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मंडला: यहाँ आज भी बनते है हाथ से घरेलु खपरे - revanchal times new

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निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

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Friday, May 1, 2020

मंडला: यहाँ आज भी बनते है हाथ से घरेलु खपरे

मजदूर दिवस विशेष स्टोरी 
आज भी  प्रचलित हैं ग्रमीणों के घरों में अपने हाथों से बनाते हैं घरेलु  खपरे
 मंडला-मवई ब्लॉक के अंतिम छोर में  बसे गाँव जहाँ पर ग्रमीण जन अपने स्वम के हाथो से मिट्टी लाकर घरों में बनाते हैं घरेलू खपरे बड़े ही प्रचलित हैं यहाँ के खपरे

          ऐसी ही रेवांचल की टीम बांदरबाड़ी में पहुँची जो बांदरबाड़ी ग्राम पंचायत के पोषक ग्राम टतमा करके गांव है जहां पर मिट्टी के खपरे बनाते हुए देखा गया पूरे परिवार सहित लोग बनाते दिखे एक ओर आज भी बड़ी बड़ी संख्या में बाहरी से बड़े खपरा का प्रचलन हैं वही एक से बढ़कर एक समेन्ट सीट आने लगी लोहे की चादर आने लगी पर ग्रामीणों में ये प्रचलन आज भी चल रहा हैं हमारे सामाजिक कार्यकर्ता और ग्राम टतमा के तोकराम यादव जी ने बताया कि आज भी हमारे गांव में ग्रामीण लोग हाथ से मिट्टी लाकर के घरों में खुद स्वयं खपरा बनाकर अपने मकानों में लगाते हैं जो एक सराहनीय है अनुकरणीय है हम लोगों को गर्व होता है कि आज भी हम स्वयं के मेहनत और लगन से इस कार्य को सजनी रखें वही ग्राम के कोटवार सुखदेव सिंह धुर्वे का कहना है कि गांव के लोग आज भी अपनी इतना महंगाई को देखते हुए बाहर का खपरा खरीद कर उपयोग नहीं  कर सकते इससे हमलोग खुद श्रम करके खेत से मिट्टी लाकर खुद घरों में खपरा बनाकर अपने मकान की छानी में छापते इन खपरो से न गर्मी में गर्मी लगती नही ठंडी में ठंडी औऱ बरसात में पानी भी अंदर नही आ सकता  हैं हमारे यहां बहुत ग्रामीण जान ऐसे हैं जो खुद ही बना कर खपरा छाते औऱ अगर किसी औऱ आवश्कता पड़ती है उन्हें भी अपनी मजदूरी निकाल कर दे दिया जाता है जिससे हमलोगों को थोड़ा बहुत पैसा भी मिल जाता है जिससे हमारी रोजमर्रा की वस्तु भी खरीद सकते है और ही हम खपरे पकाने के लिए लकड़ी भी खरीदनी पड़ती है
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