रेवांचल टाइम्स - प्रदेश सहित कोरोना संक्रमण पूरे जिले में तेजी से फैल रहा है इससे लोंगो में दहशत बढते जा रही है। इस संक्रमण से कैसे अपना बचाव करना है इसके लिये म0प्र0राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन जनपद पंचायत लांजी से जुड़ी स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा घर-घर जाकर लोगों को कोरोना संक्रमण से कैसे बचाव करना है इसकी जानकारी देकर देश हित में काम किया जा रहा है।
जनपद पंचायत लांजी में 1156 स्व सहायता समूह है एवं 77 ग्राम संगठन बने है। जिसमें 42 दीदीयों द्वारा आनलाईन प्रशिक्षण प्राप्त करके ग्राम स्तर पर स्व सहायता समूह के दीदीयों द्वारा लोगो को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। ताकि लोग संक्रमण के बारे में समझ पाए और उसका पालन करते हुए दूसरो को भी इससे प्रेरित करने में कामयाब हो सके। आजीविका मिशन जनपद पंचायत लांजी के अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा बताया गया कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुडी स्व सहायता समूह की दीदीयों द्वारा अपने गांव में लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के संबंध में जागरूक करने का काम किया जा रहा है। जनपद पंचायत लांजी में 77 पंचायते है। इन समस्त पंचायतों के हर गांव में प्रशिक्षित दीदीयों द्वारा ग्रामीणों को शारीरिक दूरी बनाकर जानकारी दी जा रही है। इस दौरान बताया जा रहा है कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिये वैक्सीन का टीका लगाए इससे डरने की कोई जरूरत नही है।
आजीविका मिशन दीदीयों द्वारा गांव में घर-घर जाकर बताया जा रहा है कि कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर अपने आप की जांच करवाएं, खुद को परिवार से अलग कर लें, तुरंत दवाएं शुरू करें, टेस्ट परिणाम की प्रतीक्षा न करें, पल्स ऑक्सीमीटर के माध्यम से हर तीन घंटे के लिए SPO2 के स्तर की जाँच करते रहें, यह 95 से नीचे नहीं जाना चाहिए, इंफ्रा रेड थर्मामीटर के माध्यम से अपना तापमान जांचे, ब्लड टेस्ट करवाएं, जरूरत पड़ने पर सीटी स्कैन करवाएं और फेफड़ों के विशेषज्ञ से सलाह लें यह पता लगाने कि इस अवस्था में फेफड़ों का संक्रमण है या नहीं। फेफड़ों में संक्रमण अधिक हो तो इसका उन्नत चरण में निदान किया जाता है तो चीजें हमारे नियंत्रण में नहीं हो सकती हैं। किसी भी तरह के लक्षण होने पर इसे नजर अंदाज न करें।
सर्दी, खासी, बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह ले। लाकडाउन का पालन करे, अति आवष्यक काम आने पर ही घर से बाहर जाये, हाथों को बार बार साबुन से धोये, मास्क जरूर लगाए, सैनिटाइज करे व संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में नही आने की सलाह दी जा रही है। स्व सहायता समूह के दीदीयों को समय समय पर राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारी, कर्मचारियों द्वारा मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। इसमें ब्लांक प्रबंधक नरेन्द्र कुमार सोनवाने, सहायक प्रबंधक दिनेश कुमार, राजाराम परते, अतीत फुलमारी, होलेश कुमार पांचे एवं कुशनलाल मटाले का योगदान शामिल है।
रेवांचल टाइम्स बालाघाट से खेमराज बनाफरे की रिपोर्ट


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