लॉकडाउन को एक माह से अधिक हो चुका है अब वर्तमान में लॉकडाउन 3.0 लागू है इस दौरान मप्र का मण्डला जिला विभिन्न मोर्चो पर जुझते हुए बिना किसी बड़ी समस्या या शिकायत के सफलतापूर्वक जिले की नागरिकों को सुरक्षित रखने में सफल रहा है छत्तीसगढ़ का सीमावर्ती जनजाति बहुल यह क्षेत्र अभी तक लगातार लोगो की आवाजाही बाबजूद यदि कोरोना संक्रमण से बचा हुआ हैं तो इसके लिए जिला प्रशासन की कार्य कुशलता और धैर्य को श्रेय देना होगा। लॉकडाउन के दौरान मण्डला कलेक्टर डॉ. जगदीश चंद्र जटिया और पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला औसतन सप्ताह में एक बार स्वतः वीडियो के माध्यम से आम जनता को निर्देशित करते हुए अपील करते हुए देखे जा सकते है और जिला प्रशासन के उन वीडियो को सोशल मीडिया के माध्यम से सीधे आम जन तक पहुँचाया जा रहा है ताकि जिले की आम जन को भी जिला प्रशासन के अपीलो समझे और उसका पालन करे। साथ ही जनप्रतिनिधियों के साथ साथ जिले के कुछ स्थानों पर आम जन से सीधा संवाद मण्डला जिले को बड़ी मजबूती प्रदान कर रहा है।
नही हो रहा है सोशलडिस्टेंस का पालन
कोरोना संकट काल के चलते देश में बढ़ते कोरोना मरीजों की संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने लॉक डाउन 3.0 लागू कर दिया,बढाया गया लॉक डाउन 14 दिनों यानी 17 मई तक के लिए है, लेकिन इस दौरान अभी तक बंद पड़े लगभग सभी दुकानों को व्यापार हेतु प्रशासन द्वारा कुछ शर्तों के साथ दुकान खोलने निर्देश जारी कर दिए हैं यह कहाँ तक सही है? आज देखा गया कि पहले दिन सुबह 7 बजे से ही लोगो की हुजूम उमड़ पड़ी। लगभग सभी दुकानों में जमकर भीड़ बढ़ लग गई। प्रशासन कर बार-बार अपील करने के बाद भी लोग सोशलडिस्टेंस का पालन नही कर रहे है। वही नगर के कुछ बुद्धि जीवी लोग का कहना है कि जो लोग सब्जी की दुकानों में ठीक तरह से सोशल डिस्टेंडिंग का पालन नहीं कर पाते। क्या वो लोग कपड़े, किराना, जूते चप्पल, स्टेशनरी व अन्य दुकानों में सामग्री खरीदते वक्त इस मर्यादा का पालन कर सकेंगे,?बिल्कुल भी नही कर रहे है। प्रशासन को इस और भी सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
इन स्थानों बिल्कुल भी नही हो रहा है सोशलडिस्टेंस पालन
नगर के ऐसे बहुत से दुकाने है जो अपने काउंटर में भीड़ जमा कर सोशलडिस्टेंस व शासन प्रशासन के निर्देशों का धज्जियां उड़ा रहे हैं। मानो ऐसा लगता है की दुकानदार अपने किसी भी ग्राहक को सोशलडिस्टेंस के लिए बताता ही नही है वे अपने काम व व्यापार में मस्त रहते है वही नगर के बैंक हो या ग्राहक सेवा केंद्र है इन जगहो पर भी जमकर भीड़ रहती है। और सोशलडिस्टेंसींग की धज्जियां उड़ाई रही हैं।


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