरकारी तंत्र पर इनका नियंत्रण बिलकुल भी नहीं है, विकास कार्यो का अवलोकन व लगातार विकास कार्यो की समीक्षा करने में इनकी ज्यादा रूचि नहीं दिखाई पड़ती है। सघन जनसंपर्क करने से ये हमेशा परहेज करते हैं और जन समस्याओं के निराकरण के लिए कोई विशेष ध्यान नहीं देते हैं । ये लोगों को आसानी से नही मिल पाते हैं जिससे लोग अपनी समस्याओं का निराकरण इनसे नहीं करा पाते हैं । वही इनके द्वारा केन्द्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में म.प्र. के मंडला जिले में घोर लापरवाही बरती जा रही है जिस पर भी इनके द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जाता है । मंत्री होने के बावजूद भी म.प्र. के मंडला जिले से शहरी क्षेत्र के अलावा खासकर ग्रामीण क्षेत्र से पिछड़ेपन का कलंक नहीं मिटा पा रहे हैं जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास के केन्द्रीय राज्यमंत्री हैं इसके बावजूद भी ग्रामों में विकास की योजनाओं को ज्यादा से ज्यादा बेहतर ढंग से क्रियान्वित कराने में इनके द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है । लोगों का मानना है कि यदि इन्हें भाजपा अपना प्रत्याशी बनाती है तो पहले से ज्यादा इनको सक्रिय करना पड़ेगा वरना भाजपा को इनकी वजह से यहां पर हार का सामना निश्चित रूप से करना पड़ेगा । वही अगर स्थानीय लोगों का माने तो विगत दस वर्षो से मंडला जबलपुर मार्ग का कार्य पूर्ण करवाने में ये सफल नहीं हो पाये । आज भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और इस नेशनल हाईवे के निर्माण कार्य प्रारंभ से लेकर अब सैकड़ो लोगो को घटना दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ा और कुछ लोग असमय इस हाइवे में चलते चलते काल के गाल में समा गए गये है और मंडला जबलपुर हाईवे आज भी पूर्ण नही हो पाई है और पता नही हाईवे पूर्ण होते होते कितने लोगों की आहुति और हो सकती है, और इस कारण से लोग इन्हें पानी पी-पी कर कोस रहे हैं कि केन्द्रीय मंत्री होने के बाद भी लापरवाही का परिचय दिया। बताया जा रहा है कि यह मार्ग फोर लेन बनना था लेकिन इनकी उदासीनता की वजह से फोर लेन नहीं बन सका और टू लाइन मार्ग का निर्माण भी अधर में लटक गया । जिला मुख्यालय में इनका कार्यालय भी ठीक तरह से संचालित नहीं हो रहा है । यहां पर आवेदन पत्र देने और उसकी पावती देने का कोई सही प्रबंध नहीं किया गया है । निर्धारित कार्यालय में भी इनकी उपस्थिति नाममात्र की रहती है । भाजपा संगठन के साथ भी इनका सही तालमेल समझ में नहीं आता है अधिकांश लोेगों का कहना है कि कुल मिलाकर फग्गनसिंह कुलस्ते फिर यदि प्रत्याशी बनाये जाते हैं तो लोकसभा में इन्हें हार का मुंह देखना पड़ेगा । इसलिए पार्टी सावधान हो जायेे और इन्हें लोकसभा प्रत्याशी न बनाये ऐसी जनापेक्षा है।

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