जनपद पंचायत मंडला की ऐसी अनेक ग्राम पंचायतें हैं जहां पानी की विकराल समस्या है इसमें से एक ग्राम पंचायत घाघा है कहने को तो यहां नल जल योजना संचालित है परंतु वास्तविक स्थिति कुछ और है पंचायत में घर घर जल प्रदाय के लिए पाइप लाइन विस्तार भी कर दिया गया है लेकिन ग्रामीणों के घर तक पानी नहीं पहुंच रहा है जिसमें से बैगा टोला एक ऐसा टोला है जहां लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं घाघा गांव की महिलाएं दो दो किलोमीटर दूर से दूसरे गांव से पानी लाने के लिए मजबूर हैं इसकी मुख्य वजह यह है कि मोटर छोटी है कम पावर की है जिससे पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पा रहा है घाघा गांव में पूर्व में अच्छी मोटर थी
लेकिन सरपंच सचिव एवं अन्य जिम्मेदार लोगों के द्वारा मोटर बदल दी गई या बेच दी गई जिसकी शिकायत ग्रामीणों के द्वारा जनपद जिला पंचायत एवं पुलिस थाने में भी की गई थी लेकिन इनकी शिकायतों पर जांच तो हुई लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई बल्कि शिकायतकर्ता में से एक ग्रामीण को झूठे मामले में पुलिस थाने में शिकायत कर प्रताड़ित भी किया गया और बाद में मामला रफा-दफा कर दिया गया इतना सब होने के बावजूद भी इस गांव के लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है जल है तो जीवन है अपना जीवन बचाने के लिए ग्रामवासी कभी गंदे तालाब से जहां मवेशी भी पानी पीते हैं वहां से पानी भर रहे हैं तो कुछ ग्रामीण दूर-दूर कुए की तलाश मैं रहते हैं घाट चढ़कर उतर कर कीचड़ में धंस कर नर्मदा नदी से पानी ला रहे हैं लोगों की समस्याओं को देखते हुए पूर्व विधायक के द्वारा अनेक पंचायतों में पानी की विकराल समस्या होती है ऐसी पंचायतों मैं पानी का टैंकर दिया गया था जिससे पेयजल समस्या आने पर टैंकर का उपयोग कर घर-घर तक पानी पहुंचाया जा सके लेकिन पंचायत की भ्रष्ट नीति एवं जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही और मिलीभगत के चलते इस टैंकर का उपयोग सरपंच के आवास निर्माण में उपयोग किया जा रहा है और जनता पानी के लिए परेशान हैं घंटों समय खराब करते हुए दूर से पानी ला रही हैं जिम्मेदार सरपंच सचिव इनकी परेशानियों को नजरअंदाज कर रहे हैं सक्षम अधिकारी कोरोना वायरस के चलते अनाज वितरण में लगे हैं और अन्य कार्यों में व्यस्त हैं पानी ही नहीं रहेगा तो अनाज किस में पकआएंगे और क्या पिएंगे



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