रेवांचल टाईम्स :- शहर की सड़कों पर सुरक्षा को लेकर बने डिवाइडर हादसे को दावत दे रहा है। पिछली बारिश से अबतक का समय मने तो 10 माह हो चुके है पिछली बारिश में नगर के एक क्षेत्र में पानी भर जाने को लेकर डिवाइडर को तोड़ दिया गया था डिवाइडर से रोजाना वाहनों की टक्कर होती है।
चौरई छिंदवाड़ा में सड़कों पर लाखों-करोड़ों खर्च कर सुरक्षा के लिहाज से बनाया गया बस स्टैंड क्षेत्र में जहा से स्टेट बैंक जाने का रास्ता है रोजना वह से भीड़ का आना जाना होता है अकसर लोग गति में निकल जाते है परंतु रोड़ के दूसरी ओर से आने वाली गाड़ी नही दिखाई देती है जिससे एक बड़ी दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है कि बार आम जनता में इसको ठीक करने की शिकायत की पी डब्ल्यू डी को नगर पालिका को बस जल्द हो जाएगा कहा कर सब ने हाथ खींच लिया जब इसकी जानकारी ली गई तो प्राप्त जानकारी में पी डब्ल्यू डी ने नगर पालिका को 2 लेटर लिखा है परंतु अभी तक नगर पालिका अधिकारी कुछ नही कर पाए है सी एम ओ भरत गजबे का कहना है मेने आदेश इंजीनियर को देदिया है आगे उनका काम है उनसे जानकारी प्राप्त हो जाएगी जब यही बात इंजीनियर श्री मंसूरी से बात हुई तो उनका कहना है कि फिर वही बात 2 या चार दिन में टेंडर हो जाएगा तब करा दिया जाएगा इससे ये साबित होता है कि जब तक वह कोई दुर्घटना न हो तब तक कोई डिवाइड़र जानलेवा न हो तब तक नही बनेगा है। आए दिन बस, ट्रक, ट्रैक्टर, कार और बाइक की टक्कर डिवाइडर से होने पर दुर्घटना बढ़ती जा रही है। लगातार दुर्घटना के बाद भी सुरक्षा को लेकर प्रशासन की नींद नहीं खुल रही है। टू लेन सड़क के बीचों-बीच बस स्टैंड से लेकर टैक्सी स्टैंड तक दो फीट का सिमेंटेड डिवाइडर का निर्माण कराया गया है। सिमेंटेड डिवाइडर से तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर से दुर्घटना के साथ लोगों की चोट तक लग चुकी है। यह दुर्घटना चंद खर्च की वजह से हो रही है या प्रशासन की उदासीनता के कारण डिवाइडर आने से पूर्व वाहन चालकों को आगे डिवाइडर होने की सांकेतिक निशान और ना ही कोई बड़ा रिफ्लेक्टर लगा है ताकि वाहन चालकों को आगे डिवाइडर का संकेत लोगों को मिल सके। ऐसे में दुर्घटना होना लाजमी है। स्टेट बैंक की ओर से आने पर बस स्टैंड शुरू होते ही अचानक से डिवाइडर टूटा हुआ है। जो दिन के उजाले में तो दिखाई दे देता है लेकिन रात को काल बन जाता है। जो सड़क दुर्घटना में टूट जाता है। वहीं बैंक व वार्ड नम्बर 12 की ओर से बस स्टैंड की ओर जाने में टैक्सी स्टैंड शुरू होते ही डिवाइडर शुरु होता है। जहां भी अक्सर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रही है। ठंड के कोहरा में इन जगहों पर घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। तीन माह पूर्व बने डिवाइडर में अब तक दो दर्जन से अधिक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुकी है। इसके बाद भी सड़क सुरक्षा के लिए कोई उपाय नहीं की जा रही है।

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