संबंधित विभाग सो रहा गहरी नींद में पर्यावरण को पहुंचाई जा रही है भारी छति,संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही होगी या भी नहीं,अक्सर यह भी देखा गया है कि अगर कोई शासकीय कर्मचारी कोई अनियमितता करता है तो उनके वरिष्ठ अधिकारी उनको बचाने की पूरी कोशिश करते हैं या फिर संबंधित जांच अधिकारी को अपना परिचय व पद बताकर अनियमितता करने वाले को अभयदान दिलवा दिया जाता है।अब देखना यह है कि इस मामले में हरे भरे पेड़ पौधे कटवाने वाले के विरुद्ध कार्यवाही की जाती है या फिर उसे बचाया जाता है।
मंडला।आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला मुख्यालय में पीडब्ल्यूडी कॉलोनी दुर्गा मंदिर प्रांगण के आसपास लगे हरे-भरे फलदार पेड़ पौधे को पीडब्ल्यूडी विभाग में पदस्थ कर्मचारी के द्वारा बगैर अनुमति के मजदूर लगवाकर सरेआम नेस्तनाबूद करवा दिया गया है।बता दे कि जिस स्थान पर पेड़ पौधे लगे थे उस स्थान पर एक दुर्गा मंदिर व व्यामशाला भी स्थित है,और उसके आसपास पीडब्ल्यूडी विभाग के शासकीय आवास एवं न्यायधीशों के आवास भी बने हुए हैं।कटवाए गए पेड़ पौधे दुर्गा मंदिर के आसपास लगे होने से सौंदर्य व मंदिर में आने वाले भक्तों को शुद्ध वातावरण व छांव भी देते थे जो पीडब्ल्यूडी विभाग के कर्मचारी को रास नहीं आया।काटी गई मोटी लकड़ियों को सम्बंधित के द्वारा फर्नीचर बनाने वालों को विक्रय कर दिया गया हैं व कुछ लकड़ियों को जलाऊ वाले को बेच दिया गया।
इन पेड़ों की प्रजाति को काटा गया
उल्लेखनीय हैं कि जिन पेड़ पौधों को काटा गया है जिनमें से बेल, रामफल,बेर,इमली,आम, आंवला,कदम,रसल्लो व इनके अलावा युके लिप्टिस,पीपल वृक्ष व अन्य छोटे बड़े पेड़ पौधे को कटवाया गया है। सवाल यह उठता है कि एक शासकीय कर्मचारी बगैर अनुमति के किसके सह पर अनेक पेड़ पौधों को क्यो काटा गया।बैसाख जैसे महीने में बेल व पीपल जैसे पूज्यनीय वृक्ष को भी नहीं बख्शा गया।
शासन-प्रशासन की मंशा को किया चकनाचूर
एक तरफ राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए गांव से लेकर शहर तक वृक्षारोपण कराकर प्रदूषण मुक्त देश बनाने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं,परंतु इन्हीं के ही शासकीय नुमाइंदे शासन प्रशासन की मंशा में पानी फेरने में आतुर है।जिसकी बानगी जिला मुख्यालय में पीडब्ल्यूडी विभाग के शासकीय आवास के प्रांगण में देखने को मिली हैं जहां पर सरेआम छोटे से लेकर बड़े पेड़-पौधों को काटा गया हैं।पीडब्ल्यूडी विभाग के पढ़े-लिखे एक शासकीय कर्मचारियों के द्वारा इस तरह से हरे-भरे वृक्षों को कटवाकर पर्यावरण को क्षति पहुंचाई गई इससे बड़ी विडंबना क्या होगी।
हरे-भरे पेड़ पौधे को कटवाने वाले के विरुद्ध हो कार्यावाही
पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के आसपास रहने वाले आम नागरिकों के द्वारा बताया गया कि यह बहुत ही निंदनीय कार्य है जो हरे-भरे वृक्षों को कटवाया गया है।मंदिर प्रांगण के आसपास शुद्ध वातावरण देने वाले फलदार एवं छायादार पेड़ पौधों को किस तरह से कत्लेआम किया गया।स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पेड़ कटवाने वाले के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जावे जिससे भविष्य में ऐसे पढ़े-लिखे लोग शासकीय कर्मचारी होने के बावजूद हरे भरे पेड़-पौधों को नेस्तनाबूद ना कर सकें।वही pwd के बाबू को बचाने को लेकर राधा कृष्णन वार्ड नं 17 पार्षद अशोल कछवाहा (बोना) जबकि पेड़ पौधे सरकारी कर्मचारी विनीत सिंगोर के माध्यम से कटे गए है।
नायब तहसीलदार का कहना है कि उक्त काटे हुए पेड़ पौधे को आर. आई.द्वारा प्रतिवेदन में छटाई में नही कटाई की श्रेणी में प्रतिवेदन प्रस्तुत कीया गया है जो कि जिसे अपराध माना गया है।
सुश्री साक्षी शुक्ला
नायब तहसीलदार मंडला
रेवांचल टाइम्स से पवन राय की रिपोर्ट



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