बरगी विस्थापित गांव में राशन वितरित
एकशन एड, गिव इंडिया और हेलो ने किया मदद
मण्डला
नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध से मंडला, सिवनी एवं जबलपुर जिले के आदिवासी बाहुल्य 162 गांव विस्थापित एवं प्रभावित हुआ है।जिसमें सबसे ज्यादा मंडला जिले के 95 गांव शामिल है।बांध में नर्मदा कछार की उपजाऊ कृषि भूमि डूब जाने के कारण अधिकतर परिवार मत्स्याखेट और शहरों में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।करोना बिमारी के कारण मत्स्याखेट कार्य पर प्रतिबंध और शहरों में मजदूरी बंद होने से सैकड़ों परिवार के पास आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है।जिला प्रशासन ने भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली से राशन उपलब्ध कराया है परन्तु पर्याप्त नहीं है।
इस आपदा में विस्थापित परिवार को एकशन एड ,गिव इंडिया और हेलो समूह से आर्थिक सहयोग मिला।इससे बीजाडांडी विकास खंड के लखनपुर, मुसाखोह, मानिकसरा क्षेत्र और शारदा मंदिर, रिछाई, जमूनिया, बरेला क्षेत्र में बसे विस्थापित परिवारों में से 220 परिवार को राशन कीट उपलब्ध कराया गया।इस राशन कीट में चावल 10 किलो,आटा 10 किलो, दाल 2 किलो, सोया तेल, शक्कर, चायपति, नमक,बिस्कुट,साबुन आदि दिया गया है।बरगी डूब क्षेत्र में आवागमन की सुविधा नहीं होने से पिकअप और किश्ति से लखनपुर और मुसाखोह राशन पहुंचाया गया।स्थानीय विधायक डाक्टर अशोक मसकोले ने राहत कार्यों की सराहना करते हुए एकशन एड की सारिका सिन्हा और बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के संयोजक राज कुमार सिन्हा को शुभकामनाएँ देते हुए राहत कार्य जारी रखने का आग्रह किया।इस राहत कार्य को बांटने में साझा जनपहल के राहुल श्रीवास्तव, बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के शारदा यादव, सवतंत्र प्रतिभा मंच के बृजेश टंडन, जीसीएफ वर्कशाप के जूनियर मैनेजर योगेन्द्र सिंह परिहार आदि का सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका रहा।
रेवांचल टाइम्स से प्रहलाद उइके की रिपोर्ट
एकशन एड, गिव इंडिया और हेलो ने किया मदद
मण्डला
नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध से मंडला, सिवनी एवं जबलपुर जिले के आदिवासी बाहुल्य 162 गांव विस्थापित एवं प्रभावित हुआ है।जिसमें सबसे ज्यादा मंडला जिले के 95 गांव शामिल है।बांध में नर्मदा कछार की उपजाऊ कृषि भूमि डूब जाने के कारण अधिकतर परिवार मत्स्याखेट और शहरों में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।करोना बिमारी के कारण मत्स्याखेट कार्य पर प्रतिबंध और शहरों में मजदूरी बंद होने से सैकड़ों परिवार के पास आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है।जिला प्रशासन ने भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली से राशन उपलब्ध कराया है परन्तु पर्याप्त नहीं है।
इस आपदा में विस्थापित परिवार को एकशन एड ,गिव इंडिया और हेलो समूह से आर्थिक सहयोग मिला।इससे बीजाडांडी विकास खंड के लखनपुर, मुसाखोह, मानिकसरा क्षेत्र और शारदा मंदिर, रिछाई, जमूनिया, बरेला क्षेत्र में बसे विस्थापित परिवारों में से 220 परिवार को राशन कीट उपलब्ध कराया गया।इस राशन कीट में चावल 10 किलो,आटा 10 किलो, दाल 2 किलो, सोया तेल, शक्कर, चायपति, नमक,बिस्कुट,साबुन आदि दिया गया है।बरगी डूब क्षेत्र में आवागमन की सुविधा नहीं होने से पिकअप और किश्ति से लखनपुर और मुसाखोह राशन पहुंचाया गया।स्थानीय विधायक डाक्टर अशोक मसकोले ने राहत कार्यों की सराहना करते हुए एकशन एड की सारिका सिन्हा और बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के संयोजक राज कुमार सिन्हा को शुभकामनाएँ देते हुए राहत कार्य जारी रखने का आग्रह किया।इस राहत कार्य को बांटने में साझा जनपहल के राहुल श्रीवास्तव, बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के शारदा यादव, सवतंत्र प्रतिभा मंच के बृजेश टंडन, जीसीएफ वर्कशाप के जूनियर मैनेजर योगेन्द्र सिंह परिहार आदि का सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका रहा।
रेवांचल टाइम्स से प्रहलाद उइके की रिपोर्ट

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