रेवांचल टाइम्स :- कोरोना वायरस महामारी के कारण प्रदेश में बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्रों में शुक्रवार शाम 6:00 बजे से सोमवार सुबह 6:00 बजे तक लॉकडाउन करने का निर्णय लिया है।जिसमें नैनपुर नगर भी जिला कलेक्टर के आदेश अनुसार पूर्णतः लॉक डाउन है लॉकडाउन के इस मौके पर भी शराब ठेकेदार के हौसले बुलंद हैं नगर में अवैध शराब का कारोबार इस समय भी धड़ल्ले से चल रहा है। क्योंकि वास्तविकता यह है कि अभी भी शहर में पीने वाले पी ही रहे हैं। लॉकडाउन मे होटल, बार और शराब की दुकाने बंद है। लेकिन अवैध तरीके से शराब का कारोबार शहर के लगभग प्रत्येक वार्ड में धड़ल्ले से चल रहा है। बल्कि मुनाफा भी कइ गुना हो रहा है। ऐसा नहीं है कि आपकारी विभाग और पुलिस प्रशासन को इसकी खबर नहीं है लेकिन सब कुछ जानने के बाद भी आबकारी विभाग और पुलिस इस अवैध गोरखधंधे की सालों से अनदेखी करती आई है और इस समय लॉकडाउन मैं व्यस्त होने की वजह से पुलिस प्रशासन का ध्यान पूर्णता हटा हुआ है जिसकी वजह से अवैध कारोबार करने वाले शराब ठेकेदार को को सह मिल गयी है। लॉकडाउन मे चोर बदमाश भी शराब के कारोबार मे उतर गए हैं। शराब की लत ने तो कई घरों को गर्त मे पहुंचा दिया तो फिर नशेड़ियों के लिए लॉकडाउन क्या है। नैनपुर व आसपास के इलाकों का कोई गली-मुहल्ला ऐसा नहीं है जहा शराब की अवैध दुकान ना हो। शहर और आसपास के इलाकों में होटल और बार की संख्या भी कम नहीं है। शराब की दुकानें, बार और शराब के अवैध ठेके की संख्या से ही मांग का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कोरोना को नियंत्रण करने के लिए सरकारी निर्देश के मुताबिक लॉकडाउन जारी है। दाना-पानी, सब्जी और दवाई आदि आवश्यक वस्तुओ के अलावा बाज़ार के दुकान-पाट सभी बंद हैं। शराब की दुकान, होटल बार आदि भी बंद है। लॉकडाउन को सफल बनाने मे जुटी नैनपुर पुलिस की नजर अवैध शराब के अड्डो पर से हटी हुई है। जिसकी वजह से नैनपुर के कई इलाको मे शराब का व्यापार धड़ल्ले से जारी है। खासकर वार्ड नंबर 7 इटका, वार्ड नंबर 8 तलाव टोला, वार्ड नंबर 10 में ही 4 से 5 जगह, वार्ड नंबर 15 राधा कृष्ण मंदिर के सामने, वार्ड नंबर 1, बुधवारी बाजार में, नगर थाना क्षेत्र मे अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से खुलेआम जारी है। नैनपुर शहर में शराब की माग भी काफी बढ़ी है। लॉकडाउन की वजह से लोग घरों मे कैद हैं। समय गुजारने के लिए टीवी, मोबाइल, इंटरनेट और परिवार के अलावा दूसरा कोई साधन भी नहीं है। ऐसे मे तरह तरह के व्यंजन के साथ शराब मिल जाए तो क्या बात है। नशेड़ियों के साथ विशेष अवसर पर शराब पीने वालों की तलब बढ़ गई है। शराब की तलब इतनी बढ़ गई है कि लोग बोतल की कीमत का दोगुना से तिगुना दाम देने को तैयार हैं। बल्कि खरीद भी रहे हैं। शराब के नशे का इतना परवान चढ़ना ही व्यापारियों को गद-गद कर रहा है। शहर और आस-पास स्थित शराब की दुकानों में पर्याप्त स्टॉक भी है। कोरोना की वजह से जारी लॉकडाउन मे दुकान का शटर तो बंद है, लेकिन अधिक कीमत देने वालों के लिए पिछला दरवाजा खुला हुआ है। नैनपुर की शराब दुकान एवं नगर के लगभग प्रत्येक इलाको में शराब उपलब्ध है।
ना जाने क्यों आपकारी विभाग और पुलिस प्रशासन इस अवैध शराब के धंधे की अनदेखी करता आया है इस संबंध मे पुलिस और आपकारी विभाग ने चुप्पी साधी हुई है एक तरफ से पूरा नगर कोरोना महामारी से मुक़ाबला कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ शराब ठेकेदार पूरे नगर में धड़ल्ले से शराब परोस रहा है, इन्हें शहर की सुरक्षा की भी कोई फिक्र नहीं है। नगर में पुलिस लॉकडाउन को सफल बनाने में लोगों को घरों के अंदर रखने के लिए शक्ति तो बरत्ती है लेकिन शराब के ठेके और नगर के लगभग प्रत्येक वार्ड में बिक रही अवैध शराब पर पुलिस की नजर नहीं जाती।
कोरोना वायरस से फैली महामारी की वजह से पूरे प्रदेश में लॉकडाउन है. एक तरफ जहां सारे व्यापार, उद्योग धंधे बंद हैं वहीं शराब तस्करों की चांदी हो गई है. तस्कर धड़ल्ले से अवैध शराब की बिक्री कर रहे हैं.
नगर के प्रत्येक वार्ड वासियों में महिलाओं एवं वृद्धजनों का कहना है की अवैध शराब का धंधा रोकना आबकारी एवं पुलिस विभाग की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. आपकारी विभाग को स्थानीय पुलिस व प्रशासन की मदद से निरंतर अभियान चलाकर नैनपुर में हो रहे नगर के प्रत्येक वार्ड में अवैध शराब के व्यापार को तत्काल बंद करना चाहिए जिससे नगर में शांति और अमन का माहौल बन सके तथा शराब ठेकेदार पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए जिससे कि दोबारा वह नगर में अवैध शराब का व्यापार ना फैला सके।
नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट

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