रेवांचल टाईम्स - मंडला, आदिवासी बाहुल्य जिले में नित्य निये भ्रस्टो और भ्रष्टाचार, ग़बन, के मामले उजागर हो रहे है पर उन मामलों में केवल खाना पूर्ति कर मामलों को दबाया जा रहा है और सरकारी धन पर किये गए भ्रष्टाचार में बड़े बड़े पदों में बैठें जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी बच निकल जाते है और भ्रष्टाचार की गाज छोटे मोटे निचली स्तर के कर्मचारियों को दोषि बना कर पूरा मामला रख दिया जाता है और बड़े बड़े भ्रस्ट बच निकलते है, और फिर धीरे धीरे बड़े बड़े मामले फिर केवल फाइल में दफन कर रह जाते है। शायद इसी कारण आज ग्राम पंचायत से लेकर जनपद पंचायत तक सीमित नही रहा है वह भ्रष्टाचार की जड़े इतनी मजबूत हो चुकी है कि अब इन्हें जिम्मेदारो को हिलाने या कार्यवाही करना बड़ा ही आसान नही रही हैं।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंडला जिले की जनपद पंचायत नैनपुर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी की डी एस सी से हुआ करोड़ों का बगन और फर्जीवाड़ा, गरीबों के हक मैं डाला गया डाका
मण्डला जिले की बहुचर्चित जनपद पंचायत नैनपुर मैं हुये करोड़ों रुपयों के घोटाले,भारी फर्जी वाडा की अब दरपरत जांच पुलिस की निष्पक्षता के चलते यहां पर अनेकों चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। जनपद पंचायत नैनपुर मैं वर्ष 2015 से दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में जितेन्द्र जघेला कम्प्यूटर आपरेटर के पद मैं कार्य कर रहा था जिन्होंने अपने आकाओं एवं लोभ लालच और बहुत जल्द रातों रात करोड़ पति बनने का दिव्य स्वप्न देख अपना कम्प्यूटर आपरेटर का जादुई करिश्मा दिखाते हुए यहां पर पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी को विश्वास में लेकर शासकीय डी एस सी जो कि केवल और केवल मुख्य कार्यपालन अधिकारी ही जिसे डिजीटल सिग्नेचर के रूप में उपयोग कर शासकीय राशि का भुगतान विभिन्न एजेंसियों को कर सकता है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार से गरीब कल्याणकारी योजनाओं के नामों से प्राप्त भारी भरकम आवंटनो राशि मैं से गरीब पात्र जरूरत मंदो को इनके बैंक खातों में भुगतान करने का अधिकार है किन्तु यहां पर सब कुछ उल्टा देखने को मिला है । मुख्य कार्यपालन अधिकारी यहां पर एक नहीं अनेक आये और चले गये किन्तु इन्हें तनिक भी भनक नहीं लगा कि आखिर इनकी शासकीय डीएससी से धड़ाधड़ फर्जी भुगतान उनका एक अदना सा कर्मचारी जितेन्द्र जघेला कर रहा है। यहां पर भवन सनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल मैं अनुग्रह राशि तथा विवाह योजना से संबंधित राशि मैं भारी फर्जी वाडा और घोटाला करने की जानकारी प्राप्त हुई है। यहां पर 7( सात) मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के मार्ग दर्शन व संरक्षण में करोड़ों रुपयों का घोटाला धीरे-धीरे विभिन्न कूट रचित दस्तावेजों कागजों व डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से किया गया है।जिसका खुलासा तब हुआ जब इनकी मित्र मण्डली में रुपये की लेन देन बटवरा संबंधित विवाद सामने आया। इस पर यहां पर पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनोद कुमार मरावी ने संज्ञान लेते हुए अपने वरिष्ठ अधिकारियों एवं जिला कलेक्टर मण्डला को संपूर्ण आर्थिक गबन और यहां पर हुये घोटाले की सूचना दी गई।
वही जिला कलेक्टर मण्डला के द्वारा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए एक जांच दल का गठन कर सूक्ष्म जांच करवाई गई पश्चात पुलिस थाना नैनपुर मैं प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश सी ई ओ नैनपुर को जारी किया गया। जिस पर पुलिस अधीक्षक मण्डला के दिशा निर्देशन पर नैनपुर पुलिस थाना प्रभारी के द्वारा एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच आरंभ की गई। यहां पर पदस्थ कम्प्यूटर आपरेटर जितेंद्र जघेला पुलिस को चकमा देता रहा अंततः गत दिनों ग्राम जहरमऊ से करोड़ों रुपयों के घोटाले बाज को आखिर कर नैनपुर पुलिस थाना मैं पदस्थ प्रभारी जनक सिंह रावत के मार्ग दर्शन पर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया पश्चात पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ कर यहां पर चार आरोपियों को पुनः गिरफ्तार कर इन्हें भी न्यायालय में पेश किया गया जिन्हें जेल भेज दिया गया है।
अब यहां पर जन चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर कार , कम्प्यूटर आपरेटर जितेंद्र जघेला किसके संरक्षण और दिशा निर्देशन में करोड़ों रुपयों का घोटाला एवं भारी फर्जी वाडा किया ?
क्या इस पूरे शासकीय घोटाले और फर्जीवाड़ा में छोटी मछलियों को टारगेट बनाया जा रहा है, आखिर शासकीय डीएससी, डिजिटल सिग्नेचर करने का अधिकार दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी जितेन्द्र जघेला को कौन दिया और क्यो दिया गया ? जैसे प्रश्नचिन्ह हमारे समक्ष आ रहे हैं।
इस तमाम तथ्यों की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच करवाई जाये जिससे यहां पर अनेकों चौंकाने वाले तथ्यात्मक परिणाम शासन एवं प्रशासन के समक्ष आयेंगे, घपले-घोटाले बाज बैनकाप होगे।जनपद पंचायत नैनपुर मैं इतना बड़ा शासकीय घोटाला और फर्जीवाड़ा की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच तमाम तथ्यों को सामने रख किया जाये ऐसी जन मांग यहां के सामाजिक कार्यकर्ताओं, प्रबुद्ध नागरिकों के द्वारा जिला प्रशासन से की गई है।


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