इंदौर. इंदौर (Indore) के छत्रीपुरा थाना इलाके के टाट पट्टी बाखल (Tat Patti Bakhal) में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम पर हुए पथराव की वजह से शहर का नाम पूरे देश में बदनाम हुआ था. वहीं, कोरोना वॉरियर्स की तरह तैनात पुलिसकर्मी देवेंद्र चंद्रवंशी (Devendra Chandravanshi) का निधन कोरोना संक्रमण से हो गया था. गौरतलब है कि संक्रमित लोगों की सुरक्षा के लिए ड्यूटी पर तैनात चंद्रवंशी कोरोना से संक्रमित हो गए थे और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था,.टाटपट्टी बाखल में हुए पथराव का दाग धोने और शहीद देवेंद्र चंद्रवंशी समेत तमाम पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी का शुक्रिया अदा करने के विचार से वाजिद खान (Wajid Khan) ने एक आकृति structure) बनाने की योजना बनाई. शुरुआत में वाजिद इस आकृति को तमाम खतों के माध्यम से बनाना चाह रहे थे लेकिन अंत में उन्हें टाट पट्टी बाखल से ही एक सज्जन के माध्यम से विचार दिया गया कि जिस पत्थरबाजी की वजह से इंदौर बदनाम हुआ था, उसी पत्थर की जुबान से पुलिसकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों का शुक्रिया अदा किया जाए. इसी वजह से लगातार मेहनत करने के बाद एक सुंदर आकृति बनाई गई और इस आकृति का शुक्रवार को शुभारम्भ हुआ.
इस आकृति को बनाने में 150 बोरी से अधिक पत्थर लगे
इस मौके पर इंदौर पुलिस के आईजी और डीआईजी समेत तमाम अधिकारी पहुंचे और देवेंद्र चंद्रवंशी को एक बार फिर से सेल्यूट किया. इस आकृति को बनाने में 150 बोरी से अधिक पत्थर लगे, लॉक डाउन के दौरान इन पत्थरो को इक्क्ठा करने में बड़ी मशक्त करनी पड़ी. वहीं, प्रतिदिन 18 घंटे की मेहनत के बाद यह आकृति बनकर तैयार हुई. पुलिस अफसर और चिक्तिस्कों के सम्मान में बनी यह तश्वीर इंदौर समेत प्रदेश भर के तमाम लोग बेहद पसंद कर रहे हैं. वहीं, इस अवसर पर इंदौर पुलिस के अफसर फिर से भावुक हो गए.
इस मौके पर इंदौर पुलिस के आईजी और डीआईजी समेत तमाम अधिकारी पहुंचे और देवेंद्र चंद्रवंशी को एक बार फिर से सेल्यूट किया. इस आकृति को बनाने में 150 बोरी से अधिक पत्थर लगे, लॉक डाउन के दौरान इन पत्थरो को इक्क्ठा करने में बड़ी मशक्त करनी पड़ी. वहीं, प्रतिदिन 18 घंटे की मेहनत के बाद यह आकृति बनकर तैयार हुई. पुलिस अफसर और चिक्तिस्कों के सम्मान में बनी यह तश्वीर इंदौर समेत प्रदेश भर के तमाम लोग बेहद पसंद कर रहे हैं. वहीं, इस अवसर पर इंदौर पुलिस के अफसर फिर से भावुक हो गए.
पत्थरों के माध्यम से ही आकृति बनाई गई
विश्व विख्यात कलाकार वाजिद खान के मुताबिक़, लॉकडाउन में उन्होंने विचार किया कि पुलिस और स्वास्थ्यकर्मी निरंतर कर्तव्यपथ पर डटे हुए हैं और सुरक्षा कर रहे हैं. इसी दौरान टाट पट्टी बाखल में सरकारी अमले पर पथराव हुआ और कुछ समय बाद थाना प्रभारी देवेंद्र चंद्रवंशी का निधन हो गया. उस समय मन में ख्याल आया कि विश्वभर से शुक्रिया अदा लिए हुए खत एकत्रित कर एक अनोखी कला के माध्यम से देवेंद्र चंद्रवंशी का चेहरा बनाया जाए, लेकिन फिर टाटपट्टी बाखल में हुए पथराव की तरफ ध्यान आकर्षित किया और पत्थरों के माध्यम से ही आकृति बनाई गई और शुर्किया अदा किया गया.इसी में पंख के माध्यम और चिकित्स्कों के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया गया है कि जब तक पुलिस और स्वास्थ्यकर्मी हैं तभी हम सुरक्षित हैं. इस पेंटिंग को बनाने में प्रतिदिन 18 घंटे से अधिक मेहनत करनी पड़ी और 150 बोरी से अधिक पत्थर लगे. इसे 50 बाय 50 के आकार का बनाया गया है. इंदौर डीआईजी हरिनारायण चारी मिश्र और आईजी विवेक शर्मा के मुताबिक शहीद देवेंद्र चंद्रवंशी की एक विशेष आकृति कलाकार वाजिद के द्वारा बनाई गई है, यह बेहद सुंदर और प्रेरणादायी है.
विश्व विख्यात कलाकार वाजिद खान के मुताबिक़, लॉकडाउन में उन्होंने विचार किया कि पुलिस और स्वास्थ्यकर्मी निरंतर कर्तव्यपथ पर डटे हुए हैं और सुरक्षा कर रहे हैं. इसी दौरान टाट पट्टी बाखल में सरकारी अमले पर पथराव हुआ और कुछ समय बाद थाना प्रभारी देवेंद्र चंद्रवंशी का निधन हो गया. उस समय मन में ख्याल आया कि विश्वभर से शुक्रिया अदा लिए हुए खत एकत्रित कर एक अनोखी कला के माध्यम से देवेंद्र चंद्रवंशी का चेहरा बनाया जाए, लेकिन फिर टाटपट्टी बाखल में हुए पथराव की तरफ ध्यान आकर्षित किया और पत्थरों के माध्यम से ही आकृति बनाई गई और शुर्किया अदा किया गया.इसी में पंख के माध्यम और चिकित्स्कों के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया गया है कि जब तक पुलिस और स्वास्थ्यकर्मी हैं तभी हम सुरक्षित हैं. इस पेंटिंग को बनाने में प्रतिदिन 18 घंटे से अधिक मेहनत करनी पड़ी और 150 बोरी से अधिक पत्थर लगे. इसे 50 बाय 50 के आकार का बनाया गया है. इंदौर डीआईजी हरिनारायण चारी मिश्र और आईजी विवेक शर्मा के मुताबिक शहीद देवेंद्र चंद्रवंशी की एक विशेष आकृति कलाकार वाजिद के द्वारा बनाई गई है, यह बेहद सुंदर और प्रेरणादायी है.

No comments:
Post a Comment