रेवांचल टाइम्स - दुनिया के वे देश जहां पर स्वास्थ्य सुविधाओं की सर्वोत्तम व्यवस्था है और ऐसे देश जहां स्वास्थ्य सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है वहां पर कोरोना महामारी ने मानव जीवन को हानि पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ा है। इसके बाद भी कोरोना महामारी की रफतार मानव जीवन के लिये भयावह स्थिति में ही दिखाई देती है। हम यदि भारत देश की बात करें तो दूसरी लहर ने देश में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।
मानवीय क्षति का आकलन व कोरोना महामारी से उपचार के लिये आॅक्सीजन व अन्य दवाईयों के लिये जूझते हुये लोगों को आप सभी ने समाचारों व वीडियों में देखा ही होगा। हालांकि भारत में स्वास्थ्य विभाग के कोरोना यौद्धा हो या उपचार में शामिल अन्य लोगों ने अपने अपने स्तर से कोरोना संक्रमितों मरीजों की जान बचाने के लिये प्रयास किया है। वहीं यदि हम मध्य प्रदेश की बात करें तो अप्रैल में कोरोना जो कि तेज गति से दौड़ रहा था वह मई माह के अंतिम तक पैदल चलने की स्थिति में है तो वही उम्मीद है कि जून के प्रथम सप्ताह में कोरोना की स्थिति थम सी जायेगी। मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल कुछ जिलों को छोड़ दिया जाये तो अधिकांश जिलों में रफतार अब कम हो गई है। सरकार ने भी 1 जून से अॅनलॉक की स्थिति विशेष शर्तों पर जारी करने का ऐलान कर दिया है।
अब हम यदि जनजाति बाहुल्य प्रदेश मध्य प्रदेश की करें तो यहां पर कोरोना महामारी से बचाव के लिये एकमात्र उपाय टीकाकरण की करें तो केंद्र सरकार व मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा वैक्सीनेशन के लिये निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। टीकाकरण के लिये जहां पर पहले पंजीयन अनिवार्य था लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाईल आदि की सुविधा न होेने के कारण अब सरकार ने टीकाकरण केंद्रो पर ही पंजीयन कर टीकाकरण की सरल सुविधा प्रदान कर दी है ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणजन टीकाकरण करा सकें। मण्डला जिले की यदि हम बात करें तो ग्रामीणजनों में टीकाकरण को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसके लिये जागरूकता के साथ टीकाकरण अनिवार्य रूप से कराये जाने के लिये सिर्फ सरकार, शासन-प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ही जिम्मेदारी नहीं है वरन समाज सेवकों व बुद्धिजीवियों को विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी पात्र टीकाकरण कराये इसके लिये अपना कर्तव्य निभाकर जिम्मेदार नागरिकों जवाबदारी निभाने की सख्त आवश्यकता है। इसी कड़ी में मंडला जिले सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री वंदना तेकाम भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाती हुई दिखाई दे रही है। गांव-गांव जाकर टीकाकरण को लेकर फैली भ्रम की स्थिति को दूर करने के साथ वैक्सीनेशन के लिये ग्रामीणजनों को जागरूक कर रही है और टीकाकरण के लिये प्रेरित कर रही है जनजाति बाहुल्य जिला मंडला में टीकाकरण अभियान के प्रति ग्रामीण जागरूक करने के लिये गांव-गांव पहुंचने वाली सुश्री वंदना तेकाम से जब गोंडवाना समय ने चर्चा किया तो उन्होंने बताया कि मण्डला जिले में जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कोरोना से बचाव के लिये टीकाकरण अभियान सक्रियता के साथ चलाया जा रहा है। इसके लिये प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनजागरूकता अभियान चलाया जा ने के साथ साथ टीकाकरण शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में किया जा रहा है। वहीं इसके बाद भी टीकाकरण को लेकर कुछ ग्रामीण क्षेत्रो में भ्रम की स्थिति की बनी हुई है। टीकाकरण को लेकर फैले भ्रम को दूर करने के लिये समाज सेवक व बुद्धिजीवियों को आगे आने की सख्त आवश्यकता है। अपने अपने क्षेत्र में टीकाकरण के लिये प्रेरित व समझाईश देने के लिये जिम्मेदार नागरिकों को अपनी जवाबदारी निभानी चाहिये।
वंदना तेकाम ने रेवांचल टाइम्स नैनपुर संवाददाता राजा विश्वकर्मा को बताया कि मैं जब गांव-गांव में टीकाकरण अनिवार्य रूप से कराये जाने के लिये प्रेरित करने हेतु जब जा रही हूं कुछ कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण को लेकर भ्रम की स्थिति अभी भी बनी हई है। कुछ ग्रामीणजनों ने यदि 1 बार टीकाकरण करा लिये तो वह दूसरा टीका नहीं लगवाना चाहते है उन्हें भ्रम है टीकाकरण् से लोगों की जान जा रही है, उन्हें मेरे द्वारा समझाया जा रहा है कि सरकार और प्रशासन कोरोना से बचाव के लिये टीका लगवा रहा है इसलिये आप लोग टीका जरूर लगवाये।
वंदना तेकाम ने बताया कि कुछ गांव की तो ये स्थिति है कि गांव में लोग टीका नहीं धार्मिक आधार पर अपना बचाव का तरीका बता रहे है, उन्हें मेरे द्वारा समझाया जा रहा है कि कोरोना से बचाव का एकमात्र उपाय टीकाकरण ही है और इसके लिये सरकार व प्रशासन द्वारा टीका लगवाने की अच्छी व्यवस्था की गई है इसलिये आप अपने अपने पास में स्थित टीकाकरण केंद्र में जाकर टीकाकरण जरूर करायें।
हम आपको बता दे कि वंदना तेकाम समाजिक कार्यकर्ता विगत वर्ष कोरोना संकट के समय से ही जरूरतमंदों को जहां खाद्य सामग्री, मास्क का नि:शुल्क वितरण करने के साथ ही दूसरे प्रदेशों में प्रवासी श्रमिकों को अपने घर तक पहुंचाने की प्रमुख भूमिका निभाने का कार्य कर चुकी है। वहीं इस वर्ष भी वंदना तेकाम गांव गांव में जरूरतमंदों को मदद करने का कार्य कर रही है। इसके साथ ही वह कोरोना से बचाव का संदेश गाईडलॉइन का पालन करने की जानकारी देने का कार्य कर रही है।
नैनपुर से राजा विश्वकर्मा की रिपोर्ट

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