भोपाल. कोरोना संक्रमण को हराकर भोपाल (Bhopal) से बड़ी संख्या में रोज़ाना मरीज अपने अपने घर लौट रहे हैं. भोपाल के चिरायु अस्पताल (Chirayu Hospital) से बीते शुक्रवार को कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित हुए 34 मरीज डिस्चार्ज होकर घर लौटे हैं. वापस लौट रहे लोगों की लिस्ट में जहां 9 दिन और 18 दिन की बच्चियां शामिल हैं तो वहीं इनमे 70 साल से ज्यादा उम्र के 3 बुजुर्ग भी भी शामिल हैं.
चिरायु अस्पताल से आठवीं बार स्वस्थ होकर घर लौटे मरीज
चिरायु अस्पताल से स्वस्थ होकर निकलने वालों का सिलसिला लगातार जारी है. इस कड़ी में 1 मई को आठवीं बार लोगों को यहां से डिस्चार्ज किया गया है. यहां से आज शाम आठवीं बार में 34 मरीज डिस्चार्ज होकर अपने घरों को रवाना हुए. सबसे खास बात यह है कि डॉक्टर्स की मेहनत और मां की ममता और मजबूत हौसले की बदौलत कुछ दिन पहले जन्मे नवजात बच्चों ने कोरोना को हराया है और ये जंग जीती है. वहीं दूसरी ओर उम्र दराज 70 से 80 साल तक के बुजुर्गों को बेहतर इलाज देकर कोरोना की जंग से जिताया है.
चिरायु अस्पताल से स्वस्थ होकर निकलने वालों का सिलसिला लगातार जारी है. इस कड़ी में 1 मई को आठवीं बार लोगों को यहां से डिस्चार्ज किया गया है. यहां से आज शाम आठवीं बार में 34 मरीज डिस्चार्ज होकर अपने घरों को रवाना हुए. सबसे खास बात यह है कि डॉक्टर्स की मेहनत और मां की ममता और मजबूत हौसले की बदौलत कुछ दिन पहले जन्मे नवजात बच्चों ने कोरोना को हराया है और ये जंग जीती है. वहीं दूसरी ओर उम्र दराज 70 से 80 साल तक के बुजुर्गों को बेहतर इलाज देकर कोरोना की जंग से जिताया है.
मां की ममता से हारा कोरोना
शुक्रवार को चिरायु से 9 दिन और 18 दिन की नवजात बच्चियों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है. इनमे से एक की मां तो दूसरी नवजात पॉजिटिव थी. दोनों ने संक्रमण से जंग जीता और घर लौटीं. भोपाल के बरखेड़ी दुर्गा मंदिर के पास रहने वाली रचना साहू की 9 दिन की बच्ची और इटारसी की रुकैया बानो की 18 दिन की बेटी को डिस्चार्ज किया गया है. हालांकि रुकैया की बेटी कोरोना पाजिटिव नहीं थी लेकिन उनके परिवार में उनके पति, ससुर और उनकी ननद कोरोना पॉजिटिव मिली थी. नवजात बच्ची को उन्होंने अपने साथ लेकर आने का फैसला लिया. मां बेटी ने आज कोरोना की जंग जीत ली है. वहीं भोपाल की रचना साहू की केवल बेटी पॉजिटिव थी, उनकी रिपोर्ट नेगेटिव थे. उन्होंने भी अपनी बच्ची की खातिर अस्पताल में रहकर कोरोना की जंग जीती.
शुक्रवार को चिरायु से 9 दिन और 18 दिन की नवजात बच्चियों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है. इनमे से एक की मां तो दूसरी नवजात पॉजिटिव थी. दोनों ने संक्रमण से जंग जीता और घर लौटीं. भोपाल के बरखेड़ी दुर्गा मंदिर के पास रहने वाली रचना साहू की 9 दिन की बच्ची और इटारसी की रुकैया बानो की 18 दिन की बेटी को डिस्चार्ज किया गया है. हालांकि रुकैया की बेटी कोरोना पाजिटिव नहीं थी लेकिन उनके परिवार में उनके पति, ससुर और उनकी ननद कोरोना पॉजिटिव मिली थी. नवजात बच्ची को उन्होंने अपने साथ लेकर आने का फैसला लिया. मां बेटी ने आज कोरोना की जंग जीत ली है. वहीं भोपाल की रचना साहू की केवल बेटी पॉजिटिव थी, उनकी रिपोर्ट नेगेटिव थे. उन्होंने भी अपनी बच्ची की खातिर अस्पताल में रहकर कोरोना की जंग जीती.

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