रेवांचल टाईम्स :- मंडला जिला आदिवासी बाहुल्य जिला होने के साथ साथ जिले के वनांचल वाले ग्राम जो कि नक्सली प्रभावित भी है जहाँ आज भी निवासियों को मुलभुत सुविधाओं से मोहताज है योजनाएं तो अनेक है पर क्रियान्वयन वाली एजेंसी में खुल के भ्रष्टाचार कर रही जिस कारण गरीब आदिवासियों को मुलभुत सुविधाएं से वंचित रहना पड़ रहा है।
बजनपद पंचायत मवई अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पखवार की पोषक ग्राम, वन ग्राम सठिया जो की जबलपुर रायपुर हाईवे से मवई को जोड़ने वाले मुख्यमार्ग में स्थित बहरमुंडा तिराहा से लगभग 10 किमी अंदर बसा हुआ है चारो ओर से जंगल से घिरा हुआ ग्राम सठिया आज भी पानी, बिजली, मार्ग जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है इस ओर जिम्मेदार आलाधिकारियों का भी ध्यान नही जाता जागरूकता की कमी के कारण क्षेत्र के लोग प्रशासन को अपनी समस्या से अवगत नही करा पाते या करा भी दिया जाता है तो अधिकारी गंभीरता से भी लेते।
मवई - मंडला मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले मार्ग की पुलिया टूटी
बहरमुंडा तिराहे से लगभग 10 किमी लंबी प्रधानमंत्री सड़क में निर्मित पुलिया के छतिग्रस्त हो जाने से आवागमन में भरी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है बारिश के बाद लगातार टूटती पुलिया लोगोब्क लिए सबब बन गई है प्रधानमंत्री आवास निर्माण हो या निजी निर्माण कार्य या शासकीय निर्माण कार्य हो ग्राम सठिया में अभी करना बहुत मुश्किल हो गया मुख्य मार्ग में पुलिया छतिग्रस्त हो गई मकान निर्माण हेतु सामग्री भी नही पहुंच पा रही इट, गिट्टी पुलिया के इसी तरफ तक पहुंच पा रही ही फिर संबंधित व्यक्ति भरी मशक्कत के बाद इसे अपने ग्राम सठिया तक ले जा पाते है ऐसे प्रधान मंत्री आवास निर्माण में हितग्राही को सामग्री परिवहन में दोहरा खर्च का सामना करना पड़ रहा ही ग्रामीणों का कहना ही संबंधित विभाग कब ध्यान देगा अभी तो मोटर साइकिल और अन्य छोटे वाहन निकल ही जा रहे लेकिन धीरे धीरे छतिग्रस्त लगातार हो रहे इस पुलिया से पैदल पार करना भी मुशिक्ल हो जायेगा ऐसे में आने वाले दिनों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है,
पेयजल संकट से जूझता सठिया
जंगल के अंदर बसे ग्राम सठिया में अल्ला अधिकारी नही पहुंचते सार्वजनिक हैंड पंपों की संख्या भी सीमित है और ग्राम के जनसंख्या के हिसाब से बहुत कम है जानकारी अनुसार अभी महीनो से पंप बिगड़ा ही किंतु संबंधित विभाग भी ध्यान नही दे रहा है गर्मी भी शुरू होने लगी है ऐसे में जल की आवश्यकता भी बढ़ जाती है और विभाग समस्या को गंभीरता से भी नही लेता
मोबाइल नेटवर्क की भी समस्या
ग्राम सठिया जो की वन ग्राम है आज के इस आधुनिक युग में भी मोबाइल नेटर्क नही है एक निजी कंपनी का कवरेज मिलता है वो भी ठीक ठाक नही हे जबकि आज के समय में स्वस्थ सेवा लेनी हो या पुलिस सेवा सेवा सबके लिए शासन ने टोल फ्री नंबर जारी कर दी है लेकिन
मवई समेत सम्पूर्ण क्षेत्र में मोबाइल नेटर्क की खासी परेशानी है मवई स्थित बी एस एन एल का नेटवर्क कभी भी बंद हो जाता ही है अभी बुधवार 31 मार्च से फिर मवई क्षेत्र के बी एस एन एल के मोबाइल कवरेज क्षेत्र के बाहर पहुंच गए सम्पूर्ण क्षेत्र एक निजी कंपनी के नेटवर्क के भरोसे ही चल रहा ही जबकि किसी भी शासकीय कार्य, पंचायतों के कार्य बीएनएसएनएल नेटवर्क से ही संभव है जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ जाता है ,
जिला मुख्यालय से अत्यधिक दूरी होने की वजह से आलाधिकारियों ध्यान नही देते और मवई में पदस्थ अधिकांश अधिकारी, कर्मचारी डेली मंडला , बिछिया से अप डाउन करते है इसी वजह से क्षेत्र की व्यवस्थाएं अप डाउन हो गई है_
लक्ष्मी कांत पाठक
स्थानीय युवा मवई
पुलिया टूट जाने से आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है गर्मी के दिनों में ही पुलिया मरम्मत कार्य नहीं कराया गया तो बारिश के दिनों में विकासखंड मुख्यालय सहित मुख्यमार्ग से संपर्क कट जायेगा_
प्रेम सिंह पंद्रे
अध्यक्ष वन सुरक्षा समिति सठिया


No comments:
Post a Comment