शादी सात जन्मों का रिश्ता माना जाता है. ऐसे में लड़की के ही नहीं बल्कि लड़के के परिवार वाले भी बहुत खोजबीन कर अपने बेटे या बेटी की शादी तय करते हैं. कई बार तो लोग दहेज की खातिर रिश्तों को तोड़ देते हैं लेकिन कई बार कुछ और वजह होती है. जिससे लड़की के दरवाजे पर आई हुई बारात वापस लौट जाती है. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से सामने आया है. जहां दो परिवारों के रिश्ते में बंधने से पहले दो के पहाड़े ने बात खराब कर दी तो रिश्ता टूट गया. उसके बाद बारात बिन दुल्हन के ही वापस लौट गई.
दरअसल, शनिवार की शाम दूल्हा बारात के साथ शादी के मंडप में पहुंचा. दुल्हन को पहले से ही उनकी शैक्षणिक योग्यता के बारे में संदेह था, इसलिए दुल्हन ने जयमाला का आदान प्रदान होने से पहले, दूल्हे को 2 का पहाड़ा सुनाने के लिए कहा. दूल्हा पहाड़ा नहीं सुना पाया और उसके बाद शादी रोक दी गई. पनवारी स्टेशन हाउस अधिकारी, विनोद कुमार ने कहा, यह एक अरेंज मैरिज थी और दूल्हा महोबा जिले के धवार गांव का रहने वाला था. दोनों परिवारों के सदस्य और कई ग्रामीण विवाह स्थल पर एकत्र हुए थे. और सभी शादी के बारे में सोच थे, तभी दुल्हन ने मंडप से बाहर निकलते हुए कहा कि वह किसी ऐसे व्यक्ति से शादी नहीं कर सकती,
जिसे गणित की मूल बातें पता नहीं हैं. वहीं दोस्त और रिश्तेदार भी दुल्हन को समझाने में नाकाम रहे. दुल्हन के चचेरे भाई ने कहा कि वे यह जानकर चौंक गए कि दूल्हा अशिक्षित था. उसने कहा, "दूल्हे के परिवार ने हमें उसकी शिक्षा के बारे में अंधेरे में रखा था. वह स्कूल भी नहीं गया होगा. दूल्हे के परिवार ने हमें धोखा दिया है. लेकिन मेरी बहादुर बहन सामाजिक वर्जनाओं के डर के बिना बाहर चली गई." दोनों पक्षों द्वारा गांव के प्रमुख नागरिकों के हस्तक्षेप पर समझौता करने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया. यह सौदा हुआ कि दूल्हा और दुल्हन के परिवार वाले उपहार और आभूषण लौटा देंगे.

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