रेवांचल टाइम्स :- मध्य प्रदेश सरकार लाखों दावे करे, लेकिन मंडला जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है।सरकार ने ग्रामीण स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण तो करवा दिया, लेकिन इन अस्पतालों में ना तो कोई डॉक्टर पहुंचते हैं ना ही दवाइयां वितरित होती हैं। और कुछ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का हाल तो ऐसा है जहां जिले वासियों के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था तक नहीं है कई बार शिकायत करने पर भी लोगों की आवश्यकताओं के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं है। जिसके चलते मृत परिवार के परिजनों को शव को ले जाने में अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मध्यप्रदेश में शर्मसार करने वाली ऐसी दो घटनाएं सामने आई हैं जिसने मध्य प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था के खोखले वादों की पोल खोल कर रख दी है।
सरकार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती रेवांचल टाइम्स की एक खास खबर,
सबसे पहले हम उन दो घटनाओं से आपको अवगत कराते हैं जिन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के खोखले वादों की पोल खोल कर रख दी है।
पहली घटना - एंबुलेंस में अवैध शराब की तस्करी
एंबुलेंस में हो रही अबैध शराब की तस्करी जिसकी सूचना पुलिस को मिली वहीं मौक़े में एंबुलेंस से 20 पेटी अग्रेजी गोवा शराब कीमती 1 लाख 50 हजार रूपये की बोलेरो एंबुलेंस साहित जप्त, आरोपियेां की तलाश जारी
जिले मे पदस्थ समस्त राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को रात्रि गस्त के दोैरान सम्पत्ति सम्बंधी अपराधों की रोकथाम हेतु रात में निकलने वाले दुपहिया एवं 4 पहिया वाहनों में सवार व्यक्तियों से पूछताछ एवं संदिग्ध लगने पर वाहन एवं वाहनों की डिक्की की तलाशी हेतु आदेशित किया गया है।
दिनाॅक 18-6-21 की सुबह लगभग 4-30 बजे गस्त के दोरान ओमती पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि एक सफेद रंग की बुलेरो एम्ब्यूलेंस में अवैघ शराब लाकर भरतीपुर में शिवपार्वती मंदिर के पास बेची जाना है। सूचना पर घेराबंदी के दौरान बडी ओमती के पास सफेद रंग की बुलेरो एम्ब्यूलेंस क्रमांक एमपी 20 डीए 2170 को रोकने का प्रयास किया गया, बुलेरो एम्ब्यूलेंस का चालक कट मारते हुये गाडी को लहराते हुये छोटी ओमती तरफ भागा, कन्ट्रोलरूम को सूचित किया गया, एवं बुलेरो एम्ब्यूलेस का पीछा किया गया, तो बुलेरो एम्ब्यूलेंस का चालक वाहन तेज रफतार एवं लापरवाही पूर्वक चलाते हुये छोटी ओमती से तहसील चैक, पुल न. 1, इलाहबाद चैक, पेंटीनाका, गोराबाजार होते हुये, गौर चैराहे के पास एब्यूलेंस को खडा कर चालक भाग गया, तलाशी लेेने पर बुलेरो एम्ब्यूलेंस में 20 पेटी में अग्रेजी गोवा शराब रखी मिली, 20 पेटी अंग्रेजी शराब कीमती 1 लाख 50 हजार की मय बुलेरो एम्ब्यूलेंस जप्त करते हुये बुलेरो एम्ब्यूलेंस के मालिक, चालक एवं अन्य के विरूद्ध 34 (2) आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुये एम्ब्यूलेंस के रजिस्ट्रेशन नम्बर के आधार पर पतासाजी की गयी तो उक्त एम्ब्यूलेंस सुखेदव पिता आनंद लाल पटेल, निवासी सर्वोदय नगर रानीताल के नाम पर रजिस्टर्ड होना एवं समाधान हाॅस्पिटल मे चलने की जानकारी लगी है जिसकी तस्दीक की जा रही है।
दुसरी खबर - मोटरसाइकिल से ले जाया गया शव.
प्राप्त जानकारी के अनुसार बम्हनी मुगदरा के रहने वाले एक व्यक्ति को स्वास्थ्य खराब होने के कारण बम्हनी स्वास्थ्य केंद्र लाया गया और इलाज के चलते उनकी स्वास्थ्य केंद में ही मृत्यु हो गई। जिसके बाद हॉस्पिटल की ऐसी लापरवाही सामने आई कि उस व्यक्ति को शव के लिए कोई वाहन समय मे नही दिया गया जिसके बाद फिर बम्हनी B.M.O डॉक्टर K.C सरौते को जानकारी दि गई इसके बाद भी स्वास्थ्य केंद्र के द्वारा कोई समस्या हल नहीं की गई और ना ही किसी प्रकार की मदद की गई।
बार बार बोलने के बाद भी शासन की योजनाओं या अन्य को मदद न मिलने पर परिजनों को शव वाहन उपलब्ध नहीं हुआ जिसके बाद मजबूरन उस गरीब परिवार को अपने टू व्हीलर मोटरसाइकिल में ही मृत व्यक्ति को बीच में बैठाल कर घर ले जाना पड़ा।
स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए लंबी-चौड़ी बातें करने वाली मध्य प्रदेश सरकार अब सवालों के घेरे में आ चुकी है। सरकार द्वारा स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की तारीफें जरूर सुनने को मिलती है।
लेकिन चरमराई स्वास्थ्य सेवा के कारण मध्य प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली पर प्रदेश की जनता आंसू बहाने को विवश है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली के कारण ग्रामीण अंचल के लोगों को निजी क्लीनिकों पर निर्भर रहने को विवश होना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि जब अस्पताल खुद ही बीमार है तो यहां लोगों का इलाज कैसे संभव हो पाएगा।
सरकार के लिए यह बहुत ही शर्मनाक घटना है कि जहां एंबुलेंस की आवश्यकता है वहां एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाती जिससे विवश होकर मृत परिवार को मोटरसाइकिल की सहायता से शव को अपने घर ले जाना पड़ रहा है।
दूसरी तरफ लापरवाही के चलते एंबुलेंस चालक धड़ल्ले से एंबुलेंस का इस्तेमाल अवैध कार्यों में कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य केंद्रों का हाल किसी से छुपा नहीं है स्वास्थ्य केंद्र के यह हाल हैं कि, अस्पताल में ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों का तो पता ही नही रहता कि कोन कब ड्यूटी कितने समय करता है।
आखिर वही जिले के मूकदर्शक जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने भी कसम खा रखी है कि, केवल वोट के समय ही लोगों की याद करेंगे बाकी समय किसको क्या परेशानी है, या क्या सुविधा की आवश्कता है, इन्हें कोई मतलब नही प्रदेश की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था का आखिर कौन है जिम्मेदार ?
और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था कब सुधारेगी ?
वहीं प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हो रही मनमानी से लोगों को कब निजात मिल सकेगी और कब आएगा सुधार .. यह बड़ा सवाल है ?
✒️ नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट ✒️

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