रेवांचल टाइम्स :- नैनपुर शहर में बांसुरी वादन चौक से लेकर राधा कृष्ण मंदिर तक व्यापारियों द्वारा सड़क पर हो रहा अतिक्रमण लोगों के लिये परेशानी का सबब बना हुआ है। यह सड़क 60 फिट चौड़ी होने के बावजूद अतिक्रमण के कारण यहां रोजाना जाम के हालात बन रहे हैं। वहीं अतिक्रमणकारियों के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। नैनपुर नगर का यह दूसरा व्यस्ततम मार्ग है यहां सभी जरूरी वस्तुओं के व्यापारी उपलब्ध हैं कोरोना काल में लॉकडाउन के चलते सभी दुकाने पूरी तरह बंद थी लेकिन जैसे ही अनलॉक हुआ, अतिक्रमण एकबार फिर से पैर जमाने लगा है। कुछ माह पूर्व नगर के पत्रकारों की शिकायत पर राजस्व विभाग के अधिकारी तहसीलदार एवं नगर परिषद ने संयुक्त रूप से मुहिम चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। इस दौरान सड़क पर लगे अस्थाई दुकानों के सामान जब्त भी किये गये थे, सब्जी एवं फल के ठेले हटाए गये थे। अतिक्रमण हटाने से सड़के चौड़ी नजर आने लगी थी। लेकिन अब फिर से शहर में अनलॉक होते ही अतिक्रमण की भरमार हो गई है। दुकानदार अपनी दुकानों के आगे निर्धारित सीमा से बाहर सामान रखने लगे हैं। ऐसे में सड़क पर चलने के लिये स्थान तो बचता है। लेकिन चौपहिया वाहन निकलने पर जाम के हालात बन जाते हैं। इतना ही नहीं यहां पहुंचने वाले लोग अपने वाहन दुकानों के आगे खड़ा करते हैं। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों को भी आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ती है।
सड़क पर सजती हैं दुकानें
सुबह होते ही सड़क के दोनों किनारे पर सब्जी ठेले व फल वाले का अधिपत्य हो जाता है। सड़क के किनारे व्यापारियों की दुकानों का सामान, तो कहीं फल की दुकानें सज जाती हैं। कोई भी ऐसी जगह नहीं हैं जहां सड़क के किनारे अतिक्रमण नहीं हो। दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण और भीड़ से पिस्ते हर दिन लोग प्रशासन को कोसते हुए इस सड़क से गुजरते हैं।
बाजार के दिन तो यहां का हाल और भी बुरा हो जाता है। बुधवार बाजार लगते ही सड़क पूरी तरह से अतिक्रमित हो जाती है। बीच सड़क पर ठेला लगाकर फल और सब्जी बेची जाती है। लेकिन यह सब देखकर भी अतिक्रमण हटाने के लिये कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। सड़क के किनारे दुकान लगने का मामला संज्ञान में है। ग्राहकों के वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। जिसकी वजह से ग्राहक अपने वाहन दुकानों के सामने रोड पर खड़ा करते हैं। जिससे रोजाना जाम की स्थिति बन रही है।
अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई तो की जाती है, लेकिन वह खानापूर्ति मात्र ही होती है। कार्रवाई होने के 2 या 3 दिन ही सब कुछ व्यवस्थित दिखाई देता है। लेकिन कुछ ही दिन बाद पुनः व्यापारियों द्वारा दुकान का सामान दुकान की हद के बाहर सड़क पर नजर आने लगता है। जिससे रास्ता अधिक सकरा हो जाता है एवं लोगों का इस रास्ते पर चलना दुश्वार हो जाता है वैसे तो इस सड़क की चौड़ाई 60 फीट है लेकिन व्यापारियों द्वारा अतिक्रमण करने की वजह से यह मात्र 20 फिट होकर रह जाती है जिसमें बड़े वाहन, दो पहिया वाहन, एवं पैदल चलने वाले लोगों का भी चलना दुश्वार हो जाता है।
नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट

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